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उन्नाव रेप कांड: सजा स्थगन पर वाराणसी में महिलाओं का आक्रोश, निकाला प्रतिरोध मार्च

उन्नाव रेप कांड: सजा स्थगन पर वाराणसी में महिलाओं का आक्रोश, निकाला प्रतिरोध मार्च
Dec 26, 2025, 10:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - उन्नाव रेप कांड में उम्रकैद की सजा काट रहे भाजपा नेता और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा स्थगित किए जाने के विरोध में शुक्रवार को दखल संगठन ने वाराणसी में प्रतिरोध मार्च निकाला. कचहरी के समीप अम्बेडकर पार्क से जिला मुख्यालय तक काली पट्टी बांधकर सैकड़ों महिलाओं ने न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए और अक्रोश व्‍यक्‍त किया. प्रदर्शनकारियों ने दोषी को किसी भी तरह की राहत न देने और पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. हाथ में पोस्‍टर और तख्तियां लिए महिलाओं ने इस दौरान लैंगिक हिंसा, उत्पीड़न, दुष्‍कर्म के खिलाफ नारे लगाए. महिलाओं के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दी गई थी. पुलिस ने माइक से घोषणा की कि विरोध प्रदर्शन तत्काल खत्म किया जाय नही तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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संगठन से जुडी एकता ने बताया कि उन्नाव रेप कांड उत्तर प्रदेश के सबसे जघन्य और चर्चित मामलों में से एक रहा है, जिसने सत्ता, पुलिस और न्याय व्यवस्था की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. ज्ञातव्य है कि वर्ष 2017 में उन्नाव जिले की एक नाबालिग लड़की के साथ तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दुष्‍कर्म किया. पीड़िता और उसके परिवार को धमकियाँ, झूठे मुकदमे, और हिंसा का सामना करना पड़ा. पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध मौत हुई. 2019 में पीड़िता के साथ हुए संदिग्ध कार हादसे में उसकी दो चाचियों की मौत हुई. वकीलों तक को धमकियां मिली. भारी जनदबाव और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद मामला सीबीआई को सौंपा गया और दिल्ली स्थानांतरित हुआ. उन्नाव में ये दबंगई और दमन खुलेआम होती रही.


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प्रतिरोध मार्च में शामिल नारीवादी कार्यकर्ता स्मिता ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2020 में दिल्ली की अदालत ने कुलदीप सेंगर को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी. अभी उच्च न्यायालय ने सेंगर की सजा में स्थगन आदेश जारी किया है. दखल संगठन की जागृति राही का कहना था कि मीडिया रिपोर्ट की माने तो सीबीआई सुप्रीम कोर्ट में सजा में स्थगन आदेश का प्रतिरोध करने जा रही है. हम इस पहल का स्वागत करते हैं, लेकिन सत्ता प्रशासन पार्टी के इस गठजोड़ में पिस रही पीड़िता और महिला अस्मिता पर चिंताग्रस्त हैं.


ADR की रिपोर्ट का दिया हवाला


वक्‍ताओं ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि सत्ता में बैठी भाजपा में उन सांसदों और विधायकों की संख्या सबसे अधिक (54) है जिनके खिलाफ महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामले दर्ज हैं. बानगी के तौर पर हम प्रज्वल रेवन्ना (पूर्व सांसद, JDS - NDA सहयोगी) का नाम ले सकते हैं. इन साहब ने एक महिला से बार-बार बलात्कार किया और अश्लील वीडियो बनाया. कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी. यूपी के बाहुबली नेता बृजभूषण शरण सिंह पर महिला कुश्ती खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का मामला खूब चर्चित रहा. आशाराम , रामरहीम आदि कई बाबाओं की भी लंबी सूची है जिन्होंने अपने आश्रमों में दुष्‍कर्म किए और लड़कियों को कैद करके रखा. आईआईटी बीएचयू छात्रा के गैंगरेप का भी जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी भाजपा सोशल मीडिया टीम के पदाधिकारी रहे.


यह सब दर्शाता है कि जब आरोपी सत्ता में होता है, तो पीड़िता को न्याय पाने के लिए कितनी लंबी और दर्दनाक लड़ाई लड़नी पड़ सकती है. उन्नाव रेप कांड से लेकर आईआईटी BHU गैंगरेप तक, ये सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता और महिलाओं के खिलाफ संरचनात्मक हिंसा का प्रतीक बनकर आज की तारीख में देश और समाज के सामने खड़े हैं.


