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बाबा विश्‍वनाथ के अन्‍नपूर्णा रसोईघर में होगी पीएनजी की आपूर्ति, गेल से समझौता

बाबा विश्‍वनाथ के अन्‍नपूर्णा रसोईघर में होगी पीएनजी की आपूर्ति, गेल से समझौता
Apr 11, 2026, 10:19 AM
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Posted By Diksha Mishra


वाराणसी : श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर के अन्‍नपूर्णा रसोईघर में पाइप्‍ड नैचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति शुरू होगी. इसके लिए शनिवार को गेल (GAIL) और मंदिर प्रशासनक ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह समझौता डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण तथा सुशील कुमार (महाप्रबंधक – वाराणसी), सुरेश तिवारी (महाप्रबंधक) , गौरी शंकर मिश्रा (महाप्रबंधक) और देवाशीष साहू की उपस्थिति में संपन्न हुआ.


अगले 2 से 3 दिनों के भीतर गैस आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी. यह क्षेत्र का पहला रसोईघर होगा जहाँ PNG की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. बता दें किअन्नपूर्णा रसोईघर में प्रतिदिन लगभग 15000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है. वर्तमान में यहाँ प्रतिदिन लगभग 15 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग होता है, जो महीने में लगभग 450 व्यावसायिक सिलेंडरों तक पहुँच जाता है. PNG आपूर्ति शुरू होने के बाद इन सिलेंडरों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

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इस पहल से न केवल अन्नपूर्णा रसोईघर को लाभ मिलेगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी PNG कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ प्राप्त होगा. बता दें कि गैस सिलेंडर के संकट का असर यहां भी सामने आया था. इसके बाद गैस सिलेंडराें की तत्‍कालिक व्‍यवस्‍था की गई थी. अब गैस सिलेंडरों से निजात मिलेगी और अबाध रूप से गैस की सप्‍लाई सुनिश्चित होगी.


पाइप्ड गैस प्रणाली के माध्यम से निरंतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे रसोई संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी. इसके साथ ही, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.

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इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा. इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है. गेल द्वारा शुरू की गई यह योजना केवल अन्नपूर्णा रसोईघर तक सीमित नहीं रहेगी. इसके अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में भी PNG कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा.

