श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से दशाश्वमेध घाट तक बनेगा पाथवे, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत...

वाराणसी : बाबा दरबार तक पहुंचने की डगर आसान होगी. काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द ही विश्वनाथ धाम से दशाश्वमेध घाट तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने वाली है. दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु गंगा के मनोहारी दृश्य का आनंद लेते हुए सीधे दशाश्वमेध घाट तक पहुंच सकेंगे. इसके लिए गंगा घाट पाथवे (सैरगाह कनेक्टिविटी) निर्माण परियोजना पर कार्य शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से विश्वनाथ धाम से ललिता घाट, मीर घाट, त्रिपुरा भैरवी घाट, मान मंदिर महल और राजेंद्र प्रसाद घाट होते हुए दशाश्वमेध घाट तक तीन मीटर चौड़ा पाथवे बनाया जा रहा है. परियोजना पर 6.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पाथवे के दोनों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई जाएगी.
ढाई करोड़ की पहली किस्त जारी
शासन ने परियोजना को मंजूरी देते हुए प्रथम किस्त के रूप में 2.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. निर्माण कार्य का दायित्व सक्षम इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है. ठेकेदार द्वारा दशाश्वमेध घाट और ललिता घाट दोनों ओर से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. वर्तमान में घाटों की कई सीढ़ियां अधिक ऊंची होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. साथ ही कई घाटों के बीच सीधा संपर्क न होने से श्रद्धालुओं को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. नई कनेक्टिविटी बनने के बाद विश्वनाथ धाम और दशाश्वमेध घाट के बीच की दूरी मात्र 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी.
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गौरतलब है कि पिछले वर्ष वाराणसी दौरे पर आए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव ने गंगा घाटों के सुंदरीकरण और आपसी संपर्क बढ़ाने का सुझाव दिया था. इसके बाद पर्यटन विभाग ने परियोजना की रूपरेखा तैयार की. हाल ही में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने भी घाटों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे.



