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यात्रियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस का मास्टर प्लान, नई यूनिफॉर्म के साथ बनेगा हाईटेक कंट्रोल रूम...

यात्रियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस का मास्टर प्लान, नई यूनिफॉर्म के साथ बनेगा हाईटेक कंट्रोल रूम...
Jun 10, 2026, 04:59 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: काशी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए वाराणसी पुलिस ने जल पुलिस के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है. इस योजना के तहत जल पुलिस को नई पहचान देने के लिए अलग ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, वहीं घाटों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा.

धर्मनगरी काशी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और नौका विहार के लिए पहुंचते हैं. कई बार लापरवाही या हादसों के कारण लोगों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है. ऐसे मामलों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह नई पहल की जा रही है.

NAGAR


नई यूनिफॉर्म से होगी अलग पहचान

एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि जल पुलिस की नई यूनिफॉर्म येलो और नेवी ब्लू रंग की होगी. येलो रंग की शर्ट और नेवी ब्लू रंग की पैंट जल पुलिस कर्मियों को घाटों पर अधिक दृश्यता प्रदान करेगी. वर्तमान यूनिफॉर्म की तुलना में नई ड्रेस लोगों को आसानी से पहचानने में मदद करेगी, जिससे आपात स्थिति में पर्यटक और श्रद्धालु तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे.

उन्होंने कहा कि अलग यूनिफॉर्म से जल पुलिस कर्मियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और उनकी कार्यक्षमता में सुधार आएगा.


20 से 25 कैमरों वाला कंट्रोल रूम होगा स्थापित

योजना के तहत एक आधुनिक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा, जो 20 से 25 कैमरों से लैस होगा. इन कैमरों को शहर के प्रमुख घाटों पर लगाया जाएगा और सर्विलांस सिस्टम के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया देना संभव हो सकेगा.

जल पुलिस कर्मियों को विशेष सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें लाइफ जैकेट, लाउडहेलर, कैप और सनग्लासेस जैसे उपकरण शामिल होंगे.


गंगा आरती के दौरान चलेंगे जागरूकता वीडियो

एडीसीपी ने बताया कि केवल निगरानी ही नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. घाटों पर लाउडहेलर के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं.

इसके अलावा शहर के चार प्रमुख घाटों पर गंगा आरती के दौरान वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से सुरक्षा जागरूकता वीडियो भी प्रदर्शित किए जाएंगे. इन वीडियो के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा स्नान, नौका विहार और घाटों पर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी.


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नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई

जल पुलिस लगातार सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए अभियान चला रही है. एडीसीपी वैभव बांगर के अनुसार, इस वर्ष अब तक 33 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 70 से अधिक नावों को नियमों के उल्लंघन के चलते सीज किया गया है.

उन्होंने कहा कि पहले लोगों को जागरूक किया जाता है और नियमों की जानकारी दी जाती है, लेकिन चेतावनी के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है.


वाराणसी पुलिस का मानना है कि नई यूनिफॉर्म, हाईटेक निगरानी प्रणाली और जागरूकता अभियानों के माध्यम से घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.

कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) की ओऱ से वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित शिविर में एकत्रित 61 यूनिट रक्त महामना कैंसर सेंटर,वाराणसी को उपलब्ध कराया गया. इससे कैंसर के जरूरतमंद मरीजों को उपचार में सहायता मिल सकेगी.कार्यक्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर सतीश कुमार सिंह रहे. इस अवसर पर कृषि विज्ञान संकाय के छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डा. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डा. सुधीर कुमार राजपूत, वार्डन डा. निखिल कुमार सिंह, डा. अफजल अहमद, डा. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाऊस के वार्डन डा. तरुन वर्मा तथा कृषि विज्ञान संस्थान के छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह, वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता रहे. रक्तदान शिविर में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास एवं अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी रक्तदान किया. सभी प्रतिभागियों के सहयोग से शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त का संग्रह करकारगिल विजय दिवस के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई एवं भारत की जीत को सहर्ष स्मरण किया गया. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम भी है.ALSO READ : रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.सभी रक्तदाताओं एवं वालंटियर्स के लिये रिफ्रेशमेंट, फल, स्वच्छ पेयजल एवं हल्के नाश्ते का प्रबंध किया गया था. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं देशप्रेम,मालवीय मूल्यों एवं सामाज कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का मंत्र दिया गया.
रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.
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वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर रेलवे की वाणिज्यिक और चिकित्सा टीम ने कृषक एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक गंभीर महिला यात्री को समय रहते उपचार उपलब्ध कराया।जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को 15007 कृषक एक्सप्रेस से यात्रा कर रही लगभग 30 वर्षीय महिला यात्री गोलू, निवासी बधुआ गोदाम, की मऊ स्टेशन के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऑक्सीजन स्तर अत्यधिक कम होने और हृदय संबंधी समस्या के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने तत्काल 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर सहायता मांगी।सूचना मिलते ही मुख्य टिकट निरीक्षक राम प्रभाव यादव ने रेलवे चिकित्सा टीम को सतर्क किया। कृषक एक्सप्रेस के मऊ स्टेशन पहुंचते ही मंडल रेलवे चिकित्सक डॉ. पुनीत राव अपनी टीम के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों सहित मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने महिला को तत्काल ऑक्सीजन सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान किया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।ALSO READ : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...इसके बाद बेहतर इलाज के लिए महिला यात्री को एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय, मऊ भेजा गया। रेलवे की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की महिला के परिजनों एवं अन्य यात्रियों ने सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया।मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में वाराणसी मंडल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी आपात स्थिति में 139 रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...
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वाराणसी : ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को वाराणसी में आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के गौ-संरक्षण, संवर्धन और सेवा संबंधी विज्ञापन को भ्रामक और वास्तविक स्थिति से परे बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का 'नीति, नीयत और नतीजे' का दावा धरातल पर दिखाई नहीं देता। यदि प्रदेश में गौ-संरक्षण की स्थिति इतनी बेहतर होती तो गौवंश सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर नहीं होता।शंकराचार्य ने कहा कि सरकार के विज्ञापन में प्रदेश की आदर्श सरकारी गौशाला के बजाय निजी गौशाला की तस्वीर प्रकाशित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश की पहचान गंगातीरी नस्ल के स्थान पर गीर गाय की तस्वीर का उपयोग किया गया है।उन्होंने कहा कि 7,500 से अधिक गौ-आश्रय स्थलों, 12 लाख से अधिक गौवंश के संरक्षण, नंदनी कृषक समृद्धि योजना, नंद बाबा योजना, गोबर से ग्रीन एनर्जी और गौ-उत्पाद आधारित उद्योगों के दावे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देते।उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई गौ-आश्रय केंद्रों में देशी गायों के साथ जर्सी सांड रखे जा रहे हैं, जिससे देशी नस्लों पर संकट खड़ा हो रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि दुग्ध उत्पादन में देशी गायों का वास्तविक योगदान कितना है और सरकार गाय को केवल पशु मानती है या माता।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित सरकारी गौशालाओं की जमीनी स्थिति का वीडियो तैयार कर जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसदों और विधायकों से भी इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। सरकार को अहंकार छोड़कर शंकराचार्यों और संतों के सुझावों को स्वीकार करना चाहिए तथा गाय को 'पशु' की सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देना चाहिए।उन्होंने बताया कि 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के दौरान प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस यात्रा में 14 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की गई, लगभग 1,500 जनसभाओं को संबोधित किया गया और करीब 18 लाख लोगों से संवाद स्थापित हुआ।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...प्रेसवार्ता में उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की भी घोषणा की। इसके तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 'एक नोट अभियान' चलाकर अभिनव आशीर्वाद गोधाम की स्थापना की जाएगी। शारदीय नवरात्रि में काशी में विशाल गो-प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन होगा। वहीं दीपावली के बाद प्रदेश के लाखों गांवों से लाखों गौवंश के साथ लखनऊ कूच किया जाएगा।अंत में शंकराचार्य ने गविष्ठि यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।