शहर से बाहर मांस-मछली की दुकान प्रकरण में यूटर्न, नगर निगम प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण...

वाराणसी : शहर से मीट-मांस की दुकानों को बाहर किए जाने के प्रकरण ने नया मोड ले लिया है. कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा उठाए गए सवालों के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, जिसमें मीट और मांस की दुकानों को काशी शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई हो.
हाल ही में विभिन्न माध्यमों से यह चर्चा उठी थी कि मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने दिया था. इस दावे का गुलशन अंसारी ने तुरंत खंडन करते हुए इसे भ्रामक और तथ्यहीन बताया. उन्होंने महापौर और नगर निगम प्रशासन से मांग की थी कि यदि उनके द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए.
गुलशन अंसारी ने कहा था कि यदि नगर निगम के पास ऐसा कोई दस्तावेज है, तो उसे जनता के सामने रखा जाए. अन्यथा, कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास बंद किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि काशी की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घसीटना उचित नहीं है.
लगातार उठ रहे सवालों और तथ्यात्मक स्थिति सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन और महापौर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया.
कांग्रेस ने स्पष्टीकरण का किया स्वागत
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस ने शुरू से ही सच्चाई को सामने लाने का कार्य किया. उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है. राघवेंद्र चौबे ने कहा, “हम नगर निगम और महापौर द्वारा तथ्यों को स्वीकार करने तथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का स्वागत करते हैं. लोकतंत्र में सत्य को स्वीकार करना साहस का काम होता है. कांग्रेस ने केवल जनता के सामने सच्चाई रखने का प्रयास किया था और आज वही सत्य सामने आ गया है.”
उन्होंने कहा कि अब जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, इसलिए उन सभी भ्रांतियों और अफवाहों का भी अंत हो जाना चाहिए, जिन्हें आधार बनाकर कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की नफरत या विभाजन की राजनीति में विश्वास नहीं करती. काशी की पहचान उसकी साझा संस्कृति, आपसी भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब से है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा.
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गुलशन अंसारी ने कहा, “मैंने केवल इतना कहा था कि यदि मेरे नाम पर कोई प्रस्ताव बताया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक किया जाए. आज यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव था ही नहीं. मैं नगर निगम द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने का स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि भविष्य में बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति या दल को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाएगा.” उन्होंने आगे कहा कि मीट-मांस की दुकानों को लेकर जो भी निर्णय लिए जाएं, उनमें सभी पक्षों की राय, व्यापारियों के हित और हजारों परिवारों की आजीविका का ध्यान रखा जाना चाहिए. इस व्यवसाय से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है. इसलिए किसी भी प्रकार की नीति बनाते समय मानवीय और आर्थिक पक्षों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए.



