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सेवा, समर्पण और क्षेत्रीय दक्षता से बनेगा सामाजिक कार्य का सशक्त भविष्य

सेवा, समर्पण और क्षेत्रीय दक्षता से बनेगा सामाजिक कार्य का सशक्त भविष्य
Sep 14, 2026, 12:22 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अंतर्गत संचालित एमए इन सोशल वर्क कार्यक्रम में प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट, व्यावसायिक दक्षता और करियर की संभावनाओं को लेकर विशेष संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिल्ड्रेन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी, गुजरात के सहायक प्रोफेसर डॉ. शैलेश ब्रह्मभट्ट ने विद्यार्थियों को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार, नेतृत्व और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी।


पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. वीके लहरी ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को प्लेसमेंट टीम की कार्यप्रणाली और करियर निर्माण में उसकी भूमिका से परिचित कराया। उन्होंने समाज सेवा को भारतीय जीवन-दर्शन और ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि एक सफल समाजसेवी के व्यक्तित्व में सहयोग और योगदान का समन्वय होना जरूरी है।


डॉ. शैलेश ब्रह्मभट्ट ने विद्यार्थियों के साथ अपनी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा और अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति अडिग रहना सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रेरक संकल्पना ‘तेजस्वी बालक, तेजस्वी भारत’ का उल्लेख करते हुए सामाजिक कार्य के क्षेत्र में सेवा, संवेदना, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला।


उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, ब्लड बैंक, मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोरोग सेवाओं, बाल संरक्षण सोसायटी, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में रोजगार और नेतृत्व के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।


डॉ. ब्रह्मभट्ट ने ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ श्लोक का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कर्मनिष्ठा, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य की व्यावसायिक दक्षता केवल किताबों तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर समुदाय के बीच जाना, लोगों की समस्याओं को समझना, संवाद स्थापित करना और नियमित क्षेत्रकार्य करना जरूरी है।


ALSO READ : आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मणिकर्णिका घाट से गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर प्रताड़ित करने का आरोप



उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रेरक उद्घोष के माध्यम से विद्यार्थियों में साहस, संकल्प और चुनौतियों का सामना करने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सामाजिक कार्य के क्षेत्र में करियर और उच्च शिक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे।


यह संवाद सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक रहा। कार्यक्रम ने उन्हें सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक, शैक्षणिक और शोधपरक अवसरों से परिचित कराया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने किया।

