Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, वाराणसी में छात्रों का आंदोलन रंग लाया

UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, वाराणसी में छात्रों का आंदोलन रंग लाया
Jan 29, 2026, 01:39 PM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : UGC के नए नियमों को लेकर वाराणसी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से लेकर कचहरी तक बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे और जमकर प्रदर्शन किया. और विद्यापीठ में होने वाली परीक्षाओं को भी रद्द करवा दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगा दी है. जी हां, कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि, ऐसा लग रहा है कि इन नियमों की भाषा में स्पष्टता नहीं है. इसलिए अब इन नियमों की जांच की जरूरत है, ताकि नियमों को सुधारा जा सके और लोगों द्वारा इसके खिलाफ हो रहा विरोध को भी रोका जा सके. जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने इन रेगुलेशन को दोबारा से बनाने का आदेश दिया है, तब-तक के लिए 2012 वाले पुराने नियम ही लागू रहेंगे, जिसका पालन करना हर किसी के लिए अनिवार्य है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.


UGC


सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाने के बाद सभी छात्र प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी.छात्रों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशी जताई और इसे अपनी एकजुटता व संघर्ष की जीत बताया. छात्रों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के लिए नुकसानदायक हैं.उनका आरोप है कि बिना छात्रों और शिक्षाविदों से चर्चा किए नियम लागू करने की कोशिश की गई, जिसके विरोध में वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं.


UGC


ALSO READ : दही खाने से होती है ये दिक्कतें, जाने नहीं तो...

प्रदर्शन के दौरान मौके पर प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा, हालांकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति देखने को नहीं मिली. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छात्रों में उत्साह का माहौल है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक यूजीसी के नियमों पर पूरी तरह रोक नहीं लग जाती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के भोहर गांव के पास बीती रात तेज रफ्तार ट्रक ने ईंट लदी ट्रैक्टर-टॉली को टक्कर मार दी. हादसे में ट्रैक्टर पर सवार अनिल वनवासी (22) की मौत हो गई जबकि उसके पिता पारस बनवासी (44) घायल हो गए. पिता-पुत्र दोनों ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे. टक्कर के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला. पिता ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है.जौनपुर केराकत थाना क्षेत्र के बेहड़ा निवासी पारस और अनिल चंदवक थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर गांव में भट्ठे पर मजदूरी करते थे. रात आठ बजे पिता-पुत्र ट्रैक्टर-ट्राली चालक के साथ ईंट लादकर वाराणसी के लिए निकले. रात 10 बजे आजमगढ़ - वाराणसी मार्ग पर भोहर गांव के पास पिंक हॉस्पिटल के पास सामने से आए तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-टॉली में टक्कर मार दी. ट्रैक्टर-टॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर घायल हो गए. हादसे में अनिल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.ALSO READ : नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तारथाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि पिता पारस बनवासी को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पारस की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. आरोपी ट्रक चालक की तलाश की जा रही है. परिजनों ने बताया कि अनिल का विवाह एक साल पहले ही करिश्मा से हुआ था. एक महीने की मासूम बेटी भी है. परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है.
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी : कोतवाली पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए करीब 10 किलो काजू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने की बात स्वीकार की है।पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कतुआपुरा रामागंज कटरा से गोविन्द कुमार अग्रहरी पुत्र कन्हैया अग्रहरी, निवासी पुराना पुल, सारनाथ को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी के 10 किलो काजू से भरी एक बाल्टी बरामद की गई।पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे नशे की लत है और इसी लत को पूरा करने के लिए उसने चोरी की थी। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 206/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।ALSO READ : लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोलयह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी प्रिन्स तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
वाराणसी : भारी बारिश ने शहरी विकास के दावों की पोल खोल दी है. इसका ताजा उदाहरण लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के बगल में देखने को मिला, जहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक करीब 10 फीट नीचे धंस गया, जिससे मौके पर गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है. यह मार्ग अत्यंत व्यस्त है और यहां प्रतिदिन मरीजों, तीमारदारों, छात्रों तथा आम नागरिकों का आवागमन होता है. हालांकि गड्ढे को बैरिकेड कर दिया गया है. लोगों ने सड़क को दुरुस्‍त करने की मांग की है.मौके की तस्वीरें सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. हाल की भारी बारिश के बाद बीएचयू और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पहले ही सामने आ चुकी है और मरीजों-तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. लोगों का कहना है कि सरकार आधुनिक तकनीक से मजबूत सड़कों और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लंका के मुख्य मार्ग पर सड़क का इस तरह धंस जाना उन दावों की जमीनी हकीकत की पोल खोल रही है.ALSO READ : IMA के प्रस्तावित सात मंजिला नवीन भवन का भव्य भूमि पूजन संपन्नप्रदेश सरकार गड्ढा मुक्त सड़कें बनाने की बात करती है. सवाल है कि जब बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के पास मुख्य सड़क ही करीब 10 फीट धंस जाए, तो आखिर यह गड्ढा किस व्यवस्था की हकीकत को बयां कर रहा है. यह सिर्फ सड़क का गड्ढा नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, भ्रष्टाचार और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला गड्ढा है.महानगर अध्यक्ष, बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क को सुरक्षित कराए, धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराए और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.