वाराणसी में संजय सिंह प्रशासन पर हुए हमलावर, कहा - 'कोनिया स्कूल कागजों में चालू, मौके पर बंद'

वाराणसी : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने मंगलवार को पटेल धर्मशाला तेलियाबाग में प्रेसवार्ता कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोनिया स्थित सरकारी विद्यालय के बंद होने और यू-डाइस पर संचालित दिखने का मुद्दा उठाया. बता दें कि इसी मुद्दे का वीडियो चलने पर पुलिस ने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता को गिरफ्तार कर लिया था. उन्होंने इसे बच्चों के साथ धोखा बताया और सच्चाई उजागर करने वाले पार्टी प्रवक्ता मुकेश सिंह पर एफआइआर दर्ज कर दबाव बनाने का आरोप लगाया.

संजय सिंह ने कहा कि कोनिया का विद्यालय अचानक बंद कर दिया गया, जहां लगभग तीन हजार की आबादी के बच्चे पढ़ते थे. आज भी यू-डाइस पर यह विद्यालय आपरेशनल दिखाया जा रहा है. उन्होंने जिला अधिकारी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री से सवाल किया कि कागजों पर स्कूल चलाया जा रहा है, लेकिन मौके पर बंद है. मुकेश सिंह ने वीडियो बनाकर यह तथ्य उजागर किया तो प्रशासन ने उन्हें माफिया जैसा ट्रीट करते हुए गिरफ्तार करवाया. प्रशासन का दावा था कि विद्यालय शिफ्ट हो चुका है. पड़ताल में पता चला कि मूल स्कूल में करीब 125 बच्चे थे. नए स्थान पर मिड-डे मील में 160 बच्चे दिखाए जा रहे हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ 94 मिलते हैं. शिफ्ट किए 56 में से मात्र 20 नियमित पढ़ते हैं. यानी सौ से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई.
ALSO READ : सीपी एवं डीएम का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तूफानी दौरा, शिविरों में सीसी टीवी कैमरा लगाने के निर्देश
भवन जर्जर के नाम पर बच्चों को हटाया, लेकिन नहीं की मरम्मत
भवन जर्जर होने के कारण मरम्मत के नाम पर बच्चों को हटाया गया. तीन साल बीत गए, लेकिन मरम्मत नहीं हुई. सरकार ने स्कूल मरम्मत के लिए पहले 44 करोड़ और बाद में 64 करोड़ रुपये जारी किए. अगर एक महीने के अंदर काम शुरू नहीं हुआ तो वीडियो अभियान दोबारा शुरू होगा. उन्होंने कहा कि चाहे जितनी एफआइआर दर्ज करो, अभियान नहीं रुकेगा. प्रशासन ने जनता को गुमराह किया.
यू-डाइस और मौके की स्थिति ही फैला रही भ्रम
मुकेश सिंह ने कहा कि एफआइआर में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया गया, जबकि यू-डाइस और मौके की स्थिति ही भ्रम फैला रही है. विद्यालय दो-तीन साल से बंद है. नया स्थान जीटी रोड पर 1.5 किलोमीटर दूर है, जहां सभी बच्चे नहीं जा पाए. उन्होंने शीघ्र पुनर्निर्माण और बच्चों को उचित शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की.



