वाराणसी पुलिस तैयार कर रही महिला अपराधियों की कुंडली, पूर्वांचल में है सक्रियता...

वाराणसी : शहर में मंदिरों और पर्यटन स्थलों और उसके आसपास महिला अपराधियों के गिरोह की सक्रियता सामने आई है. कमिश्नरेट पुलिस वाराणसी ऐसे महिला अपराधियों की क्राइम कुंडली तैयार कर रही है. ऐसे मामले पकडे गए जिसमें शहर में महिलाएं ही महिलाओं को निशाना बना रही हैं. वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रही हैं. एक साल में महिलाओं से हुई चेन चोरी, पर्स चोरी और नकदी गायब होने जैसी 11 घटनाओं में इस गिरोह का हाथ सामने आया है. कुछ मामलों में पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि यह गिरोह पूर्वांचल के बड़े शहरों में सक्रिय है. एक शहर में वारदात को अंजाम देकर गिरोह दूसरे शहर में निकल जाता है. इसमें वाराणसी, देवरिया, बहराइच, राजस्थान और मध्य प्रदेश से जुड़े गिरोह शामिल हैं.
14 किलोमीटर के दायरे में गिरोह है सक्रिय
पहले हुई वारदातों, सीसी कैमरों की फुटेज और एआई कैमरों की मदद से जब गिरफ्तारियां हुईं तो सामने आया कि यह गिरोह शहर के 14 किलोमीटर के दायरे में सक्रिय है. इसमें काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर, दुर्गा मंदिर, कैंट, पांडेयपुर और सारनाथ क्षेत्र शामिल हैं. इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाली 12 महिलाओं को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि अपराध के पैटर्न और अन्य गतिविधियों का डेटा जुटाकर क्राइम कुंडली तैयार की जा रही है.
कमिश्नरेट पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैंग में शामिल महिलाएं बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात करती हैं. ये महिलाएं पहले अकेली या बुजुर्ग महिला यात्रियों को चिन्हित करती हैं. इसके बाद ई-रिक्शा या ऑटो में जबरन दायीं और बायीं ओर बैठ जाती हैं, ताकि बीच में बैठी महिला को हिलने-डुलने की जगह न मिले.
सफर के दौरान बातचीत, धक्का-मुक्की या कपड़ा संभालने के बहाने कुछ ही सेकेंड में गले की चेन, मंगलसूत्र या पर्स गायब कर देती हैं. जांच में सामने आया है कि गैंग की सदस्याएं धार्मिक स्थलों और बाजारों में अधिक सक्रिय रहती हैं. विशेषकर काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर आने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जाता है.
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दर्शन के लिए आने वाली बाहरी महिलाएं भी इनके निशाने पर रहती हैं, क्योंकि उन्हें स्थानीय हालात की जानकारी कम होती है. गैंग की महिलाएं इतनी सफाई से वारदात करती हैं कि आसपास बैठे यात्रियों को भी भनक नहीं लगती. कुछ घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध महिलाएं ऑटो बदलते और भीड़ में तेजी से निकलते दिखाई दी हैं.
भीड़ वाले इलाकों में एआई कैमरों से निगरानी
काशी विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव मंदिर समेत अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस एआई कैमरों से निगरानी कर रही है. ये कैमरे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में सक्षम हैं. एआई कैमरे किसी व्यक्ति के चेहरे को पहचानकर उसे पहले से मौजूद रिकॉर्ड से मिलान कर सकते हैं. इससे अपराधियों और संदिग्ध लोगों की पहचान करने में आसानी हो रही है. कैमरे झगड़ा, चोरी, हथियार दिखना, अचानक भागना या असामान्य भीड़ जैसी गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं. इससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलती है. ये कैमरे केवल निगरानी ही नहीं करते, बल्कि डेटा का विश्लेषण भी करते हैं.



