निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर दो व्यापारियों से पांच लाख की धोखाधड़ी, मुकदमा दर्ज

Two businessmen were duped of Rs 5 lakh on the pretext of a hotel under construction, a case was registered.
वाराणसी: अयोध्या में निर्माणाधीन होटल का हवाला देकर पांच लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. ठगी का अहसास होने पर वाराणसी और चंदौली के दो व्यापारियों ने आरोपी समीर और मनन धवन के खिलाफ चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. थाना प्रभारी विजय शुक्ला ने बताया कि आरोपियों पर विभिन्न थाना क्षेत्रों के अन्य व्यापारियों से भी लाखों की ठगी का आरोप है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. महमूरगंज के संत रघुवर नगर कॉलोनी निवासी व्यवसायी शंकर तोदी ने पुलिस को बताया कि उनका मलदहिया में कंप्यूटर और एसेसरीज का व्यवसाय है. 25 मार्च को अनजान नंबर से काल आई. काल करने वाले समीर धवन ने अयोध्या में बन रहे लवकुश रिसॉर्ट के लिए प्रिंटर लैपटॉप, सीसीटीवी चाहिए. उसे बताया कि सीसीटीवी कैमरे का काम करने वाले भी परिचित हैं, उसे मिल जाएगा.

चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के काली महाल निवासी जावेद का मोबाइल नंबर दिया और बातचीत के दौरान सामान के विवरण दुकान पर नियुक्त कंपनी डेल के प्रतिनिधि आशुतोष पोद्दार को नोट करने को कहा. 382200 रुपये का लैपटॉप और प्रिंटर का ऑर्डर किया. समीर ने कहा कि अगले दिन सामान लेगा और चेक से भुगतान करेगा. 26 मार्च की रात विकास नामक व्यक्ति ने आशुतोष को फोन किया कि ड्राइवर बैंक का चेक लेकर जा रहा है, उसे माल दे दीजिएगा। 197600 रुपये का माल समीर के ड्राइवर घनश्याम को दिया. जब उस चेक को बैंक में क्लीयरेंस के लिए लगाया गया तो वह बाउंस हो गया.
बैंक से मालूम चला कि संबंधित बैंक खाता पिछले दो साल से बंद है. बैंक चेक होटल शुभनील के करंट बैंक खाते से संबंधित था. होटल का कोई पता नहीं चला. कूटरचित दस्तावेज के आधार पर खोले गए बैंक खाते का चेक देकर समीर व मनन धवन ने 197600 रुपये हड़प लिए. दोनों ने वाराणसी के कई व्यापारियों से ठगी की है. वहीं, पीड़ित जावेद ने पुलिस को बताया कि समीर और मनन धवन तीन लाख रुपये के सीसी कैमरे समेत अन्य सामान ले गए और चेक फर्जी दिया.
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रिटायर्ड आरटीओ कर्मी से 5-50 लाख की ठगी
चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही स्थित विवेक नगर में एक रिटायर्ड अधिकारी साइबर ठगी का शिकार हो गए. जालसाजों ने उनके बैंक खाते से 5.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार, जो परिवहन विभाग (आरटीओ) में सहायक लेखाधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं, का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बीएचयू शाखा में है. 18 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे उनके खाते से अचानक कई ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5.50 लाख रुपये निकाल लिए गए.
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मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला. इसके तुरंत बाद वह बैंक पहुंचे, जहां जांच के दौरान साइबर फ्रॉड की पुष्टि हुई. बैंक अधिकारियों ने उन्हें राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी. पीड़ित ने हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही चितईपुर थाने में अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस अब ट्रांजेक्शन डिटेल और संबंधित बैंक खातों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है. थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है.



