वाराणसी-चंदौली के बीच चलती ट्रेन में एक और हत्या, बिहार के यात्री को मारी गोली

वाराणसी: चलती ट्रेन में एक और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. वाराणसी - चंदौली के बीच कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के एस -2 बोगी में यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई. गोली सिर में लगते ही यात्री ने दमतोड़ दिया. घटना के बाद हमलावर भाग निकला. इधर, सूचना पर पहुंचे एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने घटना की जानकारी ली. वाराणसी जंक्शन पर यात्री का शव कब्जे में लेकर पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई.

सीतापुर के नैमिशारण्य धाम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गया (बिहार) स्थित पिपरिया के बारचकी क्षेत्र निवासी दिनेश शाह (42) पुत्र रामवृक्ष शाह अपनी बहन और रिश्तेदार के साथ सीतापुर के नैमिशारण्य धाम जा रहे थे. वह गाड़ी संख्या 13151 कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस की बोगी संख्या एस-2 में बैठे थे, जबकि बहन, दो बच्चे और बहन की सास पीछे जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे. रविवार की देर रात लगभग 1.35 बजे ट्रेन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से गुजरी. ब्लॉक हट - बी से पहले बाथरूम के पास दिनेश शाह को किसी ने गोली मार दिया. गोली की आवाज सुनकर भयभीत यात्रियों ने इसकी सूचना रनिंग स्टॉफ को दी. रात्रि 2.42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची. यहां शव को नीचे उतारा गया.

पुरानी रंजिश या कुछ और
वाराणसी जंक्शन पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद शव को मोर्चरी में भेज दिया गया. वहीं, पीछे जनरल कंपार्टमेंट में मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई. इधर, खबर मिलते ही एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा, क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह एवं आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त बीपी सिंह भी जीआरपी थाने पहुंचे. घटना के बाबत पूछताछ की. दूसरी तरफ तरफ एक टीम ब्यौरा जुटाने के लिए ट्रेन के साथ रवाना हो गई. एसपी जीआरपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि घटना से जुड़े हर पहलू को चेक किया जा रहा है. पुरानी रंजिश भी हो सकती है.
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गोली मारकर हत्या
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रविवार सुबह मुगलसराय-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में गाजीपुर के जमनिया निवासी 34 वर्षीय मंगरू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बदमाश शव को ट्रेन से नीचे फेंककर फरार हो गए थे. लगातार दो दिनों में ट्रेनों में हुई दो सनसनीखेज हत्याओं से यात्रियों में भय का माहौल है. रेलवे सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए यात्रियों ने ट्रेनों में पर्याप्त जांच, गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग की है. फिलहाल जीआरपी और आरपीएफ दोनों मामलों की जांच में जुटी हुई हैं.




