वाराणसी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : बीजेपी का मौन जुलूस

वाराणसी : आजादी से एक दिन पहले 14 अगस्त को पाकिस्तान भारत से विभाजित होकर अलग देश बना. इस दौरान दोनों देशों में कई लोग मारे गए थे. इस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में बीजेपी 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाती है. इसी क्रम में वाराणसी में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेपी मेहता इंटर कालेज से मौन जुलूस निकाला. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और मंत्री रविंद्र जायसवाल समेत बीजेपी के कई विधायक और जनप्रतिनिधि इस जुलूस में शामिल हुए. इस दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है.
मौन जुलूस के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस देश को आजादी मिलने से पहले भी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति किया करती थी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से 14 अगस्त 1947 को देश दो हिस्सों में बट गया और भारत से अलग होकर पाकिस्तान का निर्माण हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के उसे समय के नेता यदि तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते तो शायद आज पाकिस्तान भारत का ही अंग होता.
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उन्होंने आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के तुष्टिकरण का ही नतीजा है कि आजादी के पहले देश का विभाजन करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस बंटवारे के कारण देश में विषम परिस्थितियां उत्पन्न हुई. इस दौरान कई लोगों की जान चली गई, महिलाओं के साथ अपराध हुए, लोगों को अपनी सारी पुश्तैनी संपत्ति छोड़कर यहां वहां आश्रय ढूंढना पड़ा. उन्होंने कहा कि ऐसा दौर था कि महलों में रहने वाले लोग रातों-रात सड़कों पर आ गए. स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि इस बंटवारे के कारण पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ गए. इसके साथ ही हिंदुस्तान में भी अराजकता फैल गई.
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास अपना मकान और अपना महल था वह सिर्फ चंद मिनट में ही रिफ्यूजी बन गए और आश्रय स्थलों में उन्हें शिफ्ट करना पड़ा. ऐसे लोग अपने बच्चों और परिवार को लेकर सड़क पर भटकने लगे. उनकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं था और यह सब कांग्रेस की राजनीति के कारण ही हुआ.
विभाजन के बाद कांग्रेस ने किसी की मदद नहीं की
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हालात में आजादी के बाद भी उन लोगों के लिए कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, जबकि उनकी सरकार बन चुकी थी, लेकिन लोग दर-दर की ठोकर खाते रहे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इन्हीं नीतियों के कारण बीजेपी विभाजन स्मृति दिवस मनाती है और यह सिर्फ उसी समय की बात नहीं है, आज भी कांग्रेस पार्टी देश हित में कोई कार्य नहीं करती. लोगों को यह जानना चाहिए कि कांग्रेस ने किस तरह से देश के साथ अत्याचार किया, लोगों पर अत्याचार किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश के लोगों के हित की बात की जाती है तो कांग्रेस आज भी मुस्लिम तुष्टिकरण का कार्ड खेलती है और कहती है कि पहला अधिकार इस पर अल्पसंख्यकों का है. कांग्रेस को देश की चिंता नहीं है, कांग्रेस सबका साथ और सबका विकास नहीं करना चाहती, वह सिर्फ एक पक्ष की बात करती है और इसी कारण नक्सलवाद और आतंकवाद का उदय होता है.