सेवा, समर्पण और क्षेत्रीय दक्षता से बनेगा सामाजिक कार्य का सशक्त भविष्य
सेवा, समर्पण और क्षेत्रीय दक्षता से बनेगा सामाजिक कार्य का सशक्त भविष्य
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अंतर्गत संचालित एमए इन सोशल वर्क कार्यक्रम में प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट, व्यावसायिक दक्षता और करियर की संभावनाओं को लेकर विशेष संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिल्ड्रेन्स रिसर्च यूनिवर्सिटी, गुजरात के सहायक प्रोफेसर डॉ. शैलेश ब्रह्मभट्ट ने विद्यार्थियों को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार, नेतृत्व और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी।पाठ्यक्रम समन्वयक प्रो. वीके लहरी ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को प्लेसमेंट टीम की कार्यप्रणाली और करियर निर्माण में उसकी भूमिका से परिचित कराया। उन्होंने समाज सेवा को भारतीय जीवन-दर्शन और ‘सेवा परमो धर्मः’ की भावना से जोड़ते हुए कहा कि एक सफल समाजसेवी के व्यक्तित्व में सहयोग और योगदान का समन्वय होना जरूरी है।डॉ. शैलेश ब्रह्मभट्ट ने विद्यार्थियों के साथ अपनी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा और अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लक्ष्य के प्रति अडिग रहना सफलता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रेरक संकल्पना ‘तेजस्वी बालक, तेजस्वी भारत’ का उल्लेख करते हुए सामाजिक कार्य के क्षेत्र में सेवा, संवेदना, समर्पण और सामाजिक परिवर्तन के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO), क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम, ब्लड बैंक, मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोरोग सेवाओं, बाल संरक्षण सोसायटी, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में रोजगार और नेतृत्व के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।डॉ. ब्रह्मभट्ट ने ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ श्लोक का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कर्मनिष्ठा, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्य की व्यावसायिक दक्षता केवल किताबों तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकलकर समुदाय के बीच जाना, लोगों की समस्याओं को समझना, संवाद स्थापित करना और नियमित क्षेत्रकार्य करना जरूरी है।ALSO READ : आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मणिकर्णिका घाट से गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर प्रताड़ित करने का आरोपउन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रेरक उद्घोष के माध्यम से विद्यार्थियों में साहस, संकल्प और चुनौतियों का सामना करने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सामाजिक कार्य के क्षेत्र में करियर और उच्च शिक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे।यह संवाद सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक रहा। कार्यक्रम ने उन्हें सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक, शैक्षणिक और शोधपरक अवसरों से परिचित कराया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने किया।
आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मणिकर्णिका घाट से गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर प्रताड़ित करने का आरोप
आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी मणिकर्णिका घाट से गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर प्रताड़ित करने का आरोप
वाराणसी : मण्डुवाडीह थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और सोमवार को मणिकर्णिका घाट से सुबह करीब 7:20 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान अश्वनी गौतम उर्फ देव सिंह (29) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ मण्डुवाडीह थाने में मु0अ0सं0 0287/2026 के तहत धारा 108 बीएनएस में मुकदमा दर्ज है।पुलिस के अनुसार, आरोपी पर 23 वर्षीय युवती को शादी का झांसा देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। आरोप है कि प्रताड़ना से परेशान होकर युवती ने आत्महत्या कर ली। मामले में युवती के पिता ने 10 अगस्त 2026 को मण्डुवाडीह थाने में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।ALSO READ : IIT-BHU में विद्यार्थियों के लिए दो नई बसों का शुभारंभ, परिवहन व्यवस्था होगी और सुगमपुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के महुआ महोई मुर्रा गांव का रहने वाला है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार यादव कर रहे हैं।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार यादव और कांस्टेबल अतुल कुमार पाण्डेय शामिल रहे। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
IIT-BHU में विद्यार्थियों के लिए दो नई बसों का शुभारंभ, परिवहन व्यवस्था होगी और सुगम
IIT-BHU में विद्यार्थियों के लिए दो नई बसों का शुभारंभ, परिवहन व्यवस्था होगी और सुगम
वाराणसी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU) में विद्यार्थियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दो नई बसों का शुभारंभ किया गया। सोमवार को Student Activity Centre (SAC) में संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने दोनों बसों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रभावी परिवहन व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परिसर की सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई बसों के संचालन से विद्यार्थियों को परिसर में आवागमन में सुविधा मिलेगी और परिवहन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।संस्थान के अनुसार, दोनों नई बसों का संचालन विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इससे परिसर के विभिन्न हिस्सों के बीच विद्यार्थियों के आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलेगी।शुभारंभ कार्यक्रम में कुलसचिव सुमित कुमार बिस्वास, अधिष्ठाता फैकल्टी अफेयर्स प्रो. एनके मुखोपाध्याय, अधिष्ठाता (स्टूडेंट्स अफेयर्स) प्रो. राजेश कुमार, सहायक अधिष्ठाता प्रो. मेधा झा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. संजय सिंह, चेयरमैन CoW प्रो. राकेश कुमार सिंह, PIC-Admin प्रो. रंजीत महंती, प्रो. इन-चार्ज-TPO प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, को-इनचार्ज-TPO डॉ. सूर्य देव यादव सहित संस्थान के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।ALSO READ : महिला महाविद्यालय में मनाया गया हिन्दी दिवस, प्रो. अवधेश प्रधान ने हिन्दी की समृद्ध परंपरा और प्रासंगिकता पर रखे विचारIIT-BHU प्रशासन ने उम्मीद जताई कि नई बसों की शुरुआत से विद्यार्थियों को परिसर में आवागमन के दौरान अधिक सुविधा मिलेगी और संस्थान की परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।