महिला ने आनलाइन मंगाया सल्फास, खाकर दे दी जान, मरने से पहले दी सूचना...

वाराणसी : मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के भोजपुर गांव में नीतू तिवारी (42 वर्ष) नामक दिव्यांग महिला ने फ्लिपकार्ट कंपनी से सल्फास मंगाया और खाकर जान दे दी. गेहूं को कीटाणुओं से बचाने का हवाला देकर महिला ने ऑनलाइन सल्फास मंगाया था. मरने से पूर्व मुंबई में रहने वाली अपनी बहन को मोबाइल पर सूचना दी थी. पुलिस ने शव और महिला के मोबाइल को संरक्षण में लिया और फॉरेंसिक टीम ने भी छानबीन की है. दिव्यांग महिला के कमरे से फ्लिपकार्ट कंपनी का रैपर भी मिला है. महिला की शादी 13 वर्ष पूर्व भोजपुर गांव निवासी धनंजय तिवारी से हुई थी और वह पैर से दिव्यांग और निसंतान थी. पति धनंजय भी पैर से दिव्यांग हैं, जो कि ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
बताया जाता है कि नीतू अक्सर ऑनलाइन सामान मंगवाती थीं. सुबह भी ऑनलाइन सल्फास मंगाया. शुक्रवार की दोपहर विषाक्त पदार्थ के सेवन से पहले मुंबई में रहने वाली अपनी छोटी बहन को मोबाइल फोन पर यह जानकारी दी. बहन ने फोन पर काफी अनुरोध किया कि ऐसा न करें. तुरंत छोटी बहन ने अपने जीजा धनंजय तिवारी और बहन के ससुर को इसकी सूचना दी और तुरंत घर पहुंचने की गुहार लगाई.
धनंजय तिवारी ने यह बात अपने पिता को बताई. खेत में काम करने वाले ससुर भागकर घर पहुंचे तो कमरे में नीतू अचेत अवस्था में थीं और मुंह से झाग जैसा निकल रहा था. मौके की नजाकत भांपकर तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां महिला को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि गेहूं को कीड़े से बचाने के लिए नीतू ने फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन सल्फास मंगाया था.
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पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलन किया और विवाहिता के मोबाइल को भी कब्जे में लिया. मिर्जामुराद पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया. मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि दिव्यांग महिला की सल्फास खाने से मौत हुई है. परिजनों से बातचीत के आधार पर मालूम चला कि बच्चे नहीं होने की वजह से वह अवसाद में रहती थीं. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी.
वहीं जानकारों का कहना है कि फ्लिपकार्ट द्वारा इस प्रकार का आत्मघाती सामान बेचना कानून अपराध है. किसी भी वाणिज्यिक वेबसाइट पर इस तरह के सामान नहीं बेचे जा सकते हैं. इस मामले को वित्त मंत्रालय की बोर्ड बैठक में सरकार के समक्ष रखा जाएगा.



