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अब सड़कों पर नजर नहीं आएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

अब सड़कों पर नजर नहीं आएंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
May 19, 2026, 08:29 AM
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Posted By Preeti Kumari

Stray dogs will no longer be seen on the streets, a major decision by the Supreme Court


सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनकी नसबंदी से जुड़े फैसले शामिल है. सामने आये इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 के अपने उस आदेश को वापस लेने से साफ इंकार कर दिया है, जिसमें उसने ये कहा था कि, अस्पताल, बस स्टैंड, स्कूल, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक संस्थानों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी जगह दोबारा नहीं छोड़ा जाएगा.


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अब अदालत ने इन्हीं कुत्तों को शेल्टर होम में रखने के निर्देश को बरकरार रखा है. इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि, आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने जरा सी भी कोशिश नहीं की गई है.


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जाने क्या है पूरा मामला


आपको बता दें, कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 में जारी अपने निर्देशों में बदलाव की मांग करने वाली कई अर्जियों को सिरे से खारिज कर दिया है. इसी के साथ ही, एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से जारी किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी खारिज कर दी गईं है. न्यायालय ने अपने फैसले में बच्चों पर कुत्तों के हमलों की “बेहद चिंताजनक घटनाओं” का उल्लेख किया, जिस पर कोर्ट ने कहा कि छोटे बच्चों को नोचा गया, बुजुर्गों पर हमले हुए और विदेशी यात्रियों तक को कुत्तों ने काटा, कुत्तों के काटने की समस्या अब हवाई अड्डों और रिहायशी इलाकों जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों तक फैल चुकी है.


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विभागीय कार्रवाई


ऐसे में यह समस्या 'बहुत व्यापक' रूप ले चुकी है और ऐसी घटनाओं का लगातार दोहराया जाना यह दिखाता है कि पहले दिए गए निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही बरती गई है. इन्हीं लापरवाही को देखते हुए अदालत ने साफ किया कि जो अधिकारी इन आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ अवमानना और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है. कोर्ट में यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनाया है.


आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश


वहीं, इससे पहले 7 नवंबर में पीठ ने देशभर में सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए थे, अदालत ने सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी रोक लगाई थी, हालांकि निर्धारित फीडिंग स्पॉट पर इसकी अनुमति दी गई थी. इस मामले की शुरुआत जुलाई 2025 में हुई थी, जब जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने एक समाचार रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया था.


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यह रिपोर्ट एक बच्चे की कथित तौर पर कुत्ते के काटने से हुई मौत से जुड़ी थी. अगस्त में अदालत ने एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में रखने का असाधारण आदेश दिया था, विरोध के बाद मामला तीन जजों की पीठ को सौंपा गया, जिसने बाद में आदेश में संशोधन करते हुए कहा था कि टीकाकरण और नसबंदी के बाद कुत्तों को छोड़ा जा सकता है. बाद में नवंबर में सार्वजनिक संस्थान परिसर से पकड़े गए कुत्तों को उसी जगह न छोड़ने का निर्देश जारी किया गया.

लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
लंबित प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग को लेकर छात्रों ने बीएचयू प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के छात्रों ने पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया में हो रहे विलंब को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने सत्र 2025-26 के कई पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की प्रवेश एवं काउंसलिंग प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं होने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया लंबित होने से विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।छात्रों ने कुलसचिव को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि सत्र 2025-26 की लंबित प्रवेश और काउंसलिंग प्रक्रिया तत्काल पूरी कर इसकी आधिकारिक सूचना जारी की जाए। साथ ही सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया भी बिना विलंब समयबद्ध तरीके से शुरू करने की मांग की गई।छात्रों ने नियमित पाठ्यक्रमों की तर्ज पर पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में बीएचयू से परास्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को वरीयता देने और उनके लिए सीटें आरक्षित करने की भी मांग रखी।ALSO READ : जॉय ऑफ फ्रीडम’ प्रदर्शनी में तस्वीरों में दिखे आजादी के विविध रंगज्ञापन प्राप्त करने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना। प्रशासन की ओर से छात्रहित को ध्यान में रखते हुए मामले का शीघ्र और सकारात्मक निस्तारण करने का आश्वासन दिया गया।छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में आशुतोष कुमार शुक्ला, अमन मौर्या, विभांशु, अविनाश, चंदू, अभिषेक और आकाश सिंह शामिल रहे।
‘जॉय ऑफ फ्रीडम’ प्रदर्शनी में तस्वीरों में दिखे आजादी के विविध रंग
‘जॉय ऑफ फ्रीडम’ प्रदर्शनी में तस्वीरों में दिखे आजादी के विविध रंग
वाराणसी. आजादी की भावना और उसके विविध आयामों को तस्वीरों के जरिए अभिव्यक्त करते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सिटी डेलिगेसी स्थित कलासूत्र आर्ट स्टूडियो एंड गैलरी में सोमवार को ‘जॉय ऑफ फ्रीडम’ फोटोग्राफी प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रदर्शनी में बीएचयू के विद्यार्थियों ने फोटोग्राफी के माध्यम से आजादी को अपने-अपने नजरिए से प्रस्तुत किया है।प्रदर्शनी के लिए 130 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 65 विद्यार्थियों की तस्वीरों का चयन किया गया। प्रदर्शित तस्वीरों में आजादी के साथ भारतीय जीवन, संस्कृति, प्रकृति, समाज और मानवीय संवेदनाओं के विविध पहलुओं को रचनात्मक ढंग से उकेरा गया है। तस्वीरें आजादी को देखने और समझने के अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करती हैं।प्रदर्शनी में पूर्व में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के 10 सर्वश्रेष्ठ चयनित चित्रों को भी प्रदर्शित किया गया है। इन चित्रों में स्वतंत्रता की भावना और विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न रंग देखने को मिलते हैं।प्रदर्शनी का उद्घाटन बीएचयू के दृश्य कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. उत्तमा दीक्षित ने किया। उन्होंने प्रदर्शनी की थीम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रशंसा की। प्रसिद्ध फोटोग्राफर मनीष खत्री मुख्य अतिथि और छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।ALSO READ : भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जगदीश पटेल का काशी में भव्य स्वागत, बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वादइस दौरान अतिथियों ने प्रदर्शित तस्वीरों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। प्रो. रंजन कुमार सिंह और मनीष खत्री ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने वाली सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। डॉ. सुनील चौधरी और डॉ. (मेजर) रुबीर समेत अन्य निर्णायकों ने फोटोग्राफ का मूल्यांकन किया।सिटी डेलिगेसीज के वार्डन प्रो. ललित मोहन अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का समन्वय नॉर्थ डेलिगेसी, सिटी डेलिगेसीज के वार्डन डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी और कला प्रेमी मौजूद रहे।‘जॉय ऑफ फ्रीडम’ प्रदर्शनी 24 से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है। दर्शक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक कलासूत्र आर्ट स्टूडियो एंड गैलरी में प्रदर्शनी देख सकते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जगदीश पटेल का काशी में भव्य स्वागत, बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जगदीश पटेल का काशी में भव्य स्वागत, बाबा विश्वनाथ का लिया आशीर्वाद
वाराणसी. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी जगदीश पटेल का सोमवार को प्रथम काशी आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने ढोल-नगाड़ों तथा पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया। बाबतपुर एयरपोर्ट पर पूर्वाह्न करीब 11 बजे पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।एयरपोर्ट से काशी आगमन के दौरान एयरपोर्ट तिराहा, केजे होटल, महादेव वाटिका (सातों महुआ), तरना पुल और शिवपुर समेत विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फूलों की वर्षा कर नारेबाजी की।इसके बाद जगदीश पटेल ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने लोक-कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि की कामना की। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की। बैठक में आगामी कार्ययोजनाओं और संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।ALSO READ : इटावा के केदारेश्वर मंदिर की काशी में भव्य शोभायात्रा, विशाल शिवलिंग की झांकी ने खींचा ध्यानकार्यक्रम में प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, प्रदेश राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें चंद्रशेखर उपाध्याय, नवीन कपूर, अजय गुप्ता, पूजा दीक्षित, मधुकर चित्रांश, प्रमील पांडेय, अखिलेंद्र सिंह सनी, अशोक जाटव, अशोक पांडेय, अमित खरे, अवधेश राय, पंकज चतुर्वेदी, मनोज सोनकर, हीरा यादव, रजत जायसवाल, अनुराग शर्मा, अभिषेक श्रीवास्तव, कुशाग्र श्रीवास्तव, सत्येंद्र सिंह, रणंजय सिंह, सुजीत सिंह टीका और गोकुल शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।