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निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर दो व्‍यापारियों से पांच लाख की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर दो व्‍यापारियों से पांच लाख की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज
Apr 22, 2026, 08:45 AM
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Posted By Preeti Kumari

Two businessmen were duped of Rs 5 lakh on the pretext of a hotel under construction, a case was registered.


वाराणसी: अयोध्या में निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर पांच लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. ठगी का अहसास होने पर वाराणसी और चंदौली के दो व्यापारियों ने आरोपी समीर और मनन धवन के खिलाफ चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. थाना प्रभारी विजय शुक्ला ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न थाना क्षेत्रों के अन्य व्यापारियों से भी लाखों की ठगी का आरोप है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. महमूरगंज के संत रघुवर नगर कॉलोनी निवासी व्‍यवसायी शंकर तोदी ने पुलिस को बताया कि उनका मलदहिया में कंप्यूटर और एसेसरीज का व्यवसाय है. 25 मार्च को अनजान नंबर से काल आई. काल करने वाले समीर धवन ने अयोध्या में बन रहे लवकुश रिसॉर्ट के लिए प्रिंटर लैपटॉप, सीसीटीवी चाहिए. उसे बताया कि सीसीटीवी कैमरे का काम करने वाले भी परिचित हैं, उसे मिल जाएगा.


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चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के काली महाल निवासी जावेद का मोबाइल नंबर दिया और बातचीत के दौरान सामान के विवरण दुकान पर नियुक्त कंपनी डेल के प्रतिनिधि आशुतोष पोद्दार को नोट करने को कहा. 382200 रुपये का लैपटॉप और प्रिंटर का ऑर्डर किया. समीर ने कहा कि अगले दिन सामान लेगा और चेक से भुगतान करेगा. 26 मार्च की रात विकास नामक व्यक्ति ने आशुतोष को फोन किया कि ड्राइवर बैंक का चेक लेकर जा रहा है, उसे माल दे दीजिएगा। 197600 रुपये का माल समीर के ड्राइवर घनश्याम को दिया. जब उस चेक को बैंक में क्लीयरेंस के लिए लगाया गया तो वह बाउंस हो गया.


बैंक से मालूम चला कि संबंधित बैंक खाता पिछले दो साल से बंद है. बैंक चेक होटल शुभनील के करंट बैंक खाते से संबंधित था. होटल का कोई पता नहीं चला. कूटरचित दस्तावेज के आधार पर खोले गए बैंक खाते का चेक देकर समीर व मनन धवन ने 197600 रुपये हड़प लिए. दोनों ने वाराणसी के कई व्यापारियों से ठगी की है. वहीं, पीड़ित जावेद ने पुलिस को बताया कि समीर और मनन धवन तीन लाख रुपये के सीसी कैमरे समेत अन्य सामान ले गए और चेक फर्जी दिया.


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रिटायर्ड आरटीओ कर्मी से 5-50 लाख की ठगी


चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही स्थित विवेक नगर में एक रिटायर्ड अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए. जालसाजों ने उनके बैंक खाते से 5.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार, जो परिवहन विभाग (आरटीओ) में सहायक लेखाधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं, का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बीएचयू शाखा में है. 18 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे उनके खाते से अचानक कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5.50 लाख रुपये निकाल लिए गए.


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मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला. इसके तुरंत बाद वह बैंक पहुंचे, जहां जांच के दौरान साइबर फ्रॉड की पुष्टि हुई. बैंक अधिकारियों ने उन्हें राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी. पीड़ित ने हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही चितईपुर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस अब ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है. थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.


 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.