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केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विज़न, वाराणसी को बड़ी सौगात

केंद्रीय बजट 2026-27: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विज़न, वाराणसी को बड़ी सौगात
Feb 01, 2026, 09:25 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. इस बजट का मुख्य उद्देश्य ‘विकसित भारत’ का विज़न साकार करना है, जिसमें तीन प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं:

  1. आर्थिक वृद्धि
  2. लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना
  3. सबका साथ, सबका विकास


काशी,जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, इस बजट में विशेष परियोजनाएं और निवेश प्राप्त करेगा.यह शहर की इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जल परिवहन में नई रफ्तार ला सकता है.


हाई-स्पीड रेल और ग्रीन कॉरिडोर


रेल


  1. देशभर में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना
  2. वाराणसी के प्रमुख कॉरिडोर:
  3. दिल्ली – वाराणसी
  4. वाराणसी – सिलीगुड़ी
  5. पांच प्रमुख शहरों में हाई-स्पीड ग्रीन कॉरिडोर से ट्रैफिक जाम कम होगा और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को बल मिलेगा.


20 नए जलमार्ग और पर्यटन योजना


  1. 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने का प्रावधान।
  2. व्यापार, माल ढुलाई और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
  3. पश्चिमी और पूर्वी तटों को जोड़ने वाले औद्योगिक कॉरिडोर और ई-बस नेटवर्क तैयार होंगे.


शिक्षा और महिला सशक्तिकरण


  1. हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास.
  2. AVGC सेक्टर में 15,000 कंटेंट लैब की स्थापना.
  3. खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल प्रतिभाओं के लिए प्रशिक्षण और इन्फ्रास्ट्रक्चर.
  4. NIMHANS-2, रांची और तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन.


आर्थिक सुधार और MSME को बढ़ावा


  1. MSME विकास निधि: 10,000 करोड़ रुपये
  2. Ease of Doing Business के तहत नियमों का सरलीकरण।
  3. बायोफार्मा उद्योग में निवेश और नए अनुसंधान संस्थानों की स्थापना।
  4. सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये।


राजकोषीय और कर सुधार


  1. राजकोषीय घाटा: GDP का 4.3%
  2. ऋण-GDP अनुपात: 55.6%
  3. नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से लागू.
  4. TCS दरों में कटौती और नियमों का सरलीकरण.


बजट 2026-27: कर सुधार और सीमा शुल्क

नई कर प्रणाली और सुधार


  1. नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 2026 से लागू.
  2. सरलीकृत आयकर नियमावली और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित.
  3. आम नागरिक इसे आसानी से पालन कर सकेंगे.


TCS और टीडीएस में बदलाव


  1. विदेश यात्रा पैकेज पर TCS: 5% और 20% से घटाकर 2%.


  1. शिक्षा और चिकित्सा के लिए एलआरएस योजना में TCS: 5% से 2%.


  1. सेवा आपूर्ति पर टीडीएस दर: 1% या 2%.


  1. छोटे करदाताओं के लिए कम या शून्य कटौती प्रमाण-पत्र.


  1. कर विवरण दाखिल करने की समयसीमा: 31 दिसंबर से 31 मार्च तक बढ़ाई गई.


विदेशी और छोटे करदाता

  1. छात्रों, युवाओं, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य छोटे करदाताओं के लिए विदेशी परिसंपत्ति कटौती योजना (6 माह).
  2. दंड और अभियोजन को सरल और यूसंगत बनाने का प्रस्ताव.
  3. पूर्व-भुगतान दर: 20% से घटाकर 10%.


सहकारिता और लाभांश

  1. सहकारी समितियों के लिए उत्पादक पशुचारा और कपास बीज की आपूर्ति.
  2. अंतर-सहकारी लाभांश आय पर सीमा तक कटौती.
  3. 31 जनवरी 2026 तक किए गए निवेश पर 3 साल की छूट.


IT और सॉफ्टवेयर सेक्टर

  1. IT सेवाओं, सॉफ़्टवेयर विकास और R&D सेवाओं पर समान सेफ हार्बर 15.5%.
  2. सीमा बढ़ाकर 300 करोड़ से 2000 करोड़ रुपये.
  3. APA प्रक्रिया को 2 साल में तेज़ करने का प्रस्ताव.


