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आकाश गंगा कॉलोनी में 7.55 लाख रुपये की लागत से बनेगी नई सड़क...

आकाश गंगा कॉलोनी में 7.55 लाख रुपये की लागत से बनेगी नई सड़क...
Jun 25, 2026, 06:56 AM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : शहर के विभिन्न इलाकों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है.इसी क्रम में चिरईगांव क्षेत्र की कर्मदेनी देवी आकाश गंगा कॉलोनी में नई सड़क निर्माण परियोजना की शुरुआत की गई है.इस सड़क के निर्माण पर लगभग 7.55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.


जानकारी के अनुसार, आकाश गंगा कॉलोनी के मुरारी चौक सामनेघाट स्थित मकान से लेकर बृज किशोर पांडेय के मकान तक करीब 62 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा.लंबे समय से इस मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती थी.


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बुधवार को वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया.इस दौरान उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य शहर के हर क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना है.बेहतर सड़क, साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं.


महापौर ने निर्माण कार्य से जुड़ी कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सड़क का निर्माण तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए.उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लोगों को जल्द से जल्द इस परियोजना का लाभ मिलना चाहिए.


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स्थानीय नागरिकों ने भी सड़क निर्माण की शुरुआत पर खुशी जताई.उनका कहना है कि नई सड़क बनने से कॉलोनी में आवागमन आसान होगा और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.नगर निगम की इस पहल से क्षेत्र के निवासियों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.

निर्जला एकादशी पर काशी में बही भक्ति की धारा, कलश यात्रा निकालकर बाबा का जलाभिषेक...
निर्जला एकादशी पर काशी में बही भक्ति की धारा, कलश यात्रा निकालकर बाबा का जलाभिषेक...
वाराणसी : निर्जला एकादशी के अवसर पर गुरुवार की सुबह काशी में कलश यात्रा निकाली गई. बाबा विश्वनाथ का 1008 कलशों से जलाभिषेक किया गया. बाबा विश्वनाथ के भक्त उनके धाम के लिए राजेंद्र प्रसाद घाट से गंगाजल लेकर "हर-हर महादेव" का उद्घोष करते हुए निकले. धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया. पूरे आयोजन के दौरान शिवभक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला. यात्रा में झेलम, चिनाव, रावी, गोदावरी, व्यास के अलावा काशी, हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगाजल से पूरित 11 रजत कलश लेकर भक्तगण सबसे आगे चलते दिखे.इनके साथ श्रद्धालु भक्ति भाव से आगे बढ़ते रहे. श्री काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति द्वारा यह परंपरा वर्ष 1998 में शुरू की गई थी. यह कलश यात्रा कुल 2 किलोमीटर लंबी रही, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप में कलाकार भी शामिल हुए. उन्होंने पूरे रास्ते भक्ति गीतों के बीच जमकर नृत्य किया. काशी के विभिन्न इलाकों से महिलाएं पीली साड़ी पहनकर इस यात्रा में शामिल होने पहुंचीं. मिट्टी के कलशों में गंगाजल भरा गया और फिर बाबा विश्वनाथ को अर्पित करने के लिए निर्जला व्रत रखकर महिलाएं इस यात्रा में शामिल हुईं.भक्ति का भावसनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है. इस दिन सनातनी पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए कठिन व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि इस दिन बाबा को पवित्र नदियों का जल अर्पित किया जाए, तो वे अत्यंत शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को भीषण गर्मी से राहत प्रदान करते हैं. इस व्रत में सूर्योदय से पहले उठना जरूरी होता है. फिर तीर्थ स्नान करने का विधान है. ऐसा न कर पाएं तो पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे और एक चुटकी तिल मिलाकर नहाते हैं.ALSO READ : अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...फिर व्रत करने का संकल्प लिया जाता है. इसके बाद उगते हुए सूरज को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत होती है. एकादशी तिथि के सूर्योदय से अगले दिन द्वादशी तिथि के सूर्योदय तक जल नहीं पिया जाता और भोजन भी नहीं किया जाता है.
अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...
अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...
वाराणसी : लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन सख्‍ती के मोड में है. विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहरभर में विशेष अभियान चलाकर भवन मानकों, मानचित्र स्वीकृति और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया. वहीं 20 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सील किए गए सभी संस्थानों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है. अब तक की यह सबसे बडी कार्रवाई बताई जा रही है.वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत शहर को पांच जोनों में विभाजित कर व्यापक जांच की गई. निरीक्षण के दौरान कई संस्थान बिना स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक अनुमति और फायर सेफ्टी मानकों का पालन किए संचालित होते पाए गए. अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन संस्थानों को पहले नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया, उनके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई है.उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों को भवन निर्माण मानकों, स्वीकृत मानचित्र और अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा. वीडीए की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की.जोन आधारित कार्रवाईजोन-1 (पांडेयपुर, भरलाई, टैगोर टाउन): रैंकर्स कोचिंग, ट्राइस क्लासेज, एपिस ट्यूटोरियल्स, कौटिल्य एकेडमी, मोमेंटम कैरियर क्लासेज समेत कई संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई.जोन-2 (सारनाथ, आशापुर): बिना निर्धारित मानकों के संचालित एक कोचिंग संस्थान और एक लाइब्रेरी को सील किया गया.जोन-3 (सिगरा, महमूरगंज): कई प्रशिक्षण केंद्रों और कोचिंग संस्थानों के पास आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई.जोन-4 (दुर्गाकुंड, संकटमोचन): इसरो कोचिंग, इंडिविजुअल कोचिंग, अड्डा कोचिंग और माइक्रोटेक कोचिंग को सील किया गया.जोन-5 (रामनगर, कटेसर, साहित्यनाका, कैलाशपुरी, नई बस्ती): सबसे अधिक कार्रवाई (Varanasi) करते हुए कई कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को बंद कराया गया.फायर विभाग की जांच में भी सामने आईं गंभीर कमियांमुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में फायर विभाग ने भी लगभग 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया. जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं. भोजूबीर स्थित पीडब्ल्यू विद्यापीठ में मुख्य सीढ़ी बाधित मिली, जिससे आपातकालीन निकासी प्रभावित हो सकती थी. वहीं कौटिल्य कोचिंग सेंटर और मोमेंटम कोचिंग सेंटर में सीढ़ियों के पास एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट लगी मिलीं, जो फायर सेफ्टी मानकों के विपरीत हैं. पांडेयपुर स्थित लक्ष्य कोचिंग सेंटर निरीक्षण के दौरान बंद मिला. फायर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं.ALSO READ : वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताअधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अध्ययन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, स्वीकृत मानचित्र और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. प्रशासन का मानना है कि इन नियमों की अनदेखी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. वीडीए और अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी कोचिंग संचालकों से आवश्यक अनुमति, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है.
वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...
वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...
वाराणसी : पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल ने बुधवार को साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की. जिसमें साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी जांच एवं शिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही एवं अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर चार साइबर प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया तथा विवेचनाओं को 60 दिवस से अधिक समय तक लंबित रखने पर 02 विवेचकों को निलंबित किया गया.6 करोड़ होल्‍ड बैठक में साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध खाताधारकों एवं अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया. वर्ष 2026 में अब तक लगभग 06 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की धनराशि होल्ड/फ्रीज कराई गई है, 3198 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए हैं तथा 509 IMEI नंबर डिएक्टिवेट किए गए हैं. पुलिस आयुक्त ने प्रतिबिंब एवं समन्वय पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए. वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराधों में संलिप्त 3198 मोबाइल नंबर ब्लॉक तथा 509 मोबाइल फोन (IMEI) डिएक्टिवेट कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई.1 उनि विजय कुमार यादव कोतवाली पुलिस लाइन2 उनि सौरभ कुमार आदमपुर पुलिस लाइन3 उनि पवन जायसवाल शिवपुर पुलिस लाइन4 उनि तबीज खान जंसा पुलिस लाइन5 उनि रोहित कुमार सिंधौरा निलम्बित6 उनि ऋतुराज मिश्रा लोहता निलम्बितकाशी, वरुणा एवं गोमती जोन के थानों की कार्यप्रगति का मूल्यांकन करते हुए साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी जांच एवं शिकायत निस्तारण को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए गए. साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट एवं संदिग्ध खाताधारकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई कर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु निर्देशित किया गया. साइबर शिकायतों के 76 प्रतिशत डिस्पोजल रेट पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की गई तथा इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए.ALSO READ : वाराणसी में अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, पुलिस तैनात...पूर्व में दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन से शिकायतों का Lien Time घटकर मात्र 14 मिनट रह गया है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए.