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चिलचिलाती धूप से लोगों का जीना दुश्वार, काशी घाटों पर छाया सन्नाटा

चिलचिलाती धूप से लोगों का जीना दुश्वार, काशी घाटों पर छाया सन्नाटा
Apr 17, 2026, 06:32 AM
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Posted By Preeti Kumari

The scorching sun made life difficult for the people, and the Kashi Ghats fell silent.


यूपी में अपैल में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी है. पारा 45 डिग्री के करीब पहुंच गया. शुक्रवार सुबह से ज्यादातर जिलों में तेज धूप है, गर्म हवाएं चल रही हैं. गुरुवार (16 अप्रैल) को बांदा का तापमान 44.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. पिछले साल 22 अप्रैल को प्रयागराज का पारा 44.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, यानी, इस बार 6 दिन पहले ही अधिकतम तापमान पिछले साल से ज्यादा पहुंच गया. यही नहीं, 16 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री या इसके पार दर्ज किया गया. प्रयागराज, वाराणसी समेत 50 शहरों में भीषण गर्मी पड़ी. स्कूल जा रहे बच्चे मुंह पर कपड़े बांधे और छाते लिए नजर आए.


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मौसम को लेकर वैज्ञानिक अतुल सिंह ने दी जानकारी


बदलते मौसम के मिजाज को लेकर लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि, प्रदेश में अगले तीन दिनों तक तापमान 2-3 डिग्री बढ़ेगा, इसके बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. हालांकि, इसकी वजह से बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन हवाओं के रुख में बदलाव आएगा. आसमान में बादल छा सकते हैं. गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है. वाराणसी में सुबह का तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया. हवा की रफ्तार करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा रही, मौसम विभाग का कहना है कि अगले 8 दिनों तक तापमान 40 डिग्री के पार बना रह सकता है. वाराणसी में घाटों पर दोपहर में सन्नाटा दिखा। पर्यटकों के नहीं मिलने पर नावें खड़ी हैं.


परहबक


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इस साल ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 15:37 बजे प्रवेश करेंगे. इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 13:33 बजे तक यानी 15 दिन रहेंगे. ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के प्रारंभ के नौ दिन तक नौतपा का प्रभाव रहेगा. यह प्रभाव 25 मई से शुरू होकर दो जून तक रहेगा. इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की सीधी किरणें पड़नी शुरू हो जाती हैं, जिससे इस कालखंड में भीषण गर्मी पड़ती है.


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जानें 4 दिन कैसा रहेगा मौसम


18 अप्रैल- पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। गर्म हवाएं चलेंगी। गर्मी बढ़ेगी।

19 अप्रैल- पूर्वी और पश्चिमी यूपी में आसमान साफ रहेगा। तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज धूप से गर्मी बढ़ेगी।

20 अप्रैल- प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। बारिश या आंधी की चेतावनी नहीं है।