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दखल संगठन की मांग


1 दोषी कुलदीप सेंगर को किसी भी प्रकार की राहत या विशेष सुविधा न दी जाए.

2 पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.

जब तक महिलाओं को बिना डर के न्याय नहीं मिलेगा, तब तक ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज़ उठती रहेंगी. उन्नाव रेप कांड हमें याद दिलाता है कि चुप्पी अपराधियों को और मजबूत करती है.


कार्यक्रम का संचालन मैत्री के द्वारा किया गया. प्रतिरोध मार्च और सभा में प्रमुख रूप से नीति, मैत्री, जागृति राही, आर्या, टैन, एकता, सुजाता, स्मिता, प्रियंका, धनंजय, रूमान, अनूप, रवि, कृष्णा, सिस्टर फ्लोरीन मुकेश, अरविंद, कमलेश आदि शामिल रहे.

नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी,  बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल के चुनावी नतीजों ने केपी ओली की बढ़ाई बीपी, बालेन शाह ने मारी बाजी
नेपाल में बीते गुरुवार को हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद से वोटों की गिनती आज सुबह से शुरू हो चुकी है. पिछले साल हुए Gen-Z हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद से यह देश में पहला आम चुनाव हुआ है. जो 77 सतहत्तर जिलों में 23 हजार केंद्रों पर मतदान हुआ, इसके आने वाले नतीजों पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई है. ये वहीं विरोध प्रदर्शन है जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार गिर गई थी. बता दें, नेपाल में हुए आम चुनावों में लगभग 60 प्रतिशत वोटिंग हुई है. चुनाव में पूर्व पीएम केपी शर्मी ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल यानि (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) सीपीएन (यूएमएल), शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस और पुष्प दहल प्रजंड की CPN (माओइस्ट सेंटर) के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है. जहां बालेन शाह की पार्टी आरएसपी ने 69 उनहत्तर सीटों से ज्यादा की बढ़त बनाती नजर आ रही है. वहीं केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन यूएमएल केवल 5 सीटों पर आगे चल रही है.बालेन शाह की सुनामी के आगे बिखरे ओलीवहीं, नेपाली कांग्रेस भी 5 सीटों पर ही अपनी बढ़त बनाए हुए है. तो वहीं, नेपाली कम्‍युनिस्‍ट पार्टी 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. केपी ओली खुद भी बालेन शाह की सुनामी के आगे पिछड़ते ही जा रहे हैं. काठमांडू के मेयर रह चुके पूर्व रैपर बालेंद्र शाह यानि (बालेन) करीब 6100 (इकसठ) सौ वोटों से ओली से आगे चल रहे हैं. बालेन की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी भी इस चुनावी मैदान में हुंकार भरती नजर आई हैं. युवाओं में बेहद लोकप्रिय बालेन नेपाल के पुराने दिग्गजों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.49 (उनचास) साल के गगन थापा भी प्रधानमंत्री बनने की रेस में हैं. वह नेपाली कांग्रेस में टूट के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी के नए प्रमुख हैं. आपको बता दें, बलेंद्र शाह यानि (बालेन शाह) नेपाल के एक प्रमुख युवा राजनेता, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और पूर्व रैपर हैं, जिन्होंने मई 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में चुनाव जीतकर इतिहास रचा था. लेकिन इस साल जनवरी 2026 में मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद से वह अब 2026 के आम चुनावों के लिए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानि(RSP) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चर्चा में हैं.यह भी पढ़े: इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चागजब की बात तो यह है कि, नेपाल में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बंपर जीत की ओर बढ़ रही है. Gen-Z के फेवरेट बालेंद्र शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली को काफी पीछे छोड़ दिया है. कोसी, मदेश, बागमती, लुंबीनी लगभग सभी प्रांतों में राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी बढ़त बनाए हुए है. बता दें. मतगणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर सीधे 165 सीटों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी करने का दावा किया है. नेपाल के आम चुनाव के शुरुआती रुझान सियासी समीकरण बदलने के संकेत दे रहे हैं। शुरुआती आंकड़ों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पारंपरिक दलों को कड़ी चुनौती देती दिख रही है। करीब 60 फीसदी मतदान के बीच केपी शर्मा ओली और गगन थापा जैसे बड़े नेता भी चुनावी मैदान में हैं। इस चुनाव में भ्रष्टाचार और सिस्टम में बदलाव सबसे बड़े मुद्दों के तौर पर उभरकर सामने आए हैं
इंग्लैंड के वेलिंगबोरो के मेयर की महापौर से शिष्टाचार भेंट, शहरी विकास पर हुई चर्चा
