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बेजुबान पक्षियों को मिली "नगर निगम" की छाया, लगवाए 2,000 घोंसले

बेजुबान पक्षियों को मिली "नगर निगम" की छाया, लगवाए 2,000 घोंसले
Jun 01, 2026, 11:36 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: चिलचिलाती धूप में इंसान अपने घर से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं. वहीं गर्मी के कहर व कंक्रीट के जंगलों में पक्षियों का भी अब दम घुटने लगा है. इसे देखते हुए नगर निगम ने शहर की शहरी जैव विविधता को बचाने के लिए एक ऐसा मानवीय कदम उठाया है, जिससे न केवल शहर का तापमान कम होने की उम्मीद है, बल्कि बेजुबान पक्षियों को भी जीवन का अधिकार मिल गया है. निगम के इस प्रकृति पोषण अभियान के तहत शहर के पार्कों, सरकारी परिसरों और गली-मोहल्लों में 4,000 जीवन रक्षक सामग्री पहुंचाई गई.


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कंक्रीट के शहर में आशियाना और अमृत की सौगात


भीषण गर्मी और पानी की बूंद-बूंद को तरसते बेजुबान पक्षियों के लिए ये घोंसले और जलपात्र किसी अमृत से कम नहीं हैं. यह पहल दिखाती है कि निगम का विजन केवल विकास तक सीमित नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित है. निगम का यह प्रयास केवल तत्काल राहत देने तक सीमित नहीं है. निगम का लक्ष्य नागरिकों के भीतर प्रकृति के प्रति एक दीर्घकालिक संवेदनशीलता विकसित करना भी है. पेड़ों की छांव में लटके ये नन्हे आशियाने अब शहर की बदलती तस्वीर को बयां कर रहे हैं. काशी के लोग अब केवल मंदिर-घाट के लिए ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति अपनी करुणा के लिए भी पहचान बना रहे हैं, जो एक हरित और संवेदनशील शहर के निर्माण का आधार है.


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पक्षी संरक्षण के लिए शहरवासियों ने भी दिखाई एकजुटता


नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच हमारे पंख वाले दोस्तों के प्राकृतिक आवास सिमटते जा रहे हैं. निगम का यह प्रयास है कि जिस तरह हम राहगीरों के लिए 'प्याऊ' की व्यवस्था करते हैं, ठीक उसी तरह इन बेजुबान जीव-जंतुओं के लिए भी पानी और आश्रय सुनिश्चित हो. यह घोंसले और जलपात्र केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि इस बात का प्रतीक हैं कि हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहना होगा. जनभागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है, और मुझे गर्व है कि काशीवासी इसमें बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं.

बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
बीएचयू में नियुक्तियों में धांधली का मामला, संपत्तियां के नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां...
वाराणसी : बीएचयू में नर्सिंग व गैर-शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेजी पकड़ती नजर आ रही है. मामले में जांच एजेंसियां आरोपितों की संपत्तियों, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और विभिन्न जिलों व राज्यों में फैले उनके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई हैं. जांच का उद्देश्य केवल नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की परतों को सामने लाना भी है.सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जुटाए गए दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नियुक्ति प्रक्रिया में कथित रूप से शामिल लोगों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और आर्थिक लाभ किस माध्यम से पहुंचाया गया. इसके लिए विभिन्न जिलों और राज्यों से भी सूचनाएं जुटाई जा रही हैं.बताया जा रहा है कि जांच में सामने आए कुछ तथ्यों ने एजेंसियों का ध्यान आरोपितों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की ओर खींचा है. इसी आधार पर उनके चल-अचल संपत्तियों, निवेश और अन्य आर्थिक स्रोतों की जानकारी एकत्र की जा रही है. जांच टीम यह भी पता लगाने में लगी है कि क्या नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए अर्जित धन को कहीं निवेश किया गया या अन्य माध्यमों से उपयोग में लाया गया.ALSO READ : वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कुछ नई कड़ियां भी जुड़ सकती हैं. इसी वजह से फील्ड यूनिट और अन्य जांच एजेंसियां लगातार सूचनाएं एकत्र कर रही हैं.जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है. जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे मामले में और खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और संपर्क सूत्रों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं.
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पिंडरा बाइपास स्थित सुरही अंडरपास के पास एक 22 वर्षीय युवती अचेत अवस्था में मिली. राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा भेजा. घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.पुलिस के अनुसार, होश में आने के बाद युवती ने खुद को जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी बताया. युवती ने आरोप लगाया कि वह किसी काम से बाजार आई थी. इसी दौरान उसके पूर्व परिचित दो युवक उससे मिले और उसे नाश्ता कराने के बहाने अपने साथ ले गए. युवती का कहना है कि रास्ते में दोनों युवकों ने उसे लस्सी पिलाई, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और वह अचेत हो गई. युवती ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में दोनों युवकों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. इसके बाद उसे हाईवे किनारे छोड़कर फरार हो गए. युवती के बयान के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.पुलिस के मुताबिक, युवती के शरीर पर चोट के कुछ निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवती अथवा उसके परिजनों की ओर से कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई थी. इसी कारण पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है.ALSO READ : तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...प्राथमिक उपचार के बाद युवती को बेहतर इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया. थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि युवती के लिखित बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस संभावित आरोपितों की पहचान करने और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है.
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.