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वीडी सतीशन ने ली केरलम के CM पद की शपथ, कैबिनेट में शामिल 20 विधायक

वीडी सतीशन ने ली केरलम के CM पद की शपथ, कैबिनेट में शामिल 20 विधायक
May 18, 2026, 08:34 AM
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Posted By Preeti Kumari

VD Satheesan takes oath as Kerala CM, 20 MLAs included in the cabinet


तिरुवनंतपुरम: केरल की नव निर्वाचित सरकार का आज सोमवार (18 मई, 2026) को तिरुवनंतपुरम सेंट्रल स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ. जहां कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है, जिसके बाद से अब वह राज्य की यूडीएफ सरकार की कमान संभालेंगे. उन्हें राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शपथ दिलाई है. वी.डी. सतीशन के साथ-साथ यूडीएफ कैबिनेट ने भी शपथ ली है. कैबिनेट में कांग्रेस के 11, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पांच और यूडीएफ के अन्य गठबंधन सहयोगियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. इस समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस के तमाम सीनियर नेता भील मौजूद रहे.


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जानिए किन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ


शपथ ग्रहण समारोह में 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी शपथ ली, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और केपीसीसी प्रमुख सनी जोसेफ के साथ-साथ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी, पीके बशीर, एन समसुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर, इसके अलावा मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, टी सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदू कृष्णा, एम लिजू, केए थुलसी और ओ जे जनीश ने भी शपथ ली.


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यूडीएफ को मिला स्पष्ट जनादेश


कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने केरल में 2026 का विधानसभा चुनाव स्पष्ट जनादेश के साथ जीता है. दस साल तक विपक्ष में रहने के बाद UDF को 46.55% वोट मिले हैं. इससे पहले 2001 में 49.05% वोट मिले थे, यह उसके 2021 के वोटों के हिस्से के मुकाबले 7.67 प्रतिशत अंकों की बढ़त है. वोटों में इस उछाल का नतीजा यह हुआ कि उसे 62 सीटें ज्यादा मिलीं, जिससे 2026 में UDF की सीटों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है. वहीं, वीडी सतीशन ने घोषणा की थी कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुवनचूर राधाकृष्णन विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे, जबकि शनिमोल उस्मान उपाध्यक्ष होंगे. विधायक अपू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है.


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जानें केरल के सीएम पद की शपथ लेने वाले सतीशन कौन है


बता दें, वीडी सतीशन ने राजनीति में अपना पहला कदम 1990 के दशक में छात्र संघ से रखा था. 1996 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन दुर्भाग्‍य से वो इस चुनाव को जीत नहीं सके थे. मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे वीडी सतीशन की कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, लेकिन परिवार का समर्थन मिलने के चलते उन्होंने राजनीति में कदम रखा.


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राजनीति में आने से पहले उन्होंने केरल उच्च न्यायालय में वकालत भी की हैं. वीडी सतीशन की ये खासियत है कि, वह लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं, यहीं कारण है कि वो जमीन से जुड़े हुए एक बेहतर नेता है जो जनता की समस्याओं को अपनी समस्या समझकर उसका हल निकालते है, इन्हीं खूबियों की वजह से उन्हें आम जनता सरकार बनाने का मौका देती है.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।