विदेशी निवेश और वैश्विक कंपनियां

  1. 2047 तक वैश्विक डेटा सेवा कंपनियों को कर राहत.
  2. इलेक्ट्रॉनिक विनिमय और बांडेड वेयरहाउस: 2% छूट.
  3. टोल विनिमय: 5 साल की छूट.
  4. गैर-भारत स्रोत आय वाले विशेष निवासियों को भी छूट.


सीमा शुल्क सुधार

  1. नागरिक और रक्षा विमानों के पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क में छूट.
  2. घरेलू छूट (DTA) को एक समान श्रेणी में शामिल.
  3. आयातकों को सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के लिए 30 दिन का समय.
  4. AI तकनीक के उपयोग से गैर-सीविलिकरण और जोखिम आधारित लेखा परीक्षा.
  5. छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपये तक की सीमा हटाई गई.


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व्यापार करने में सुगमता

  1. सरकारी एजेंसियों के अनुमोदन प्रक्रियाओं को डिजिटल और एकीकृत किया जाएगा.
  2. CIS प्लेटफॉर्म 2 साल में लागू.
  3. अंतरराष्ट्रीय यात्रा में सामान निकासी के नियम आसान होंगे.
  4. ईमानदार करदाता विवाद निपटान के लिए अतिरिक्त राशि देकर मामला बंद कर सकते हैं.
पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर
पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर
वाराणसी: पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख अब तल्‍ख होने लगा है. इसके चलते अब धीरे धीरे वातावरण में गर्मी का रुख प्रभावी होता जा रहा है. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुसार अब ठंडक का असर बीत चुका है. मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण में गर्मी का रुख धीरे धीरे प्रभावी होने लगा है वह अब सप्‍ताह भर के बाद प्रभावी हो जाएगा. मौसम व‍िभाग ने हालांक‍ि इस पूरे सप्‍ताह मौसम के रुख में कुछ खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में बादलों की सक्र‍ियता भी अब नहीं है.वातावरण में गर्मी का घुलने लगा असर शन‍िवार की सुबह वातावरण में हल्‍की ठंंडक और कुछ बदली की सूरत बनी हुई थी लेक‍िन सूरज का ताप सात बजे के बाद से प्रभावी होना शुरू होने के बाद वातावरण में गर्मी का असर घुलने लगा. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुरूप ही हवाओं का रुख भी कुछ सुस्‍त रहा. हालांक‍ि दि‍न में सतही हवाओं के चलने का अनुमान है. फगुआ हवाओं का रुख दोपहर में ही प्रभावी हो रहा है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले सप्‍ताह के बाद पछुआ का जोर भी पूरी तरह से थमने के साथ पुरवा का जोर नजर आने लगेगा.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी की महिलाएं दे रहीं आत्‍मर्निरता की नई मिसालबीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 32.3°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.7 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस अध‍िक रहा. न्‍यूनतम तापमान 17.8°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.0 ड‍िग्री अध‍िक रहा. आर्द्रता इस दौरान न्‍यूनतम 49% और अध‍िकतम 74% दर्ज क‍िया गया. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में आसमान साफ है और वातावरण का रुख शुष्‍क हो चला है. वातावरण में आर्द्रता और तापमान में इजाफा होने पर बादलों की सक्र‍ियता का रुख दोबारा हो सकता है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बदल भी सकता है.
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी की महिलाएं दे रहीं आत्‍मर्निरता की नई मिसाल
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी की महिलाएं दे रहीं आत्‍मर्निरता की नई मिसाल
वाराणसी: महिला सशक्‍तीकरण की दिशा में काशी की महिलाएं अग्रसर हैं. इसी परिप्रेक्ष्‍य में महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं. मिर्जामुराद क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भरता की इबारत लिख रही हैं. गैर सरकारी संस्‍था लोक समिति से जुड़ी इन महिलाओं ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और अपने बच्चों को पढ़ाकर अफसर बनाने के संकल्प के साथ ई-रिक्शा चलाने का जिम्‍मा अपने कंधों पर लिया है.आराजी लाईन क्षेत्र की सीता, शारदा, अनीता और सुमन ने ई-रिक्शा चालक बनकर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और हौसले के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं. उनका यह कदम न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रहा है. इस निर्णय में उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए VIP व्‍यवस्‍थापिलोरी गांव की शारदा ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बड़े अधिकारी बनें. इसी उद्देश्य से उन्होंने यह काम शुरू किया है और अपनी आय का अधिकांश हिस्सा बच्चों की पढ़ाई में खर्च करेंगी. बेनीपुर गांव की अनीता ने बताया कि घर की आर्थिक तंगी के चलते वह बहुत परेशान थीं, लेकिन लोक समिति स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ई-रिक्शा चलाने का निर्णय लिया.शुरू में उन्हें गाड़ी चलाने में डर लगता था, लेकिन अब वह निडरता से गाड़ी चला लेती हैं, जिससे उन्हें बहुत हिम्मत मिली है. हरसोस गांव की सीता ने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों को गाड़ी से खाना पहुंचाने में उन्हें बहुत अच्छा लगता है, जिससे प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी ई-रिक्शा चलाने के लिए उत्साहित हैं.ई-रिक्शों के माध्यम से बढ़ी रोजगार लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में कार्यरत सामाजिक संस्था लोक समिति को जोमैटो फीडिंग इंडिया की ओर से चार नए ई-रिक्शा उपहार स्वरूप प्राप्त हुए हैं. इन ई-रिक्शों के माध्यम से जनता रसोई घर में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बेनीपुर और कुरौना सेक्टर के 11 गांवों के 78 आंगनबाड़ी केंद्रों तक प्रतिदिन लगभग 2000 बच्चों के लिए नाश्ता और भोजन पहुंचा रही हैं. उन्होंने बताया कि कुछ माह पूर्व फीडिंग इंडिया के सीईओ अजीत सिंह लोक समिति आश्रम नागेपुर आए थे, जहां उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित कम्यूनिटी किचन के कार्यों की सराहना की थी. उसी दौरान उन्होंने महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए VIP व्‍यवस्‍थाइसके बाद आशा ट्रस्ट और लोक समिति के सहयोग से महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया गया. ग्रामीण क्षेत्र में पहली बार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर बच्चों तक भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही हैं. समूह की महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में सहयोग के लिए फीडिंग इंडिया का आभार व्यक्त किया.
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए VIP व्‍यवस्‍था
अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए VIP व्‍यवस्‍था
वाराणसी: काशी विश्‍वनाथ धाम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस बार 8 मार्च 2026 को सभी महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई है. इस विशेष व्यवस्था के अंतर्गत द्वार संख्या 4-बी से सभी महिलाओं को, चाहे वे काशी की निवासी हों या बाहर से आई हों, निःशुल्क प्रवेश प्रदान किया जाएगा. इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा.मंदिर के अधिकारी विश्‍व भूषण मिश्र ने बताया कि इस व्यवस्था में गोद में बच्चों को लिए हुए सभी महिलाओं (चाहे बालक हो या बालिका) को प्राथमिकता दी जाएगी. इन महिलाओं को विशेष रूप से दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके लिए किसी प्रकार का टिकट या शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे सभी माताएं और महिलाएं बिना किसी बाधा के भगवान के दर्शन कर सकें. उल्लेखनीय है कि प्रातःकाल 4:00 से 5:00 बजे तथा सायंकाल 4:00 से 5:00 बजे तक का समय काशीवासियों के लिए आरक्षित रहेगाृ. इस दौरान पूर्ववत विशेष दर्शन व्यवस्था यथावत जारी रहेगी. शेष समय में सभी महिलाओं के लिए द्वार संख्या 4-बी से यह विशेष प्रवेश व्यवस्था उपलब्ध रहेगी, जिससे वे आसानी से दर्शन कर सकें.यह भी पढ़ें: केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के निशाने पर BHU और IIT, 200 से अधिक नियुक्तियों की जांच तेजइस बाबत काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से यह कामना की गई है कि भगवान विश्वनाथ की कृपा एवं मातृशक्ति का आशीर्वाद संपूर्ण मानवता तथा भगवान शिव के सभी भक्तों पर सदैव बना रहे. इस विशेष अवसर पर मंदिर न्यास समस्त मातृशक्ति, सनातन धर्मावलंबियों एवं भगवान विश्वनाथ के सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना करता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह विशेष आयोजन महिलाओं के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जा रहा है.