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वृंदावन मोटरबोट हादसे से वाराणसी पुलिस ने लिया सबक, नाविकों को सख्‍त हिदायत

वृंदावन मोटरबोट हादसे से वाराणसी पुलिस ने लिया सबक, नाविकों को सख्‍त हिदायत
Apr 11, 2026, 10:43 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी मोटर बोट के पलटने से हुए दुखद हादसे से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है. इस हादसे में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप काशी के गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती और नौका विहार के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी आते हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है.

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एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने जानकारी दी कि घाटों पर पेट्रोलिंग को बढ़ा दिया गया है. नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी स्थिति में नावों में ओवरलोडिंग न करें. इसके अलावा, संवेदनशील और गहरे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं. पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. नाबालिगों द्वारा नाव संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नाव में चढ़ते समय अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनें. नाविकों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल नारंगी रंग की लाइफ जैकेट ही उपलब्ध कराएं, ताकि पानी में दूर से स्पष्ट दिखाई दे सकें. प्रशासन की सख्ती के बाद गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. वाराणसी प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह कदम न केवल आवश्यक है, बल्कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी भी है. प्रशासन का यह प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके. इस हादसे ने जल परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन कराने के लिए सोचने के लिए मजबूर किया है. वाराणसी प्रशासन ने सभी नाविकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें.

यूपी भाजपा की नई टीम घोषित, अशोक चौरिसया काशी क्षेत्र के नए अध्‍यक्ष...
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वाराणसी : उत्‍तरप्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई टीम की घोषणा कर दी गई है. इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी और क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची गुरुवार को जारी होने के साथ ही प्रदेश की कार्यकार‍िणी के दाय‍ित्‍वों को भी तय कर द‍ि‍या गया है. इसमें काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया को काशी क्षेत्र अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अशोक चौरसिया पिछले दो क्षेत्र अध्यक्षों दिलीप पटेल और उसके पहले महेश चंद्र श्रीवास्तव के साथ के महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अशोक चौरसिया की गिनती भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं में होती रही है.अशोक चौरसिया वर्तमान में जौनपुर जिले के प्रभारी भी हैं. साथ ही वाराणसी और उसके आसपास के जनपदों में चौरसिया समाज में विशेष पकड़ है. उनकी गिनती व्यवसायी और वैश्य समाज के नेता के रूप में भी होती है. अशोक चौरसिया की पहचान संकल्प कोचिंग के संचालक की वजह से भी रही है. एक समय में काशी और उसके आसपास के जिलों के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सस्ती कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी जाने जाते रहे.दिलीप पटेल बने प्रदेश महामंत्रीभाजपा काशी क्षेत्र के निवर्तमान वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पटेल को प्रमोट करके प्रदेश कार्यकारिणी में महामंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है. वह पिछले करीब तीन वर्ष से काशी क्षेत्र के अध्यक्ष रहे. इसी प्रकार गाजीपुर के संजय राय को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में वाराणसी के शंकर गिरी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है.इन नेताओं को मिली प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारीसुरेश राणा - उपाध्यक्षसत्यपाल सैनी - उपाध्यक्षब्रज बहादुर - उपाध्यक्षडॉ धर्मेंद्र सिंह - उपाध्यक्षमोहित बेनीवाल - उपाध्यक्षदेवेश कोरी - उपाध्यक्षप्रियंका रावत - उपाध्यक्षदुर्विजय शाक्य - उपाध्यक्षरमेश सिंह - उपाध्यक्षनीरज सिंह - उपाध्यक्षअर्चना मिश्रा - उपाध्यक्षपूजा पाल - उपाध्यक्षशंकर गिरी - उपाध्यक्षकामेश्वर सिंह - उपाध्यक्षकृतिका अग्रवाल - उपाध्यक्षसुरेश मौर्य - उपाध्यक्षराजेश यादव - उपाध्यक्षकृष्ण बिहारी राय - उपाध्यक्षआलोक गुप्ता - उपाध्यक्षइन नेताओं को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गयारामप्रताप सिंह चौहान - महामंत्रीगीता शाक्य - महामंत्रीअभिजात मिश्रा - महामंत्रीउपेंद्र रावत - महामंत्रीसंजय राय - महामंत्रीशंकर लोधी - महामंत्रीदिलीप पटेल - महामंत्रीराजेश चौधरी - महामंत्रीइन नेताओं को संगठन में मंत्री पद दिया गयाविजय शिवहरे - मंत्रीबसंत त्यागी - मंत्रीशिवभूषण सिंह - मंत्रीसहजानंद राय - मंत्रीअंकुर शर्मा - मंत्रीअनिल यादव - मंत्रीअवधेश श्रीवास्तव - मंत्रीविनय राजभर - मंत्रीप्रमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा - मंत्रीकिरण लोधी निषाद - मंत्रीएकेश बिंद - मंत्रीसचिता सिंह चौहान (लूनिया) - मंत्रीरजनी पांडेय - मंत्रीराहुल वाल्मीकि - मंत्रीमहामेधा नागर - मंत्रीदीपमाला संतोषी - मंत्रीसुहासिनी जायसवाल - मंत्रीयतेन्द्र शर्मा - मंत्रीआकांक्षा सोनकर - मंत्रीइन नेताओं को क्षेत्रीय अध्यक्ष पद दिया गयानवाब सिंह नागर - क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम)पूरन लाल लोधी - क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज)राम किशोर साहू - क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर)अवधेश द्विवेदी - क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध)अशोक चौरसिया - क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी)विनोद राय - क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर)कार्यालय पदाधिकारीभारत दीक्षित - कार्यालय मंत्रीअतुल अवस्थी - कार्यालय सह-मंत्रीलक्ष्मण सिंह - कार्यालय सह-मंत्रीमीडिया एवं सोशल मीडिया की इन्हें मिली जिम्मेदारी व ये बने मोर्चा अध्यक्षदिनेश प्रताप सिंह - मुख्य प्रवक्तामनीष दीक्षित - प्रदेश मीडिया संयोजकहिमांशु राज पंडित - प्रदेश सोशल मीडिया संयोजकALSO READ : व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...मोर्चा अध्यक्षरोहित मिश्रा - प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा)प्रकाश पाल - प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा)देवेन्द्र सिंह - प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा)अशोक रावत - प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा)सरोज कुशवाहा - प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा)विद्याभूषण गोंड - प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)यह सूची पंकज चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा उत्तर प्रदेश) द्वारा घोषित की गई है.
व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...
व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...
वाराणसी : किराना व्यापार समिति की ओर से बुधवार को विशेश्वरगंज स्थित एक होटल में व्यापारी गौरव महोत्सव का आयोजन किया गया.इस अवसर पर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत, शपथ ग्रहण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया.कार्यक्रम में व्यापार जगत से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही.समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रम मंत्री अनिल राजभर, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी शामिल हुए.अतिथियों की मौजूदगी में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली.समिति के नव-निर्वाचित अध्यक्ष अनूप जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी, महामंत्री नारायण केसरी और कोषाध्यक्ष राजू जागिड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया.कार्यक्रम के दौरान समिति से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया.संरक्षक मंडल में सुनील चौरसिया, ओंकारनाथ माहेश्वरी, राजू जायसवाल, हरि लड्डू, बसंत सिंह, संतोष अग्रवाल और महेश्वर जायसवाल को शामिल किया गया.अपने संबोधन में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संगठित व्यापारी समाज किसी भी क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण ताकत होता है.वहीं आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि किसी भी पद के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है और पदाधिकारियों को समाज तथा व्यापारियों के हित में कार्य करना चाहिए.कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी ने कहा कि समिति व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी.कार्यक्रम का संचालन सचिन अग्रवाल ने किया.इस दौरान प्रमोद अग्रहरी, सुधीर त्रिपाठी, गौरव राठी, संजय चौरसिया, दिनेश कुमार सिंह सहित कई व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.ALSO READ : बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...यह आयोजन व्यापारियों के सम्मान, संगठन की मजबूती और नए नेतृत्व के स्वागत का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ.
बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...
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वाराणसी : बीएचयू स्थित आईएमएस के आयुर्वेद संकाय में संचालित डीएसीपी (डिस्टिंग्विश्ड स्पेशलिटी क्लिनिकल प्रोफेसर) योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है.आयोग का आरोप है कि डीएससीपी योजना को लागू करने में उसके निर्धारित नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. एनसीआइएसएम द्वारा 23 जून को जारी पत्र में कहा गया कि योजना के तहत नियुक्त किए गए चिकित्सकों और शिक्षकों को कई तरह के अनुचित लाभ दिए गए हैं. आयोग का मानना है कि योजना लागू करने से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं और मानकों का पालन किया जाना चाहिए था.नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग ने पहले भी 10 जून को बीएचयू को पत्र भेजकर डीएसीपी योजना से संबंधित विज्ञापन वापस लेने और योजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा योजना को जारी रखा गया, जिसके बाद आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है.एनसीआइएसएम ने बीएचयू प्रशासन को निर्देश दिया है कि डीएसीपी योजना से जुड़े सभी दस्तावेज, विज्ञापन और नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की नियुक्ति या पदोन्नति पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक, शिक्षक कोड और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.ALSO READ : ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संस्थानों में किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन अनिवार्य है. मामले की सुनवाई के लिए बीएचयू के कुलपति अथवा कुलसचिव को 25 जून को आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है. इस नोटिस के बाद आयुर्वेद संकाय की डीएसीपी योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय के जवाब तथा आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.