बाबा विश्वनाथ के अन्नपूर्णा रसोईघर में होगी पीएनजी की आपूर्ति, गेल से समझौता

वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अन्नपूर्णा रसोईघर में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति शुरू होगी. इसके लिए शनिवार को गेल (GAIL) और मंदिर प्रशासनक ने समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह समझौता डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण तथा सुशील कुमार (महाप्रबंधक – वाराणसी), सुरेश तिवारी (महाप्रबंधक) , गौरी शंकर मिश्रा (महाप्रबंधक) और देवाशीष साहू की उपस्थिति में संपन्न हुआ.
अगले 2 से 3 दिनों के भीतर गैस आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी. यह क्षेत्र का पहला रसोईघर होगा जहाँ PNG की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. बता दें किअन्नपूर्णा रसोईघर में प्रतिदिन लगभग 15000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है. वर्तमान में यहाँ प्रतिदिन लगभग 15 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग होता है, जो महीने में लगभग 450 व्यावसायिक सिलेंडरों तक पहुँच जाता है. PNG आपूर्ति शुरू होने के बाद इन सिलेंडरों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

इस पहल से न केवल अन्नपूर्णा रसोईघर को लाभ मिलेगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी PNG कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ प्राप्त होगा. बता दें कि गैस सिलेंडर के संकट का असर यहां भी सामने आया था. इसके बाद गैस सिलेंडराें की तत्कालिक व्यवस्था की गई थी. अब गैस सिलेंडरों से निजात मिलेगी और अबाध रूप से गैस की सप्लाई सुनिश्चित होगी.
पाइप्ड गैस प्रणाली के माध्यम से निरंतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे रसोई संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी. इसके साथ ही, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.
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इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा. इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है. गेल द्वारा शुरू की गई यह योजना केवल अन्नपूर्णा रसोईघर तक सीमित नहीं रहेगी. इसके अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में भी PNG कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा.



