वाराणसी नगर निगम से नावों का पंजीयन बंद, परिवहन विभाग को मिली जिम्मेदारी

वाराणसी : नगर निगम द्वारा नावों के पंजीयन और नवीकरण करने पर रोक लगा दी गई है. एक नई पहल करते हुए अब नावों के पंजीयन की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है. इसके साथ ही, मैरिटाइम बोर्ड की तर्ज पर सर्वेयर क्रूज, डबल डेकर और मोटर बोट का फिटनेस परीक्षण भी किया जाएगा. फिटनेस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही परिवहन विभाग पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा. जिम्मेदारी मिलते ही सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन मनोज वर्मा ने दशाश्वमेध घाट पर नाविकों के साथ बैठक की और पंजीयन कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. गंगा में नावों के पंजीयन की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है, जिससे जल परिवहन की सुरक्षा और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है.

गंगा में होने वाले हादसों और दुर्घटनाओं के दौरान एनडीआरएफ के साथ जल पुलिस बचाव कार्य करेगी. हालांकि, शासन स्तर पर नावों के संचालन को लेकर बायलाज पर विचार-विमर्श जारी है. बायलाज के आने के बाद ही संचालन, रूट निर्धारण और अन्य समस्याओं का समाधान संभव होगा. गंगा में क्रूज, डबल डेकर, मोटर बोट के जरिए परिवहन और जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन-प्रशासन लगातार प्रयासरत है. पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए विकास कार्यों के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन नौका विहार कर रहे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं. गंगा में मनमाने तरीके से नावों का संचालन होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं.

नगर निगम ने मार्च 2024 से नावों का पंजीयन बंद कर दिया था और नवीकरण भी नहीं कर रहा था. इस बीच, नावों की संख्या 1150 से बढ़कर 2000 हो गई है. इसके अलावा, नावों के संचालन के लिए कोई रूट निर्धारण नहीं किया गया है, जिससे नावों के आपस में टकराने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. बढ़ते हादसों को लेकर जल पुलिस ने चिंता जताई थी, लेकिन उनके पास कोई अधिकार नहीं होने के कारण वे कुछ नहीं कर पा रही थी.
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नगर निगम ने नावों का पंजीयन बंद करने के साथ दूरी बना ली थी, जिससे यह सवाल उठने लगा था कि नावों का पंजीयन कौन करेगा. परिवहन विभाग को नावों के पंजीयन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन कोई आदेश न होने के कारण वे भी चुप थे. इस बीच शासन ने परिवहन विभाग को नावों के पंजीयन का आदेश जारी किया.



