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बनारस में 11,000 से अधिक स्वयं सहायता से 1.38 लाख महिलाएं जुड़ी , की प्रेरणा मार्ट की स्थापना

बनारस में 11,000 से अधिक स्वयं सहायता  से 1.38 लाख महिलाएं जुड़ी , की प्रेरणा मार्ट की स्थापना
Sep 15, 2025, 07:08 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान बन कर बनारस में ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाएं उभर रही हैं.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वालम्बी बनाने का संकल्प तेजी से सिद्धि की और बढ़ रहा है. मोदी -योगी की सरकार ने 10 वर्षो में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.38 लाख महिलाओं को अपने पैरो पर खड़ा कर दिया है. वही "प्रेरणा मार्ट व आकांक्षा मार्ट" से ग्रामीण महिलाओं को नया बाजार व पहचान मिल रहा है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने वाराणसी में अपने संचालन के सफलता के 10 वर्ष पूर्ण कर लिया हैं. इस अवधि में मिशन द्वारा ग्रामीण अंचलों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं. ग्रामीण महिलाएं ड्रोन पायलट से लेकर डेयरी ,कृषि, बिजली सखी, सर्विस सेक्टर आदि सभी क्षेत्र में उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक कर रही है.


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महिलाओं को सशक्त बनाने की योजना


मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि एनआरएलएम के प्रारंभिक चरण में मिशन द्वारा इंटेंसिव सोशल मोबिलाइजेशन के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया. वर्तमान में वाराणसी में 11,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.38 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं. समूहों के कुशल संचालन, निगरानी, आजीविका संवर्धन एवं वित्तीय समावेशन हेतु 840 ग्राम संगठन एवं 32 संकुल संगठन गठित किए गए हैं. इन समूहों को रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि एवं आजीविका निधि के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, साथ ही बैंकों से क्रेडिट लिंकेज कराकर करोड़ों रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है. जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न संकुल संगठनों, कैडरों एवं उत्पादक महिलाओं के साथ रणनीति साझा कर स्थानीय उत्पादों के विपणन को सशक्त बनाने की योजना को मूर्त रूप दिया जा रहा.


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स्थानीय बाजार में “प्रेरणा” और “आकांक्षा” की नई उड़ान


उपायुक्त स्वतः रोजगार पवन कुमार सिंह ने जानकारी दिया कि जनपद के प्रत्येक विकासखण्ड के चार टाउन एरिया में “प्रेरणा मार्ट” की स्थापना की गई है, जिनकी संख्या कुल 32 है। इन मार्ट्स की औसत मासिक बिक्री ₹50,000 है. इसके अतिरिक्त जनपद स्तर पर एक “आकांक्षा मार्ट” भी स्थापित किया गया है, जहां सभी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाती है आकांक्षा मार्ट की औसत मासिक बिक्री ₹1.5 लाख तक पहुँच चुकी है.


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मार्ट्स में उपलब्ध प्रमुख उत्पाद


इन मार्ट्स में उपलब्ध प्रमुख उत्पादों में पूजा-पाठ सामग्री, लकड़ी के खिलौने, वाराणसी साड़ी एवं सूट, अरहर दाल, बेसन, वर्मी कम्पोस्ट, अचार, मुरब्बा, गोबर पेंट, फिनायल, हर्बल साबुन, नमकीन, अगरबत्ती, जूट बैग, स्टेशनरी, सरसों तेल, शहद, हैंडवाश, मिट्टी के दीये, मसाले, ड्रेस आदि शामिल हैं। मार्ट संचालन हेतु स्थानीय महिलाओं को ही प्रेरणा मार्ट संचालिका के रूप में नामित किया गया है, जिससे उनके नेतृत्व कौशल को भी बल मिल रहा है। मार्ट मे बिकने वाली वाली सामग्री का उत्पादन भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाता है.


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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी जुड़ाव


 मुख्य विकास अधिकारी बताते है कि समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग व ऑनलाइन मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है । वर्तमान में हार्पिक, फिनायल, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर पेंट जैसे उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफार्म (फ्लिपकार्ट ,ज़ेम पोर्टल ) से जुड़ चुके हैं, जिनकी ऑनलाइन बिक्री भी की जा रही है . उपायुक्त स्वतः रोजगार ने बताया कि सरकार की इस पहल ने वाराणसी की महिलाओं को बाजार, पहचान और आत्मनिर्भरता का ऐसा मंच प्रदान किया है जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी नई ऊँचाइयों पर पहुँचा रहा है . साथ ही प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री का आह्वाहन स्वदेशी अपनाने, वोकल फार लोकल अभियान को भी बल मिल रहा है.

जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि