वाराणसी में पुलिसकर्मियों की आवासीय समस्या जल्द होगी दूर,अंतिम चरण में 192 फ्लैट का निर्माण

वाराणसी : जिले में पुलिसकर्मियों की लंबे समय से चली आ रही आवासीय समस्या जल्द ही दूर होने वाली है. इसके लिए वाराणसी पुलिस लाइन में 11 मंजिला आधुनिक मल्टी-स्टोरी इमारत का निर्माण अंमि चरण में है. इसमें पुलिसकर्मियों के लिए 192 फ्लैट तैयार किए जा रहे हैं. एक फ्लैट में दो शयन कक्ष, एक हाल और रसोई की व्यवस्था है. यानी 2बीएचके फ्लैट की इस परियोजना से न केवल पुलिस परिवारों को बेहतर रहने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर और कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है.
पुलिसकर्मियों की संख्या के मुकाबले पर्याप्त आवास उपलब्ध न होने के कारण उनके परिवारों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है. अब पुलिसकर्मी अपने परिवार के साथ सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में रह सकेंगे, जिससे उनके मानसिक संतुलन और कार्य क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
2674.64 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही बिल्डिंग
इस परियोजना के तहत भूतल प्लस 11 मंजिल की इमारत में कुल 192 टाइप-2 (2BHK) फ्लैट बनाए जा रहे हैं. मोहित अग्रवाल ने बताया कि लगभग 2674.64 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही यह बिल्डिंग पुलिसकर्मियों के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक आवासीय विकल्प बनेगी. इसमें सभी जरूरी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा गया है. इस आवासीय परिसर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है. परिसर में हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे रहने का माहौल बेहतर और स्वस्थ बना रहे. साथ ही जल संरक्षण और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भी स्थापित किया जाएगा.

मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था
परियोजना में मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया हे. वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे आवासीय परिसर में अव्यवस्था की समस्या नहीं होगी. इसके अलावा, पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परिसर में अपना ट्यूबवेल भी स्थापित किया जाएगा. लगभग 22,836 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला यह परिसर सभी जरूरी सुविधाओं से युक्त होगा.
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बेहतर आवास, सुरक्षित वातावरण और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से पुलिसकर्मियों का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ेगा. इससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार होगा और शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी.