21 अप्रैल- पूर्वी और पश्चिमी यूपी में तेज धूप रहेगी। गर्मी के तेवर और तेज होंगे


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बरेका में भारतीय भाषाओं की पुस्तकों पर हुई चर्चा...
बरेका में भारतीय भाषाओं की पुस्तकों पर हुई चर्चा...
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में राजभाषा पखवाड़ा-2026 के तहत बुधवार को भारतीय भाषा संगोष्ठी एवं पुस्तक विमर्श आयोजित किया गया। राजभाषा विभाग की ओर से हुए कार्यक्रम में कर्मचारियों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं की अपनी पसंदीदा पुस्तकों पर विचार साझा किए।प्रतिभागियों ने पुस्तकों की विषय-वस्तु, उनके संदेश और उपयोगिता पर चर्चा करते हुए पढ़ने के दौरान मिले अनुभव भी बताए। अलग-अलग भाषाओं और विषयों की पुस्तकों पर हुई चर्चा ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और संवादपरक बना दिया। कर्मचारियों ने पुस्तक-पठन को ज्ञान बढ़ाने के साथ ही विचारों को व्यापक बनाने का माध्यम बताया।कार्यक्रम में उप मुख्य विपणन प्रबंधक अनूप मिश्रा और उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी अजय कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई। संगोष्ठी में बरेका के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का आयोजन महाप्रबंधक आशुतोष पंत के दिशा-निर्देशन में तथा मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे के नेतृत्व में किया गया।ALSO READ: काशी विद्यापीठ के एडेड कॉलेजों की शिक्षिकाओं ने खोला मोर्चा, कैशलेस चिकित्सा योजना के बहिष्कार का ऐलान
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वाराणसी : उत्तर प्रदेश के 331 अनुदानित (एडेड) महाविद्यालयों में पिछले 25 वर्षों से चली आ रही दोहरी शिक्षण और दोहरी शुल्क व्यवस्था के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालय इकाई की महामंत्री और महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश समन्वयक डॉ. मनीषा सिन्हा के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन प्रेषित किया है. शिक्षकों का कहना है कि जब तक वेतन सुरक्षा और सेवा शर्तों की सुरक्षा गारंटी नहीं मिलती, तब तक मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना उनके लिए निरर्थक है. इसी के विरोध स्वरूप शिक्षकों ने इस योजना के बहिष्कार का ऐलान किया है.डॉ. मनीषा सिन्हा के अनुसार, प्रदेश के अनुदानित डिग्री कॉलेजों में एक ही परिसर के भीतर दो तरह की व्यवस्थाएं चलाई जा रही हैं:वित्त पोषित पाठ्यक्रम : इसमें सरकार द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे विद्यार्थियों की फीस काफी कम होती है.स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम : इसे सरकार की तरफ से कोई वित्तीय अनुदान नहीं मिलता.\इसके दुष्परिणाम स्वरूप:विद्यार्थियों पर बोझ: स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को सामान्य से 5 गुना अधिक फीस देनी पड़ती है.शिक्षकों का शोषण: इन पाठ्यक्रमों को पढ़ाने वाले उच्च शिक्षित अध्यापकों को बेहद 'अल्प वेतन' (बौद्धिक मजदूरी) पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.शिक्षकों का आरोप है कि वर्तमान सरकार की ओर से पिछले 9 वर्षों में कई बार इस दोहरी व्यवस्था को समाप्त करने और शिक्षकों के विनियमितीकरण या निश्चित मानदेय का ठोस आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया गया. शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि बिना सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन के 'कैशलेस इलाज' जैसी योजनाएं बेमानी हैं. पेट भरने और जीवन यापन के लिए उचित मानदेय पहली प्राथमिकता है.ALSO READ: एनसीएमसी कार्ड से रोपवे को जोड़ने की तैयारी, निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयशिक्षकों ने काशी (महामना की कर्मभूमि) से मुख्यमंत्री से प्रार्थना की है कि नवरात्रि के इस पावन अवसर पर वे अपनी घोषणा से पिछले ढाई दशकों से चली आ रही इस विसंगति का अविलंब समाधान करें. शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि अब तक जनप्रतिनिधियों, शिक्षा मंत्री और शासन स्तर तक सभी लोकतांत्रिक प्रयास किए जा चुके हैं. यदि सरकार जल्द ही इस दोहरी शुल्क व शिक्षण व्यवस्था पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो शिक्षक संगठन के निर्णय के अनुसार प्रदेश स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
एनसीएमसी कार्ड से रोपवे को जोड़ने की तैयारी, निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
एनसीएमसी कार्ड से रोपवे को जोड़ने की तैयारी, निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
वाराणसी: शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक मंडल की हुई 35वीं बैठक में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. नए रूटों पर बस सेवा शुरू और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) से रोपवे को जोड़ना भी शामिल रहा. एनसीएमसी कार्ड से ही रोपवे में भी सफर कर सकेंगे. बैठक में मारकंडेय महादेव, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, बाबतपुर और सिंधोरा जैसे नए रूटों पर बसें चलाने का फैसला किया गया.इससे शहरवासियों और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी. काशी दर्शन बस सेवा का भी कायाकल्प किया जाएगा. इसमें ब्रांडिंग बढ़ाने के साथ-साथ यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होगा. नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड को सिटी बस और निर्माणाधीन रोपवे दोनों से जोड़ा जाएगा. यात्री अब एक ही कार्ड से दोनों सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. प्रस्तावित 250 नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी योजना बनाई गई है. संचालन के लिए वीरापट्टी, आखरी बाईपास, मोहनसराय (ट्रांसपोर्ट नगर) आयर में डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है.ALSO READ : आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से डिजिटल होगी स्वास्थ्य सेवाएं, काशी में विशेषज्ञों ने साझा की कार्ययोजनामंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने पिछली बोर्ड बैठक के निर्णयों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को बसों का संचालन निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार करने का निर्देश दिया. बसों में स्वच्छता और रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया. नगर निगम सिटी बसों के सभी प्रमुख मार्गों पर आधुनिक बस शेल्टरों का निर्माण कराएगा.