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मिर्जामुराद में संदिग्‍ध परिस्थितियों में युवक की मौत, कमरे में मिला शव

मिर्जामुराद में संदिग्‍ध परिस्थितियों में युवक की मौत, कमरे में मिला शव
Jan 22, 2026, 07:41 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी :मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के भेड़हा गांव में गुरुवार सुबह उस वक्त हडकंप मचा गया जब एक 25 वर्षीय युवक का शव उसके ही कमरे में बेड पर संदिग्ध परि‍िस्थितियों में मिला. युवक की पहचान प्रद्युम कुमार के रूप में हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही गांव में भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए. परिजनों के अनुसार युवक बुधवार की देर रात करीब चार दिन बाद अपने ससुराल से घर लौटा था. गुरुवार सुबह जब उसके पिता श्याम लाल ने कमरे का दरवाजा खोला, तो बेटा बेड पर मृत अवस्था में पड़ा मिला. यह दृश्य देखते ही परिवार में मातम पसर गया.


पारिवारिक विवाद का आरोप


युवक के परिजनों ने बताया कि उसकी शादी मई 2025 में भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र अंतर्गत जयरामपुर गांव में हुई थी. शादी के बाद से ही उसका अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था. लगभग एक महीने पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी. परिजनों का आरोप है कि चार दिन पहले प्रद्युम कुमार अपनी पत्नी की विदाई के बहाने ससुराल गया था, जहां से वह गहने और शादी में मिली गाड़ी लेकर लौटा. आरोप है कि इसी दौरान ससुराल पक्ष ने उसे जहर खिला दिया, जिससे उसकी मौत हुई.

जांच में जुटी पुलिस, जुटाए साक्ष्‍य


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घटना की सूचना के बाद मिर्जामुराद पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल का गहन निरीक्षण साक्ष्‍य एकत्र कराया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा.

युवक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. वह चार भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटा था. इस दुखद घटना से उसकी मां केवला देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. फिलहाल पुलिस परिजनों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की बात कह रही है.

पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर काशी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन-पूजन
पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा पर काशी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, गंगा स्नान कर बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन-पूजन
Varanasi News: वाराणसी में भोले बाबा की काशी नगरी में पुरुषोत्तम मास की पावन पूर्णिमा पर आज रविवार को श्रद्धा और आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला. तीन वर्ष में एक बार आने वाले इस दुर्लभ संयोग पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई. शाम होते ही दशाश्वमेध, अस्सी, मणिकर्णिका, पंचगंगा समेत कई घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती नजर आई. पूरे घाट क्षेत्र में “हर-हर महादेव”, “हर-हर गंगे” और “जय पुरुषोत्तम देव” के जयघोष गूंजता नजर आया.नौ साल बाद आई पुरुषोत्तमी पूर्णिमाबता दें, पुरुषोत्तमी पूर्णिमा (अधिकमास पूर्णिमा) नौ साल बाद आई है. जिसके चलते बीते शनिवार को व्रत के साथ पूर्णिमा का पूजन शुरू हो गया, शिवयोग में पूजन-अर्चन होगा. सभी व्रतियों ने संकल्प के साथ व्रत रखकर भगवान श्रीहरि का पूजन-अर्चन किया. रविवार को स्नान-दान की पूर्णिमा मनाई जाएगी, श्रद्धालु मां गंगा में स्नान कर दान-पुण्य करेंगे. सुबह घाटों पर स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. पुरुषोत्तम मास के दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान का अत्यधिक महत्व होता है.अधिकमास की पूर्णिमा तिथि शनिवार को शुरू हो गई, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूर्णिमा तिथि सुबह 11:57 बजे से शुरू होकर रविवार को दोपहर 2:14 बजे तक रहेगी. व्रत की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देवों की पूजा कर व्रत का संकल्प लिया। दिनभर व्रत रखा, सत्यनारायण कथा का श्रवण किया और चंद्रमा को अर्घ्य दिया, विष्णु मंदिरों में दर्शन-पूजन किया. रविवार को उदया तिथि के अनुसार श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों का तर्पण करेंगे, पुरुषोत्तम मास में शादी, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते, लेकिन दान और पूजा का फल सबसे अधिक मिलता है.घाटों पर एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी की तैनाती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी, जल पुलिस, एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमें गंगा में लगातार गश्त करती रहीं. गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी. वहीं, घाटों और संपर्क मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी गई, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चेंजिंग रूम, प्राथमिक उपचार शिविर और पेयजल की भी व्यवस्था की गई.Also Read: वाराणसी में आंधी संग होगी झमाझम बारिश, अलर्ट जारी
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Heavy rain accompanied by thunderstorms will occur in Varanasi, alert issuedपुरवा-पछुआ विपरीत हवाओं की युति से बने चक्रवाती वातावरण में तेज आंधी व वर्षा के बाद दूसरे दिन शनिवार को भी तापमान हल्की बढ़त के बाद भी सामान्य से नीचे रहा, पुरवा के आगे बढ़ जाने के कारण पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को आंधी-तूफान वर्षा तो नहीं आई लेकिन धूप नरम बनी रही. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आंधी और वर्षा अभी रविवार और सोमवार को आ सकती है लेकिन आंधी की प्रबलता अब पूर्वानुमान जितनी नहीं रह जाएगी, सके बाद मंगलवार से तापमान फिर बढ़ना आरंभ हो जाएगा.आंधी वर्षा की संभावना शनिवार को सुबह से ही धूप खिल गई थी, अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे 35.4 तो न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा. बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा और सामान्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 33.8 रहा। उधर न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 22 डिग्री सेल्सियस रहा, बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनाेज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आंधी वर्षा की संभावना रविवार व सोमवार की दोपहर बाद हो सकती है. इसकी गति सुबह से दोपहर तक की धूप व गर्मी पर निर्भर करेगी.उत्‍तर प्रदेश वासियों को मौसम से राहत मिलेगीउत्‍तर प्रदेश वासियों को रविवार तक बदले मौसम से राहत मिलेगी। सोमवार से एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है, लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को भी मौसम बदला रहा. पुरवा हवाएं चलेंगी और बादलों की आवाजाही भी रही। दिन का पारा भी 34 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का पारा 245 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने 56 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में मुख्‍य रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, पीलीभीत, मुजफ्फनगर, बरेली, हमीरपुर और महोबा शामिल हैं.Also Read: वाराणसी के लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत, तेज आंधी का अलर्ट जारी
हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन...
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वाराणसी: हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारिता, शिक्षा और जनसंचार जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार साझा किए.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के विकास में बाबू शिवप्रसाद गुप्त, भारतेंदु हरिश्चंद्र और महावीर प्रसाद द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. आज सूचनाएं डिजिटल माध्यमों के जरिए बेहद तेजी से लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पत्रकारों का कार्य पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गया है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन से चार दशकों में हिन्दी पत्रकारिता ने उल्लेखनीय प्रगति की है और नई पीढ़ी ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है.कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने पत्रकारिता में विश्वसनीयता को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया.उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र आज असीम संभावनाओं से भरा हुआ है और आने वाले वर्षों में इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है तथा अनुभव, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और समर्पण किसी भी व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकते हैं.सारस्वत अतिथि एवं उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन समाचारों की सत्यता की जांच करना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है. उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत 'उदंत मार्तंड' से हुई थी और आज यह मजबूत परंपरा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है. ऐसे में पाठकों और पत्रकारों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि के बाद ही उस पर विश्वास करें.मुख्य वक्ता एवं न्यूज18 ग्रुप के पूर्व समूह संपादक प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग अवसर, संकट और चुनौती का संगम है. उन्होंने कहा कि जहां डिजिटल मीडिया ने सूचनाओं के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है, वहीं पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल खबरों तक सीमित न रहें, बल्कि खबरों के पीछे छिपी सच्चाई को भी खोजने का प्रयास करें. यही वास्तविक पत्रकारिता की पहचान है.तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन ने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता में तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सक्षम बनने के साथ-साथ नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि हर छात्र को महीने में कम से कम दो पुस्तकें अवश्य पढ़नी चाहिए.विशिष्ट वक्ता राहुल अवस्थी ने कहा कि शब्द, भाषा और तकनीक आज के समय के सबसे प्रभावशाली उपकरण हैं. इनका संतुलित और रचनात्मक उपयोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और भविष्य की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.ALSO READ:काशी में गूंजेगी वैश्विक संस्कृति की आवाज, BRICS देशों के प्रतिनिधि करेंगे मंथन...वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नागेन्द्र पाठक ने हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास, उसके विकास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला.कार्यक्रम में निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. मनोहर लाल ने किया. संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वैष्णवी शुक्ला एवं विजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया.इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.