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वाराणसी: इंग्लैंड केवेलिंगबोरो नगर के मेयर राज मिश्रा ने आज वाराणसी प्रवास के दौरान वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी से उनके कक्ष में शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर महापौर द्वारा उन्हें अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया. इस दौरान नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित नगर निगम के पार्षदगण भी उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान दोनों जनप्रतिनिधियों के मध्य शहरी विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई.उल्लेखनीय है कि राज मिश्रा वर्तमान में इंग्लैंड के वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के मेयर हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के निवासी हैं तथा 13 मई 2025 को वेलिंगबोरो टाउन काउंसिल के पाँचवें मेयर के रूप में निर्वाचित हुए. उनका कार्यकाल 13 मई 2025 से 13 मई 2026 तक है. वे यूनाइटेड किंगडम की प्रमुख राजनीतिक पार्टी Conservative Party से जुड़े हुए हैं.किसान परिवार में जन्मे श्री राज मिश्रा ने चंडीगढ़ से बी.टेक तथा लंदन से कंप्यूटर साइंस में एम.टेक की डिग्री प्राप्त की है. इसके अतिरिक्त उन्होंने Massachusetts Institute of Technology से डेटा साइंस में प्रमाणन भी हासिल किया है. राजनीति में आने से पूर्व वे सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों तक कार्यरत रहे तथा यूके के रक्षा मंत्रालय एवं बैंकिंग सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.यह भी पढ़ें: अब चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़ा निस्तारण, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्सअपने वर्तमान कार्यकाल में उन्होंने स्थानीय चैरिटी Veterans Community Network तथा Louisa Gregory’s Hospice Campaign को सहयोग देने का संकल्प लिया है. इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2025 में उन्होंने उत्तर प्रदेश में एआई डेवलपमेंट सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत लगभग 2500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की घोषणा भी की थी. इस अवसर पर उपस्थित पार्षदगण में सुरेश कुमार चौरसिया, सिंधु सोनकर, मदन दूबे, प्रवीण राय, सुरेश पटेल आदि जनप्रतिनिधियों ने दोनों नगरों के मध्य सहयोग एवं संवाद को भविष्य में और सुदृढ़ करने की आशा व्यक्त की. स्वागत जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने किया.
अब चार रंगों के डस्टबिन से होगा कूड़ा निस्तारण, भवन स्वामियों को मिलेंगे चार प्रकार के बिन्स
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वाराणसी: नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैकिंग के लिए लगातार प्रयासरत है. हालांकि इसके लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है. इसे देखते हुए निगम अब प्रत्येक वार्ड में चार अलग-अलग श्रेणियों के डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर वितरित करने का निर्णय लिया है ताकि शतप्रतिशत कूड़े का पृथ्थक्कीकरण (सोर्स सेग्रिगेशन) किया जा सके.स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम का लक्ष्य है कि 'सोर्स सेग्रिगेशन' यानी घर से ही कचरा अलग-अलग होकर निकले. इसके लिए जागरूकता स्टिकर घरों के बाहर लगाए जा रहे हैं. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जो नागरिक इस नियम का पालन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और जो सहयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें स्वच्छता के नियमों का पाठ पढ़ाया जाए. इस क्रम में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्वास्थ्य विभाग से प्रत्येक वार्ड के लिए चार रंगों के कूड़ेदान (बिन्स) जारी देने का निर्देश दिया है. उन्होंने अभियान के पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के कम से कम 30 ऐसे भवन स्वामियों को चिन्हित करने जो शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्करण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तत्पर हैं.यह भी पढ़ें: वरिष्ठ नाटककार, रंगकर्मी और निर्देशक नाट्य मोतीलाल गुप्ता का निधनइन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए भी जा रहे हैं, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हो सकें. अपर नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कूड़ा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वह डस्टबिन वितरण और स्टिकर चिपकाने की फोटो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराएं. इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए वाट्स-एप ग्रुप और निर्धारित प्रारूप का उपयोग किया जा रहा है. अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे वार्डों में जाकर सीधे लोगों को गीला, सूखा और हानिकारक कचरा अलग रखने के लिए जागरूक करें.