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TMC के जहांगीर खान ने छोड़ा फलता का चुनावी मैदान, राजनीति गलियारों में शुरू गुफ्तगू

TMC के जहांगीर खान ने छोड़ा फलता का चुनावी मैदान, राजनीति गलियारों में शुरू गुफ्तगू
May 19, 2026, 10:49 AM
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Posted By Preeti Kumari

TMC's Jahangir Khan leaves Phalta constituency, sparking political debate


पश्चिम बंगाल में उपचुनाव होने से ठीक दो दिन पहले राजनीति में एक बड़ा मोड़ आ चुका है. जिसे लेकर हर कोई काफी हैरान है. ये चौकाने वाला मामला कुछ और नहीं बल्कि, पुष्पा नाम से मशहूर और खुद को चुनावी जंग में अकेला समझने वाले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने अचानक से चुनावी मैदान को छोड़ दिया है.


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"मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं"


आज मंगलवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन जहांगीर ने आयोजित हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, "मैं हाई-प्रोफाइल सीट फलता विधानसभा सीट पर होने वाला चुनाव नहीं लड़ रहा हूं". "मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा फलता के विकास के खातिर मैं इस चुनाव से पीछे हट रहा हूं. ताकि जल्द से जल्द फलता का विकास हो सके. उनके इस ऐलान को हर कोई चुनाव का 'स्पेशल पैकेज' मान रहा है.


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जहांगीर के चुनावी मैदान छोड़ने से खुश भाजपा


हालांकि, अभी तक उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या यह फैसला अभिषेक बनर्जी या तृणमूल शीर्ष नेतृत्व के किसी निर्देश पर लिया गया है. चूंकि नामांकन वापस लेने की तारीख पहले ही बीत चुकी है, यहीं कारण है कि, मतदान करने वाली ईवीएम पर जहांगीर खान का नाम और चुनाव चिह्न बरकरार रहेगा, लेकिन वे व्यक्तिगत रूप से चुनावी रेस से बाहर हो चुके हैं. इस नाटकीय घटनाक्रम के बीच, फलता में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवा गुलाल उड़ाकर जमकर जश्न मनाया है.


बड़ी बात तो यह है कि, टीएमसी जहांगीर खान के चुनावी मैदान छोड़ने के ऐलान से अगर कोई खुश है तो वो है भारतीय जनता पार्टी. क्योंकि, बीजेपी के लिए इस चुनाव का सफर और भी आसान हो गया है. पर कुछ भी हो, हार-जीत तो वोटिंग से ही तय मानी जाएगी.


जानिए क्या है पूरा मामला


दरअसल, पश्चिम बंगाल की चर्चित फलता विधानसभा ये वहीं सीट है जिस पर 29 अप्रैल को हुई वोटिंग को किन्हीं कारणों की वजह से रद्द करते हुए इसी सीट पर 21 मई को दोबारा से मतदान कराने की बात कही गई थी. मगर फलता सीट पर चुनाव प्रचार थमते देर नहीं कि, टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अपने सियासी कदम फलता के चुनावी मैदान से पीछे खींच लिए हैं. जहांगीर का इस तरह से पीछे हटना कोई मामूली सी बात नहीं मानी जा रही है बल्कि, इस कदम को एक सियासी तौर पर भी देखा जा रहा है.


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किन अटकलों में फंसी फलता


बंगाल की सियासत में जहांगीर खान की तूती बोलती थी, लेकिन अब सत्ता बदल चुकी है. ऐसे में फलता सीट जो 15 सालों से टीएमसी का मजबूत गढ़ बना हुआ था, वहां से चुनाव लड़ रहे जहांगीर खान ने मैदान छोड़ दिया है. इस सीट पर टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान और बीजेपी के देवांग्शु पांडा के बीच मुकाबला माना जा रहा था.


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पर अफसोस की इस सभी उम्मीदों पर अब पानी फिर गया है. जहांगीर के फलता सीट से चुनाव ना लड़ने का कारण ये है कि, बंगाल चुनाव के 4 मई को आए नतीजे ने फलता सीट का समीकरण ही बदल दिया. भारी मतों से जीत हासिल कर बीजेपी ने ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई कर दी है, जिसके चलते बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के नाते जहांगीर खान के लिए इतनी मुश्किलें खड़ी हो गई कि उन्हें इस तरह का फैसला लेना पड़ा.

काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
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वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
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वाराणसी : शहर के लंका थानांतर्गत नगवा क्षेत्र में एक खौफनाक घटना सामने आई, जिसमें पेंटिंग के ठेकेदार सोनू यादव ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. घटना उस जगह हुई जहां पेंटिंग का काम चल रहा था. युवक का शव उसके हाथ में पिस्‍तौल के साथ पाया गया. गोली चलने की आवाज सुनकर लोगों का ध्यान इस ओर गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस आत्महत्या के कारणों की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है.स्थानीय लोगों के अनुसार, डाफी क्षेत्र निवासी सोनू यादव एक सामान्य युवक था और उसके व्यवहार में कोई असामान्य परिवर्तन नहीं देखा गया था. उसकी आत्महत्या ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.ALSO READ:मनीष सिंह हत्‍याकांड के चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, वकीलों ने की मुफ्त पैरवी...पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है. उसके पास असलहा कहां से आया इसकी भी जांच की जा रही है. घटना की सूचना सोनू के परिजनों को दी गई. परिजनों ने बताया है कि सोनू ने यह कदम क्यों उठाया इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है. पुलिस ने असलहे को कब्‍जे में ले लिया है.