वाराणसी में बलिदानियों की स्मृति में बनेगा म्यूरल पार्क, 18 एकड़ में विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएँ...

वाराणसी : जिले के पिंडरा विकासखंड स्थित करखियांव गांव औद्योगिक क्षेत्र के बाद अब स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट से भी जुड़ने वाला है. पर्यटन विभाग को इसके लिए 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित धनराशि में से पहली किस्त के रूप में आठ करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. यहां करीब 18 एकड़ क्षेत्र में म्यूरल पार्क (भित्ति चित्र) बनेगा. इसमें स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा संरक्षित की जाएगी. आधुनिक पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
26 स्तंभ, हर एक पर बलिदानी का प्रतिनिधित्व
गांव के 26 बलिदानियों की याद में बनने वाले इस म्यूरल पार्क में उनकी वीरगाथाओं को चित्रों के माध्यम से उकेरा जाएगा. इसके साथ ही 26 स्तंभ भी स्थापित किए जाएंगे. हर स्तंभ एक बलिदानी का प्रतिनिधित्व करेगा. करखियांव गांव का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की आजादी तक यहां के लोगों ने हर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

सबसे अधिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वाला गांव
स्थानीय इतिहास के अनुसार जिले में सबसे ज्यादा स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे. यह गांव 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना का भी गवाह रहा है. इस पर्यटन परियोजना के जरिये इन वीरों के बलिदान और आजादी की लड़ाई के इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाएगा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा से जोड़ने का कार्य कर रही है.
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इसी सोच के तहत स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के अंतर्गत वाराणसी के करखियांव गांव को विकसित किया जा रहा है. इस गांव में शहीदों और सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा. इससे नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी। यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा.



