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जींस,टी शर्ट पहनकर नहीं जा सकेंगे काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में, पारंपरिक वस्त्र अनिवार्य...

जींस,टी शर्ट पहनकर नहीं जा सकेंगे काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में, पारंपरिक वस्त्र अनिवार्य...
Jul 03, 2026, 03:13 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. तैयारियों की समीक्षा के लिए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक हुई. इसमें दीक्षांत से पहले दीक्षोत्सव के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रम के लिए गठित समितियों से दीक्षोत्सव की गतिविधियों की प्रगति एवं कार्य योजना पर चर्चा हुई.


बैठक में निर्णय लिया गया है कि दीक्षांत के प्रतिभागियों सहित सभी को भारतीय पांरपरिक पीत वर्णीय परिधान ही पहनना होगा. इसमें पुरुष पीला या बसंती रंग का कुर्ता और सफेद रंग की धोती या पैजामा पहनेंगे. वह पीला, बसंती शर्ट और सफेद रंग की पैंट भी पहन सकते हैं. महिलाएं पीत वर्णीय साड़ी या सलवार-सूट पहनेंगी. जींस, टी शर्ट, काले व गहरे रंग के वस्त्र पूरी तरहे से प्रतिबंधित रहेंगे.

इस बार दीक्षांत समारोह को परिसर के बाहर करने का निर्णय लिया गया. बैठक के दौरान सिगरा स्थित रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर को आयोजन स्थल के रूप में स्वीकृत किया गया. प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान दृष्टिगत विश्वविद्यालय परिसर में समग्र रूप से नान बायो डिग्रेडेबल प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया.


बैठक में दीक्षांत स्मारिका और निमंत्रण पत्र का प्रारूप भी स्वीकृत किया गया. साथ ही स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों परिणाम एवं योग्यता क्रम की स्थिति से अवगत कराया गया. बैठक में कुलसचिव डा. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. केके सिंह, डीन अकादमिक प्रो. बंशीधर पाण्डेय, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा रहे. 28 जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह का मुख्य विषय 'विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत 2047 की आधारशिला' है.

समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द शिपिंग कारपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड कैप्टन बीके त्यागी होंगे.


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कैप्टन त्यागी भारतीय नौवहन क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ एवं अनुभवी प्रशासक हैं. 32 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में समुद्री परिवहन, पोत संचालन, प्रबंधन, लाजिस्टिक्स एवं वैश्विक नौवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं. कैप्टन त्यागी ने शिपिंग कारपोरेशन आफ इंडिया से अपने करियर की शुरुआत की और विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए वर्तमान में देश के प्रमुख समुद्री संस्थानों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहे हैं.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया