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वाराणसी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : बीजेपी का मौन जुलूस

वाराणसी में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : बीजेपी का मौन जुलूस
Aug 14, 2026, 08:20 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : आजादी से एक दिन पहले 14 अगस्त को पाकिस्तान भारत से विभाजित होकर अलग देश बना. इस दौरान दोनों देशों में कई लोग मारे गए थे. इस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में बीजेपी 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाती है. इसी क्रम में वाराणसी में बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेपी मेहता इंटर कालेज से मौन जुलूस निकाला. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और मंत्री रविंद्र जायसवाल समेत बीजेपी के कई विधायक और जनप्रतिनिधि इस जुलूस में शामिल हुए. इस दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है.

मौन जुलूस के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि कांग्रेस देश को आजादी मिलने से पहले भी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति किया करती थी. उन्होंने कहा कि इसी वजह से 14 अगस्त 1947 को देश दो हिस्सों में बट गया और भारत से अलग होकर पाकिस्तान का निर्माण हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के उसे समय के नेता यदि तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करते तो शायद आज पाकिस्तान भारत का ही अंग होता.


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उन्होंने आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के तुष्टिकरण का ही नतीजा है कि आजादी के पहले देश का विभाजन करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस बंटवारे के कारण देश में विषम परिस्थितियां उत्पन्न हुई. इस दौरान कई लोगों की जान चली गई, महिलाओं के साथ अपराध हुए, लोगों को अपनी सारी पुश्तैनी संपत्ति छोड़कर यहां वहां आश्रय ढूंढना पड़ा. उन्होंने कहा कि ऐसा दौर था कि महलों में रहने वाले लोग रातों-रात सड़कों पर आ गए. स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि इस बंटवारे के कारण पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ गए. इसके साथ ही हिंदुस्तान में भी अराजकता फैल गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास अपना मकान और अपना महल था वह सिर्फ चंद मिनट में ही रिफ्यूजी बन गए और आश्रय स्थलों में उन्हें शिफ्ट करना पड़ा. ऐसे लोग अपने बच्चों और परिवार को लेकर सड़क पर भटकने लगे. उनकी देखरेख करने वाला भी कोई नहीं था और यह सब कांग्रेस की राजनीति के कारण ही हुआ.


विभाजन के बाद कांग्रेस ने किसी की मदद नहीं की


उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हालात में आजादी के बाद भी उन लोगों के लिए कांग्रेस ने कुछ नहीं किया, जबकि उनकी सरकार बन चुकी थी, लेकिन लोग दर-दर की ठोकर खाते रहे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इन्हीं नीतियों के कारण बीजेपी विभाजन स्मृति दिवस मनाती है और यह सिर्फ उसी समय की बात नहीं है, आज भी कांग्रेस पार्टी देश हित में कोई कार्य नहीं करती. लोगों को यह जानना चाहिए कि कांग्रेस ने किस तरह से देश के साथ अत्याचार किया, लोगों पर अत्याचार किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश के लोगों के हित की बात की जाती है तो कांग्रेस आज भी मुस्लिम तुष्टिकरण का कार्ड खेलती है और कहती है कि पहला अधिकार इस पर अल्पसंख्यकों का है. कांग्रेस को देश की चिंता नहीं है, कांग्रेस सबका साथ और सबका विकास नहीं करना चाहती, वह सिर्फ एक पक्ष की बात करती है और इसी कारण नक्सलवाद और आतंकवाद का उदय होता है.

कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
कैंट विधानसभा के दो वार्डों में 225 करोड़ की विकास परियोजनाएं शुरू, सीवर-पेयजल के साथ सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
वाराणसी: मानसून की विदाई के साथ काशी में रुकी हुई बड़ी विकास परियोजनाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सरायनंदन और बिरदोपुर/शीशमहल वार्ड में रविवार को करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से सीवर, पेयजल और सड़क पुनर्निर्माण परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी और कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया।उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में होने वाले इन कार्यों से दोनों क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही सीवर, पेयजल और सड़क से जुड़ी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।सरायनंदन में 110 करोड़ से बिछेगी 55 किमी सीवर-पेयजल लाइनसरायनंदन वार्ड के दशमी रामलीला मैदान क्षेत्र में करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से 55 किलोमीटर लंबी सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के साथ सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में सीवर व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के साथ सड़कों का भी पुनर्निर्माण किया जाएगा।बिरदोपुर में 115 करोड़ की परियोजनाबिरदोपुर क्षेत्र के कैलाश मठ और गिरी नगर एकता पार्क के पास करीब 115 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का शुभारंभ हुआ। इसमें 58 करोड़ रुपये सीवर लाइन तथा 57 करोड़ रुपये पेयजल लाइन और गृह संयोजन के कार्य पर खर्च किए जाएंगे।सात महीने की परेशानी, दशकों तक समाधान का दावाभूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सीवर और पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान करीब सात महीने तक नागरिकों को आवागमन में अस्थायी परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह असुविधा लंबे समय के स्थायी समाधान के लिए है। उनके अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद आने वाले दशकों तक सीवर जाम और ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलने के साथ शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा के मार्गदर्शन में काशी में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।अमृत-2.0 के तहत 22 वार्डों में होंगे बड़े कामनगर निगम के अनुसार शहरी क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत कुल 2161 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रस्तावित हैं। इसके तहत 353.13 किलोमीटर सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है।ALSO READ :बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेशसरायनंदन और बिरदोपुर में आयोजित अलग-अलग भूमि पूजन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन क्रमशः राहुल सिंह और अशोक पटेल ने किया।
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
बरेका में आरपीएफ का 42वां स्थापना दिवस, ‘रन फॉर यूनिटी’ से दिया एकता और सुरक्षा का संदेश
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का 42वां स्थापना दिवस रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान आरपीएफ अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।स्थापना दिवस के अवसर पर आरपीएफ की ओर से ‘रन फॉर यूनिटी’, योग कार्यक्रम, वृक्षारोपण और ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन किया गया। ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया गया। वहीं योग कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली के साथ शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व को रेखांकित किया गया।बैरक परिसर में किया गया वृक्षारोपणपर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए आरपीएफ कर्मियों ने बैरक परिसर में पौधरोपण किया। इस दौरान अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत बैरक परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।20 सितंबर 1985 से मिला वर्तमान स्वरूपरेलवे सुरक्षा बल को 20 सितंबर 1985 को संघ के सशस्त्र बल का दर्जा प्रदान किया गया था। रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम, 1957 में संशोधन के बाद यह प्रावधान 20 सितंबर 1985 से प्रभावी हुआ। आरपीएफ का प्रमुख दायित्व रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के साथ यात्रियों और यात्री क्षेत्रों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।स्थापना दिवस के अवसर पर बरेका में प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ के निरीक्षकगण और बल के सदस्य मौजूद रहे।‘बड़ा खाना’ का भी आयोजनस्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आरपीएफ कर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से रात में बैरक परिसर में ‘बड़ा खाना’ का आयोजन किया गया।ALSO READ : काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागतआरपीएफ अधिकारियों ने कहा कि स्थापना दिवस केवल वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि कर्तव्य, अनुशासन, साहस और सेवा भावना के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है। बरेका आरपीएफ रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण