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फर्जी सीबीआई आधिकारी बनकर 49 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

फर्जी सीबीआई आधिकारी बनकर 49 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार
Aug 28, 2025, 07:49 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत अंतरप्रांतीय साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर अपराधियों को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया है. यह गिरोह फर्जी ट्राई और सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देता था. पुलिस ने इनके कब्जे से बडी संख्याग में पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं. पुलिस इनके और नेटवर्क को खंगाल रही है.




फर्जी डिजी वारंट दिखाया


मामला वाराणसी के महमूरगंज निवासी सुभाष चन्द्रा की तहरीर पर दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने 11 मई 2025 को साइबर अपराधियों पर 49 लाख 40 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया था. ठगी करने वालों ने खुद को ट्राई और सीबीआई का अधिकारी बताकर फर्जी डिजिटल वारंट दिखाया और गिरफ्तारी का डर पैदा कर पीड़ित से रकम वसूल ली.



शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी के निर्देशन में, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान तथा सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने कई जगहों पर छानबीन और पतारसी की और कड़ी मशक्कत के बाद ग्वालियर से दो आरोपियों को दबोच लिया.



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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिलाष श्रीवास्तव निवासी सुदामापुरी, ग्वालियर और समीर राणा निवासी ग्राम धगौरी, जिला भिण्ड, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है. पूछताछ में पता चला कि गिरोह पीड़ितों से ठगी की रकम फर्जी आरबीआई खातों में डलवाता था और फिर विदेशी साइबर अपराधियों के जरिए विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर क्रिप्टोकरेंसी व अन्य माध्यमों से नकदी में बदल देता था.



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नकदी और बैंक दस्तावेज बरामद


पुलिस ने आरोपियों के पास से 21 बैंक पासबुक, 15 एटीएम कार्ड, 19 चेकबुक, 1 मोबाइल, 12 सिम कार्ड, 1,10,500 रुपये नकद, 3 अकाउंट ओपनिंग फार्म और एक लेखा-जोखा डायरी बरामद की है. पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और विदेशी नेटवर्क की जांच कर रही है.



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विदुष सक्सेना ने क्या बताया


एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया, “वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. यह गिरोह फर्जी ट्राई और सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों को गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लाखों रुपये की ठगी करता था. हमने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और नकदी बरामद की है. गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके विदेशी कनेक्शन की भी गहन जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके.”

वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी: सड़क को वाहन पार्किंग के रूप में उपयोग करने से उत्पन्न जाम की समस्या के खिलाफ कमिश्‍नरेट पुलिस ने कड़ा एक्‍शन लिया है. इस मामले में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. हाल ही में वैवाहिक लान के सामने बरात लगने के दौरान भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे पुलिस को जाम को हटाने में काफी मेहनत करनी पड़ी. पुलिस के प्रयासों के बावजूद यातायात को सामान्य करने में रात के 12 बजे तक का समय लग गया.वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की नहीं कोई व्यवस्था सारनाथ क्षेत्र में अधिकांश वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है. बुधवार को तेज लगन के कारण बरातों का आगमन शुरू होते ही जाम लगना प्रारंभ हो गया. सड़क के किनारे बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों के खड़े होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई. जाम की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और जाम को हटाने में जुट गईं. हालांकि, लोगों को जाम से राहत मिली, लेकिन ट्रैफिक को पूरी तरह से सुचारु करने में मध्य रात्रि हो गई.संचालक के खिलाफ मामला दर्जउपनिरीक्षक राहल कुमार यादव ने सारनाथ थाना में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया. तहरीर में बताया गया कि सुहेलदेव पार्क और रंगोली तिराहा के पास सार्वजनिक मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए गए थे. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि निकटवर्ती टंडन लान के संचालक ने सड़क और फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग कराई थी. सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी लान संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा, जिनके यहां वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है.यह भी पढ़ें: IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहारयातायात प्रबंधन की गंभीरता हुआ उजागरइस घटना ने सारनाथ क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की गंभीरता को उजागर किया है. पुलिस प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है. यह आवश्यक है कि सभी लान संचालक अपने परिसर में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था करें, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े. पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें.
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO,  गंगा में किया नौका विहार
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहार
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स के 87वें संस्करण का शुक्रवार को शुभांरभ हो गया. टेक्‍नेक्‍स में शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना वाराणसी पहुंचे. यहां पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद बेनेडेटो विग्ना ने नाव पर बैठकर गंगा घाट का भ्रमण किया.आर्मी के जवान के संग खिंचाई फोटो वहीं टेक्नेक्स में यूनिट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” कहा. इस पल ने आयोजन को और रोमांच और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश भर दिया. इंजीनियरिंग और डिजाइन को करीब से देखने और समझने का मौका.डांसिंग रोबोट, फेरारी कार और डिफेंस समेत अन्‍य प्रदर्शनी के बीच तीन दिन तक फेस्ट चलेगा. इसमें छात्रों और तकनीक प्रेमियों के लिए नए-नए डेमो और प्रदर्शनी तैयार की गई हैं. टेक्नेक्स के पहले दिन ऑटो एक्सपो और डिफेंस प्रदर्शनी लगी. ऑटो एक्सपो में फेरारी सहित कई लग्जरी कारों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोग इंजीनियरिंग और डिजाइन के सभी पहलुओं को करीब से देख और समझ सके.यह भी पढ़ें: स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्तडिफेंस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स, ड्रोन, नाइट-विजन उपकरण, डिफेंस वाहन और आधुनिक हथियारों को देखने और उठाने का मौका मिला। छात्रों के लिए हैकाथॉन और वर्कशॉप भी आयोजित की गईं.रोबोटिक और तकनीकी डेमो स्वतंत्रता भवन सभागार में ओपनिंग सेरेमनी में यूनीट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट का डांस प्रदर्शन हुआ. इसके साथ ही क्वाड्रुपेड रोबोट और न्यूरो-हेल्थ डिवाइस का लाइव डेमो भी दिखाया गया. जापान की टीम ने 3डी मैपिंग और होलोग्राफिक तकनीक की प्रस्तुति दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्केल्टन डांस ने भी दर्शकों का मन मोह लिया.फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’फेस्ट में थिंक टॉक लेक्चर सीरीज में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना छात्रों के साथ लग्जरी इंजीनियरिंग पर संवाद करेंगे. इसके अलावा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी बीएम करियप्पा, पूर्व स्पेशल फोर्सेस सुशांत सिंह और आईपीएस अमित लोढ़ा भी छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और पब्लिक सर्विस के अनुभव साझा करेंगे. थिंक टॉक के पहले सत्र में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि यह उनका 50वां मौका है, जब वे काशी आए हैं. यह शहर उन्हें बेहद पसंद है. बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’ रखा गया है. इसका अर्थ है ‘रोशनी’, और काशी का भी अर्थ ‘रोशनी का शहर’ है. उन्होंने बातचीत के दौरान फेरारी कारों में इस्तेमाल हो रही तकनीक के बारे में भी जानकारी दी.सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा- फेरारी का अस्तित्व केवल ‘संभावनाओं की सीमाओं को साहसपूर्वक पुनर्परिभाषित करने’ से ही संभव है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अपनी विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए साहस दोनों की समान आवश्यकता होती है.रोबोट ने जवान से कहा जय हिन्‍दयूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” बोलकर खुशी जताई. इस मजेदार और रोमांचक पल ने उपस्थित सभी छात्रों और आगंतुकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश बढ़ा दिया. उद्घाटन के दौरान छात्र यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य रोबोटिक्स डेमो के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. छात्रों ने रोबोट के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचाई, जिससे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बन गया.टेक्नेक्स एडिशन में 1500 IIT छात्र पहुंचेटेक्नेक्स के इस एडिशन में देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं. इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचवाई. रोबोट को चलाने वाले जवान ने बताया- इसमें 5 कैमरे लगे हैं. यह फायर भी कर सकता है.फेस्ट में आर्मी के जवान त्रिनेत्र ड्रोन और ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम भी लेकर आए हैं. त्रिनेत्र ड्रोन भारत में ही बनाया गया है. इसकी लागत 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर दूर तक जा सकता है. यह दुश्मन के ठिकानों का पता लगाता है. वहीं, ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम की कीमत 12 लाख रुपये है. यह 16.5 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर वार कर सकता है. आर्मी का डॉग रोबोट सुल्तान पहुंचा. छात्रों ने रोबोट के साथ फोटो खिंचवाई और रोबोट ने करतब भी दिखाए.‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन: 10 किमी दूर तक दुश्मन पर रखेगा नजर‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस ड्रोन की कीमत करीब 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. भारत में ही बने इस ड्रोन की मदद से दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. भारतीय सेना अब सीमा पर दुश्मन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इसमें सबसे ज्यादा उपयोग ड्रोन का हो रहा है. तीन प्रकार के ड्रोन लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये तक है. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं. ये सभी ड्रोन दिल्ली में बनाए गए हैं और डिफेंस सेक्टर में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इन ड्रोन को एक बार में करीब 2 से 3 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
वाराणसी: नगर निगम अब काशी को केवल साफ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह चकाचक बनाने की तैयारी में जुट गया है. आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में काशी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए निगम सजग है. इस क्रम में गुरुवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यशाला में नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि अब केवल कूड़ा उठाना काफी नहीं है, बल्कि शहर के सुंदरीकरण से जुड़े हर छोटे पहलू पर काम करना होगा.खामियों को चिन्हित कर ठीक कराना विभाग की जिम्मेदारी​कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ​नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और स्वच्छता उनके प्राथमिक एजेंडे में है. ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने और सोर्स सेग्रिगेशन (कूड़े का पृथक्करण) के साथ-साथ शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, वॉल पेंटिंग, जंग लगे खंभों की रंगाई और लटकते बिजली के तारों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए. उन्होंने कहा कि विभाग चाहे कोई भी हो, खामियों को चिन्हित कर उन्हें हर हाल में ठीक कराना हमारी जिम्मेदारी है.​लापरवाही पर लगेगा जुर्माना​कार्यशाला में नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग सफाई के बाद सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं या सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके नहीं देते, उन्हें चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाया जाए. अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में चार श्रेणियों के डस्टबिन और स्टीकर बांटे गए हैं, वहां शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रिगेशन सुनिश्चित करने के लिए लोगों को जागरूक करें.यह भी पढ़ें: महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी​अधिकारियों को मिली चेकलिस्ट और टूलकिट​स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को समझाने के लिए डीपीएम अरविंद कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अंकों के गणित की जानकारी दी. सभी जोनल अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और कर अधीक्षकों को एक निरीक्षण चेकलिस्ट दी गई है. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि समय रहते कमियों को सुधारा जा सके. ​कार्यशाला में मुख्य रूप से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद, मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित जलकल और निगम के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया