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ट्विशा शर्मा हत्याकांड: शव को लेकर पुलिस ने कर दिया बड़ा खेला, FIR में निकला ये झोल

ट्विशा शर्मा हत्याकांड: शव को लेकर पुलिस ने कर दिया बड़ा खेला, FIR में निकला ये झोल
May 20, 2026, 01:08 PM
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Posted By Preeti Kumari

Twisha Sharma murder case: Police played a big trick with the dead body, discrepancies were found in the FIR.


ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सामने आई सीसीटीवी फुटेज से लेकर एफआईआर में दर्ज ट्विशा की अलग-अलग उम्र पुलिस जांच में संदेह बनती नजर आ रही हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि मामले की जांच में जुटी पुलिस अभी तक ट्विशा के पति समर्थ सिंह को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. जो काफी चिंताजनक है.


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हत्या या सुसाइड, क्या कहती पुलिस


ट्विशा शर्मा की हत्‍या नहीं हुई, उसने आत्‍महत्‍या की, ये हम नहीं, बल्कि, भोपाल पुलिस अपनी जांच में यही मानकर चल रही है. हालांकि, ट्विशा की मौत से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और इस केस की एफआईआर कई सवाल खड़े कर रही है. सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि CCTV में ट्विशा का शव रात 8 बजकर 20 मिनट पर उतारा जा रहा, तो मौत का समय 10 बजकर 50 मिनट कैसे हो सकता है? इतना ही नहीं, जिस बेल्‍ट से शव ट्विशा का शव टंगा था, पोस्‍टमार्टम कर रहे डॉक्‍टरों को वो भी नहीं दी गई. क्‍या ट्विशा की मौत के मामले में कोई और भी बड़ा ट्विस्ट आने वाला हैं.


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पुलिस की एफआईआर में कई झोल


ट्विशा की मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल बेल्ट को लेकर है. परिवार का कहना है कि जिस बेल्ट से फांसी लगी, उसे पोस्टमार्टम के समय अस्पताल नहीं भेजा गया. भोपाल के पुलिस कमिश्‍नर का कहना है कि, बेल्ट को FSL टीम ने जब्त किया था, लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं भेजा जा सका. इसे लापरवाही कहा जा सकता है और इस पर अलग से जांच होगी. बाद में बेल्ट अस्पताल भेज दी गई और रिपोर्ट भी आ गई. इससे जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा. गर्दन के निशान और बेल्ट का मिलान करना जरूरी था. देरी से अंतिम रिपोर्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है. ऐसे में ये साफ जाहिर हो रहा है कि, ट्विशा की मौत को लेकर लिखी गई पुलिस की एफआईआर में कई झोल नजर आ रहे हैं.


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उचित कार्रवाई होने तक परिजन नहीं लेंगे बॉड़ी


ट्विशा के परिवार ने अभी तक शव को नहीं लिया है. लेकिन एफआईआर में पुलिस ने लिखा है कि डेडबॉडी को परिवार को सौंप दिया गया है. पुलिस ऐसा दावा कैसे कर सकती है? ट्विशा की बॉडी अभी तक मुर्दाघर में ही रखी है. बता दें कि पुलिस ने अब ट्विशा के परिवार को एक पत्र लिखकर शव लेने और अंतिम संस्‍कार करने की मांग की है. पुलिस का कहना है कि ट्विशा की डेडबॉडी मॉच्युरी में रखी-रखी गलने लगी है. इसलिए परिवार को जल्‍द से जल्‍द डेडबॉडी को लेकर अंतिम संस्‍कार कर देना चाहिए. हालांकि, ट्विशा के परिवार का कहना है कि उचित कार्रवाई होने तक वे डेडबॉडी को नहीं लेंगे.


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बरेका में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक
बरेका में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक
वाराणसी. बनारस रेल इंजन कारखाना में बुधवार को प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में कार्मिक विभाग और कर्मचारी परिषद के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई। प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, समस्याओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न विषयों को प्रमुखता से उठाया। कार्मिक विभाग ने परिषद द्वारा रखे गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित शंकाओं का समाधान किया और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।बैठक का उद्देश्य प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद एवं समन्वय को मजबूत करना तथा कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों का समाधानपरक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान कर्मचारियों की सुविधाओं, कल्याण और सेवा संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई।ALSO READ : रक्षाबंधन पर रोडवेज बस में महिलाओं को तीन दिन फ्री यात्रा, सहायक को भी मिलेगा लाभबैठक में उप मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री समीर पॉल, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी श्री राजकुमार गुप्ता, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी श्री एम. ए. अंसारी, सहायक कार्मिक अधिकारी श्री पीयूष मिंज, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप कुमार यादव तथा परिषद के सदस्य श्री अमित कुमार, श्री संतोष कुमार यादव, श्री नवीन कुमार सिन्हा और श्री सुशील कुमार सिंह सहित कार्मिक विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विषयों के समाधान के लिए आपसी संवाद, समन्वय और सहयोग को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया।
रक्षाबंधन पर रोडवेज बस में महिलाओं को तीन दिन फ्री यात्रा, सहायक को भी मिलेगा लाभ
रक्षाबंधन पर रोडवेज बस में महिलाओं को तीन दिन फ्री यात्रा, सहायक को भी मिलेगा लाभ
वाराणसी : प्रदेश सरकार रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को 27, 28 और 29 को अगस्त को रोडवेज बस में फ्री यात्रा कराएगी. महिलाओं के साथ एक अन्य अटेंडेंट को भी इसका लाभ मिलेगा. परिवहन निगम वाराणसी परिक्षेत्र के तहत 500 से ज्यादा बसों का संचालन होगा. बस यात्रा पर जीरो रुपये का टिकट भी परिचालक की ओर से दिया जाएगा. वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.शासनादेश के अनुसार 27 अगस्त की सुबह 6 बजे से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक यह व्यवस्था लागू रहेगी. वाराणसी से यूपी में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज सहित अन्य जगहों पर महिलाएं किसी भी श्रेणी की बस में बैठकर यात्रा कर सकेंगी. इस अवधि में महिला यात्री उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में यात्रा कर सकेंगी. महिला के साथ एक सहयोगी को भी निशुल्क यात्रा की अनुमति होगी. इससे उन महिलाओं को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है जो रक्षाबंधन पर दूसरे शहरों या जिलों में अपने मायके और भाई के घर जाना चाहती हैं. पहले रक्षाबंधन पर सीमित अवधि के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की जाती रही है. इस वर्ष यात्रा की अवधि को तीन दिन तक रखा गया है.ALSO READ : करंट से हुई मौतों को लेकर अजय राय का सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस प्रभावित परिवारों साथ खड़ीरक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में बसों का संचालन किया जाएगा. वाराणसी परिक्षेत्र में पांच सौ से अधिक बसों के संचालन की तैयारी है. यात्रियों की संख्या बढ़ने को देखते हुए बस संचालन को सुचारु बनाए रखने और प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर रखने पर जोर दिया गया है.इस योजना की खास बात यह है कि केवल महिला यात्री ही नहीं बल्कि उसके साथ जाने वाला एक सहयोगी भी निशुल्क यात्रा कर सकेगा.वाराणसी से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण है. लखनऊ कानपुर गोरखपुर प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर संचालित रोडवेज बसों में महिला यात्रियों को निशुल्क यात्रा का लाभ मिलेगा. वाराणसी परिक्षेत्र से पहले भी रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और उनके सहयोगियों ने निशुल्क बस यात्रा की है. वर्ष 2025 में वाराणसी परिक्षेत्र की बसों में तीन दिनों के दौरान एक लाख अस्सी हजार चार सौ छत्तीस महिलाओं और उनके सहयोगियों ने निशुल्क यात्रा की थी. उस दौरान रोडवेज की ओर से दो करोड़ ग्यारह लाख बासठ हजार रुपये का किराया वहन किया गया था. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रक्षाबंधन के दौरान रोडवेज बसों पर यात्रियों का दबाव कितना बढ़ जाता है.
करंट से हुई मौतों को लेकर अजय राय का सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस प्रभावित परिवारों साथ खड़ी
करंट से हुई मौतों को लेकर अजय राय का सरकार पर हमला, बोले- कांग्रेस प्रभावित परिवारों साथ खड़ी
वाराणसी : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने करंट से हुई तीन मौत के बाद सरकार पर हमला बोला. प्रभावित परिवार वालों से मुलाकात कर उन्‍होंने परिजनों को मदद का भरोसा दिलाया. कहा कि वाराणसी में बिजली व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही ने एक बार फिर ‘स्मार्ट सिटी’ के दावों की पोल खोल दी है. उन्‍होंने सिस्‍टम पर सवाल खड़े किए.चेतगंज थाना क्षेत्र के कालीमहल तिराहे पर त्रिलोकी मोदनवाल जी (50) की करंट से मृत्यु हुई. सिगरा थाना क्षेत्र के लल्लापुरा (काजीपुर खुर्द) में पिता-पुत्र की करंट से मृत्यु हो गई. दोनों परिवार वालों से मुलाकात के दौरान अजय राय ने कहा कि इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन दुख की इस घड़ी में कांग्रेस पार्टी परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. कहा आखिर यह कैसी स्मार्ट सिटी है, जहां आम नागरिक को सड़क पर चलते हुए भी करंट लगने का खतरा बना हुआ है.ALSO READ : वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मीडबल इंजन सरकार पर सवाल उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है. बावजूद शहर की बुनियादी विद्युत व्यवस्था इतनी बदहाल है कि करंट उतरने से लगातार लोगों की जान जा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा. सरकार और प्रशासन को जवाबदेही तय करनी होगी. इस दौरान राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन, मनीष मोरोलिया, ओमप्रकाश ओझा, प्रिंस राय मौजूद रहे.कांग्रेस ने सरकार से की मांगकांग्रेस ने मांग की कि दोनों घटनाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. हादसों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और लापरवाह कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए. परिवारों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए. वाराणसी की विद्युत व्यवस्था की व्यापक जांच कराकर जर्जर तारों, खुले कनेक्शनों, बिजली के पोलों और अन्य खतरनाक स्थानों को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी दर्दनाक त्रासदी का सामना न करना पड़े.