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नगर निगम ने नामांतरण और टैक्स संबंधी सुधार की प्रक्रिया को बनाया पारदर्शी व सरल, जाने प्रक्रिया

नगर निगम ने नामांतरण और टैक्स संबंधी सुधार की प्रक्रिया को बनाया पारदर्शी व सरल, जाने प्रक्रिया
Jan 22, 2026, 06:35 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : नगर निगम में अब मकानों के नामांतरण (म्यूटेशन) और टैक्स संबंधी विवरणों में सुधार की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होने जा रही है. शासन के निर्देश पर नगर निगम ने नगर निगम (निर्धारण सूची में संशोधन और परिवर्तन) उपविधि 2024 का नया ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इसे निगम की कार्यकारिणी व सदन से इसकी हरी झंडी मिल चुकी है. वहीं शासन से स्वीकृति मिलने पर यह प्रभावी होगी. इस नई व्यवस्था के लागू होने से शहरवासियों को निगम के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी. इसमें अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन होगी.


ऑनलाइन आवेदन और शुल्क संपत्ति के स्वामित्व या विवरण में बदलाव के लिए अब नगर निगम की वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके लिए अधिकतम 100 रुपये का आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है. समय सीमा तय : निर्विवाद प्रकरणों में ऑनलाइन आवेदन के बाद 45 कार्य दिवसों के भीतर निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है. स्व-कर निर्धारण : नए निर्माण या पुनर्निर्माण की स्थिति में भवन स्वामी को 60 दिनों के भीतर स्वयं निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म.1 ) भरकर निगम में जमा करना होगा. मृत्यु के बाद म्यूटेशनः यदि किसी संपत्ति स्वामी की मृत्यु हो जाती है तो उत्तराधिकारी को छह माह के भीतर इसकी सूचना नगर आयुक्त को देनी होगी.


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क्षेत्रफल और संपत्ति के मूल्य के आधार पर शुल्क


क्षेत्रफल के आधार पर : 1000 वर्ग फुट तक के लिए 1000 रुपये, 1001 से 2000 वर्ग फुट तक के लिए 2000 रुपये, 2001 से 3000 रुपये, तथा 3000 वर्ग फुट से अधिक होने पर 5000 रुपये शुल्क जमा करने होंगे. वही प्रकाशन शुल्क 200 रुपये अतिरिक्त देना जमा करना होगा. यदि मूल्य पांच लाख तक है तो 1000 रुपये शुल्क देना होगा. इसी प्रकार पांच लाख से दस लाख तक 2000 रुपये, दस लाख से 15 लाख तक तीन हजार रुपये, 15 लाख से 50 लाख तक पांच हजार रुपये तथा 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य होने पर दस हजार रुपये शुल्क देना होगा. इसके साथ ही 200 रुपये का प्रकाशन शुल्क भी देय होगा. रजिस्ट्री होने के तीन माह के भीतर आवेदन न करने पर विलंब शुल्क का प्रावधान है. यदि देरी छह माह से अधिक होती है तो निर्धारित शुल्क का आठ प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना होगा.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी रवि द्वारा मीडिया के समक्ष एलपीजी संकट को लेकर जारी बयान पर मचे रार के बीच मंद‍िर प्रशासन सामने आया है. मंद‍िर प्रशासन द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया क‍ि रवि केवल हमारे संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता है. उनका काशी विश्वनाथ मंदिर अन्नक्षेत्र की ओर से कोई वेतन संबंध, आधिकारिक दायित्व या अधिकृत प्रतिनिधित्व नहीं है.मीडिया से बातचीत के दौरान रवि ने कहा था कि एलपीजी की कमी के कारण अन्नक्षेत्र में समस्या उत्पन्न हो रही है और भक्तों के लिए भोजन की मात्रा कम की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि इस प्रकार का कोई भी कथन न तो उन्हें देने का अधिकार था और न ही उन्हें वास्तविक स्थिति की सही जानकारी थी. उनका यह वक्तव्य पूर्णतः असत्य और निराधार है. संभवतः उन्होंने यह बयान कैमरे के सामने बोलने के उत्साह या असावधानी में दिया है. रसोई व्यवस्था और अन्नक्षेत्र के संचालन के विषय में काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पहले ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं.अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्थाइस संदर्भ में, सभी मीडिया संस्थानों तथा जनसाधारण से विनम्र अनुरोध किया गया है कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के हास्यास्पद और असत्य वक्तव्यों के आधार पर अनावश्यक सनसनी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न करें. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्नक्षेत्र की रसोई व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और भक्तों को भोजन की सेवा निरंतर जारी है. अन्नक्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं.बताया गया क‍ि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं से बचना आवश्यक है, ताकि भक्तों में कोई गलतफहमी न हो. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य हमेशा से ही भक्तों की सेवा करना रहा है और इस दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे हैं. मंद‍िर प्रशासन की ओर से अनुरोध क‍िया गया है कि इस प्रकार के असत्य बयानों को गंभीरता से न लें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही ध्यान दें.यह भी पढ़ें: नगर निगम ने निजी पार्किंग संचालकों से मांगा ब्यौरा, ई-रिक्शा के लिए बनेंगे 'पिक एंड ड्रॉप प्वांइटकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से सभी भक्तों को आश्वस्त किया जाता है कि अन्नक्षेत्र में भोजन की सेवा में कोई कमी नहीं आएगी और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं. यह भी कहा गया है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना चाहिए और सभी को संयमित रहना चाहिए. मंदिर न्यास ने अपने अन्नक्षेत्र की स्थिति को स्पष्ट करते हुए वर्तमान एलपीजी संकट को खार‍िज क‍िया है.
यूपी: HP के 2 अफसरों की हत्या, DGM और मैनेजर को मारी गोलियां
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Badaun: उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. जिसमें उपमहाप्रबंधक सुधीर गुप्ता (55 साल) और असिस्टेंट मैनेजर सेल्स हर्षित मिश्रा (40 साल) का नाम शामिल है. इतना ही नहीं घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि, हादसे के बारे में जांच शुरू कर दी गयी है.नाराज था आरोपी...हादसे के बाद प्रथम दृष्टया आरोप अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू सिंह पर है. जानकारी के मुताबिक, अजय प्रताप एथेनॉल प्लांट में वेंडर था. कहा जा रहा है कि अजय प्रताप को छंटनी में हटा दिया था जिसके चलते वह सुधीर गुप्ता से नाराज था. वह उन्हें लगातार धमकियां भी दे रहा था. इस संबंध में सुधीर कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी.ALSO READ : मजदूर की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्‍सा, कार्रवाई ना होने पर थाने का किया घेरावअस्पताल में हुई मौत...घटना के बाद दोनों अफसरों को अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फ़ैल गई. जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि वह और पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. जल्द ही मामले की विस्तृत जानकारी सामने लाई जाएगी.ALSOREAD : मजबूत इच्छाशक्ति जीवन की किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम- प्रो. मंगला कपूरसुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरोपी हथियार लेकर प्लांट के अंदर कैसे पहुंच गया. सवाल यह उठ रहा है कि सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को क्यों नहीं रोका और उसकी तलाशी क्यों नहीं ली गई