वाराणसी जंक्‍शन पर संदिग्‍ध गिरफ्तार, सामान की तलाशी लें हैरान हुई पुलिस
वाराणसी जंक्‍शन पर संदिग्‍ध गिरफ्तार, सामान की तलाशी लें हैरान हुई पुलिस
Suspect arrested at Varanasi Junction, police surprised to search his belongingsवाराणसी: कैंट स्टेशन से आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने एक संदिग्ध यात्री को गिरफ्तार किया है. उसके बैग और सूटकेस की तलाशी के दौरान नोटों की गड्डी देख पुलिस भी हैरान रह गई. आनन फानन पुलिस टीम उसे लेकर जीआरपी थाने पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद आयकर विभाग को भी बुलावा भेजा गया. बैग से 16 लख रुपए बरामद किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि नोटों की गड्डियां बैग और सूटकेस में छुपा कर रखी गई थीं. इसके बाद मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पकड़ा गया तो उसके पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुए. नोटों के तार हवाला से जुड़े होने के संकेत मिले हैं.रवि गुलाटी नामक युवक गिरफ्तार जानकारी के अनुसार, आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने प्लेटफार्म संख्या 8-9 से शाहजहांपुर के रवि गुलाटी नामक युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिलने के बाद जांच अभियान चलाया जा रहा था. इस दौरान आरोपी संदिग्ध प्रतीत हुआ. संदिग्ध प्रतीत होने के बाद संयुक्त टीम ने युवक के बैग की तलाशी ली तो टीम हतप्रभ रह गई. युवक के बैग से 16 लख रुपए बरामद हुए. इसके बाद उसे पूछताछ के लिए जीआरपी थाने लाया गया.किसी भी तरह का दस्तावेज बरामद नहीं हुआपुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया शख्स शाहजहांपुर में कॉस्मेटिक की दुकान चलाता है. पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह कटे-फटे नोट लेकर वाराणसी बदलने आया था और उसके बदले 10, 20, 50, 100 रुपए की गड्डियां लेकर वापस जा रहा था. हालांकि, युवक के पास से किसी भी तरह का दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.Also Read: BHU में आंदोलनरत महिलाकर्मी की तबीयत बिगड़ी, अस्‍पताल में भर्ती पुलिस ने बताया कि आरोपी एक बार नहीं बल्कि कई बार वाराणसी आ चुका है. पुलिसकर्मियों ने फिलहाल मामले की सूचना आयकर विभाग को दे दी है और पैसे को जप्त कर लिया है. वहीं सूचना के बाद आयकर विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हालांकि, पुलिस को शक है कि यह पैसा हवाला का या फिर टैक्स चोरी का हो सकता है.
BHU में आंदोलनरत महिलाकर्मी की तबीयत बिगड़ी, अस्‍पताल में भर्ती
BHU में आंदोलनरत महिलाकर्मी की तबीयत बिगड़ी, अस्‍पताल में भर्ती
A woman worker protesting at BHU falls ill and is hospitalized.वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन पार्क में पिछले 14 दिनों से विश्वविद्यालय में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन लगातार जारी है. अपनी विभिन्न मांगों, विशेष रूप से नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठे हैं. इस दौरान कई बार कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच वार्ता भी हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है. इस बीच धरना स्थल पर मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्रदर्शन में शामिल एक महिला कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई.पीड़िता को प्राथमिक उपचार देने की कोशिश उपस्थित अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की और बाद में एंबुलेंस की मदद से उसे सरसुंदरलाल अस्‍पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस महिला की तबीयत खराब हुई है उसका नाम अल्पना बताया जा रहा है. फिलहाल अस्पताल में उसका उपचार जारी है और डॉक्टरों द्वारा उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.Also Read: वाराणसी के क्वींस कालेज में कल पुस्तक मेला, मनमानी कीमतों पर लगेगा अंकुश गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब धरना स्थल पर किसी महिला कर्मचारी की तबीयत खराब हुई हो. इससे पहले भी प्रदर्शन के दौरान एक अन्य महिला कर्मचारी बिंदु यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. लगातार गर्मी और लंबे समय से चल रहे धरने के कारण कर्मचारियों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
वाराणसी के क्वींस कालेज में कल पुस्तक मेला, मनमानी कीमतों पर लगेगा अंकुश
वाराणसी के क्वींस कालेज में कल पुस्तक मेला, मनमानी कीमतों पर लगेगा अंकुश
Book fair to be held tomorrow at Queens College, Varanasi; arbitrary prices to be curbedवाराणसी: शिक्षा जो ज्ञान का माध्यम है, ये वो ज्ञान है, जो हमें ये सिखाता है कि क्या सहीं और क्या गलत है. लेकिन अगर इसी शिक्षा के साथ खिलवाड़ होने लगे तो फिर हर किसी का भविष्य अंधेरे में घिर जाएगा. जी हां, कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां जरूरत मंद बच्चों को उनके हक की मिलने वाली किताबें कम दामों में होने के बाद भी उन्हें महंगे दामों में दिया जाता है. जिसे लेने में अभिभावकों को दिक्कतें भी होती है. इससे भी हैरीनी तो यह है कि, नकली किताबें वो भी दुगने दामों में देकर अभिभावकों से अधिक दाम वसूले जाते है. लेकिन अब इस मामले को लेकर यूपी बोर्ड एक्शन में आ चुका है.बता दें, काशी नगरी में स्थित पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज में 22 अप्रैल बुधवार को जनपद स्तरीय पुस्तक जागरूकता और सुलभता मेले का आयोजन होने जा रहा है. इस आयोजन का उद्देश्य यह है कि, निजी प्रकाशकों की महंगी और अनधिकृत पुस्तकों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर विद्यार्थियों को कम दामों में पुस्तकें उपलब्ध कराना और अभिभावकों को राहत देने जैसा मुहिम है. इसी सिलसिले में DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि, तीन एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी शासन स्तर पर सौंपी गई है. आयोजित होने वाले इस मेले में बुक स्टाल लगाए जाएंगे, जिनमें कुल 32 तरह की किताबें शामिल होंगी. इस आयोजन से किताबों की मनमानी कीमतों पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकेगा.जाने पूरा मामलादरअसल, पिछले कुछ दिनों यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को यह शिकायत मिली थी कि, स्कूलों में अनधिकृत रूप से गलत यानि नकली किताबें छात्राें को महंगे दामों पर धड़ल्ले से बेची जा रही है, जो कि परिषदीय मूल्यों की तुलना में 149 प्रतिशत से 361 प्रतिशत तक महंगी हैं. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा ये निर्देशित किया गया था कि, किसी भी हाल में 15 अप्रैल तक स्कूलाें का निरीक्षण किया जाए.Also Read: मकान में तेज धमाके से फटा गैस सिलेंडर, टिन की छत फटी, एक जख्‍मी इस निरीक्षण में आरोपी पाए जाने वाले प्रधानाचार्य, प्रबंधक और शिक्षक के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई भी जाएगी. जिसे लेकर क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कैंपस में अलग क्लास के लिए स्टाल लगाए जा रहे हैं, ताकि छात्र-छात्राओं को अपने लिए किताबों का चयन करने में किसी भी तरह की दिक्कतें ना हो सके.यूपी बोर्ड का मुहिम किस हद तक असरदार सबसे खास बात तो यह है कि, इस मेले में इस बार NCERT की किताबें भी आई हैं, जिसमें नया प्रयाेग किया गया है. हालांकि, इस किताब को हर कोई पढ़ने का शौखीन होता है. आयोजित होने वाले मेले में नकली और असली किताबों की पहचान आसानी से की जा सकेंगी. जिसकी पहचान के लिए किताब के आवरण पृष्ठ (Cover Page) पर सात अंकाें का अल्ट्रा वायलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित कराया गया है, जिनमें किसी भी किताबों पर यह सीरियल नंबर नहीं होगा वह अनधिकृत यानि नकली माना जाएगा. अब देखने वाली बात यह है कि यूपी बोर्ड के इस मुहिम से नकली और अधिक दामों में बेची जाने वाली किताबों पर किस हद तक रोक लगती हैं.https://www.youtube.com/watch?v=GDAPqMGbHZs