वाराणसी में गरबा पंडालों में आईडी जांच को लेकर विहिप ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन..

वाराणसी । शारदीय नवरात्रि से पहले वाराणसी में गरबा पंडालों में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन ने गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले पहचान पत्रों की जांच, तिलक लगाने और हाथ में कलावा बांधने जैसी व्यवस्थाएं करने की बात कही है। विहिप का कहना है कि गरबा मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है और इसकी मर्यादा बनाए रखने के लिए संगठन के कार्यकर्ता आयोजकों को सहयोग देंगे।
पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होने से पहले शनिवार को विहिप के काशी विभाग के मंत्री कन्हैया सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर नवरात्रि सहित अन्य हिंदू त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मांग की। संगठन की ओर से इस संबंध में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी पत्र भेजा गया है।
कन्हैया सिंह ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा धार्मिक आयोजन है। ऐसे में आयोजन की धार्मिक परंपराओं और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडालों में प्रवेश के दौरान पहचान पत्रों की जांच और तिलक-कलावा की व्यवस्था को लेकर आयोजकों से सहयोग किया जाएगा।
पंडालों में तैनात रहेंगी बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी की टोलियां
विहिप पदाधिकारियों के मुताबिक, गरबा पंडालों में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बजरंग दल की युवा वाहिनी तथा दुर्गा वाहिनी की टोलियां मौजूद रहेंगी। संगठन का दावा है कि कार्यकर्ता आयोजकों के अनुरोध पर उनकी व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
कन्हैया सिंह ने कहा कि संगठन को गरबा पंडालों में असामाजिक तत्वों के पहुंचने और माहौल बिगाड़ने की आशंका से संबंधित सूचनाएं मिलती रही हैं। उन्होंने कहा कि विहिप किसी भी आयोजन की छवि खराब नहीं होने देना चाहता। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवेश को लेकर अंतिम निर्णय आयोजकों के अधिकार क्षेत्र में आता है और संगठन प्रशासन के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए काम करेगा।
बजरंग दल ने लव जिहाद और धर्मांतरण को लेकर लगाए आरोप
बजरंग दल के काशी प्रांत प्रमुख निखिल त्रिपाठी रुद्र ने गरबा को सनातन संस्कृति का प्रतीक बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ गैर-हिंदू लोग इस आयोजन का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने लव जिहाद और धर्मांतरण की आशंका जताते हुए प्रशासन से ऐसे मामलों में कार्रवाई करने की मांग की।
निखिल त्रिपाठी रुद्र ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता खुद हस्तक्षेप करेंगे। ये आरोप संगठन के पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण इस जानकारी में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में पुलिस तैनाती की मांग
दूसरी ओर, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के तिलकराज मिश्रा ने दुर्गा पूजा पंडालों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती करने और शी-टीम को सक्रिय रखने की मांग की, ताकि नवरात्रि के दौरान महिलाओं और युवतियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
धार्मिक आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी नजर
नवरात्रि के दौरान वाराणसी में बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडालों और गरबा कार्यक्रमों का आयोजन होता है। ऐसे में विहिप की ओर से पहचान पत्रों की जांच और तिलक-कलावा की व्यवस्था करने की घोषणा के बाद आयोजनों में प्रवेश की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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अब प्रशासन के सामने धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, आयोजकों की व्यवस्थाओं का सम्मान करने और कानून के अनुरूप सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी होगी। यह देखना अहम होगा कि पुलिस प्रशासन और आयोजन समितियां नवरात्रि के दौरान शांति, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किस तरह समन्वय स्थापित करती हैं।



