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किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 17 वर्षीय पीड़िता बरामद

किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 17 वर्षीय पीड़िता बरामद
Sep 14, 2026, 10:29 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: लोहता थाना पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मुकदमे से संबंधित 17 वर्षीय किशोरी को भी बरामद कर लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।


पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अर्जुन यादव (23) पुत्र राजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम भट्ठी, थाना लोहता, वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 13 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:35 बजे मुढैला तिराहा के पास से गिरफ्तार किया।


पुलिस के मुताबिक, किशोरी की मां ने 18 जुलाई 2026 को लोहता थाने में प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। विवेचना उपनिरीक्षक नत्थू प्रसाद द्वारा की जा रही थी।


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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया। मामले में मुकदमा अपराध संख्या 0220/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 87, 64(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 में कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


पुलिस टीम गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह, उपनिरीक्षक नत्थू प्रसाद, उपनिरीक्षक मो. आरिफ और महिला कांस्टेबल पिंकी यादव शामिल रहे।

वाराणसी में जलभराव पर मंत्री की सख्ती, अधिशासी अभियंता निलंबित
वाराणसी में जलभराव पर मंत्री की सख्ती, अधिशासी अभियंता निलंबित
वाराणसी : नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे. निरीक्षण के दौरान जलभराव की स्थिति पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया था कि आमजन को जलभराव के कारण किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. इसी क्रम में चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन एवं गोईठहां एसटीपी पर पम्पों के संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद शासन स्तर से कड़ी कार्रवाई की गई है.उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), वाराणसी के निर्माण खण्ड में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात पवन कुमार गुप्ता को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के प्रथम दृष्टया प्रकाश में आए तथ्यों के आधार पर निलंबित कर दिया गया है. निलंबन के साथ ही उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक जांच भी संस्थित की गई है. मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है.प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया कि पवन कुमार गुप्ता द्वारा चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन में नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए आवश्यक गेट/बैरियर लगाए जाने के संबंध में आगणन सहित कार्ययोजना तैयार नहीं की गई तथा उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. इसके अतिरिक्त 03 एवं 04 सितम्बर 2026 को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन एवं गोईठहां एसटीपी पर स्थित पम्पों को बंद रखा गया. भारी वर्षा के दौरान पम्पों का समय से संचालन न होने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक लोड की स्थिति उत्पन्न हुई और शहर के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे आम जनमानस को कठिनाई एवं असुविधा का सामना करना पड़ा. इस प्रकार की लापरवाही से विभाग की छवि भी प्रभावित हुई.ALSO READ : वाराणसी में पायलट ने फिर उड़ान से किया इन्कार, यात्रियों का हंगामानगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि जलभराव जैसी जनसमस्या में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जल निकासी के लिए सभी पम्पिंग स्टेशनों एवं नालों की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां कहीं भी कमी या लापरवाही सामने आए, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मंत्री के निर्देशों के क्रम में हुई यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नगर विकास विभाग द्वारा शहरों में जलभराव की समस्या के स्थायी एवं प्रभावी समाधान के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. निलंबन अवधि में पवन कुमार गुप्ता कार्यालय मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर से सम्बद्ध रहेंगे. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
वाराणसी में पायलट ने फिर उड़ान से किया इन्कार, यात्रियों का हंगामा
वाराणसी में पायलट ने फिर उड़ान से किया इन्कार, यात्रियों का हंगामा
वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पिछले दिनों पायलट के उड़ान से इन्‍कार का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि सोमवार को फिर उस समय अफरा-तफरी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब इंडिगो वाराणसी-बेंगलुरु के विमान को उड़ाने से पायलट ने मना कर दिया. जबकि सभी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद विमान में सवार हो गए थे. जानकारी मिलते ही यात्री हंगामा करने लगे. सूचना मिलते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसफ) क्यूआरटी के जवानों के साथ इंडिगो के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझा बुझा कर यात्रियों को शांत कराया.जानकारी के अनुसार इंडिगो एयरलाइन्स का विमान सख्या 6ई 6559 को वाराणसी से 178 यात्रियों को लेकर सुबह 11:55 बजे बेगलुरु के लिए उड़ान भरना था. पायलट ने कान में दर्द का हवाला देते हुए विमान को ले जाने से मना कर दिया.इस सूचना पर यात्रियों में खलबली मच गई. हंगामा कर रहे यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन देकर शांत कराया गया. इसके बाद विमान से डी-बोर्ड कर सभी को उतार दिया गया. सभी को टर्मिनल भवन मे बैठाया गया है.ALSO READ : सीवर लाइनों में बालू की बोरियां मिलने के मामले में SIT जांच की मांगनियत समय पर अपने गतंव्य तक न पहुंच पाने पर यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की. इस दौरान एयरलाइन्स कर्मियों से नोकझोंक की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. उधर, दूसरे पायलट को दिल्ली के विमान से बुलाया जा रहा है. इसके बाद शाम 4:30 बजे विमान रवाना होगा. बता दें कि बीते गुरुवार को भी मुंबई के इंडिगो विमान के पायलट ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए ले जाने से मना कर दिया था. हैदराबाद से वाराणसी पहुंचे दूसरे पायलट ने लगभग 4 घंटे के बाद विमान को उड़ान भरा था. आज फिर ऐसा ही वाक्‍या होने पर एयरपोर्ट पर गहमागहमी की स्थित बनी हुई है.
सीवर लाइनों में बालू की बोरियां मिलने के मामले में SIT जांच की मांग
सीवर लाइनों में बालू की बोरियां मिलने के मामले में SIT जांच की मांग
वाराणसीः शहर की विभिन्न सीवर लाइनों में बालू से भरी बोरियां, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, प्लाई एवं अन्य मलबा पाए जाने की गंभीर घटनाओं को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इस संबंध में जिलाधिकारी वाराणसी को संबोधित ज्ञापन उनकी अनुपस्थिति में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम (ACM-I) अवधेश को सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की गई.ज्ञापन में शशांक शेखर ने कहा कि शिवाला क्षेत्र की मुख्य सीवर लाइन से लगभग 12 बोरी बालू, जबकि नगवां, सरायनंदन सहित अन्य स्थानों पर भी सीवर लाइनों में बालू एवं अन्य सामग्री मिलने की सूचनाएं अत्यंत गंभीर हैं. प्रथमदृष्टया यह महज तकनीकी समस्या न होकर किसी सुनियोजित कृत्य की आशंका उत्पन्न करता है, जिसकी वास्तविकता निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है. उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित SIT में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ नगर निगम, जलकल तथा तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाए. टीम द्वारा शहर के सभी संवेदनशील सीवर फ्लो-प्वाइंट, मैनहोल एवं अन्य स्थानों की जांच के साथ-साथ CCTV फुटेज, बालू एवं अन्य सामग्री की खरीद और परिवहन, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों तथा संदिग्ध गतिविधियों का वैज्ञानिक परीक्षण कराया जाए.ALSO READ : किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 17 वर्षीय पीड़िता बरामदउन्होंने कहा कि यह काशी की सार्वजनिक व्यवस्था एवं गरिमा से जुड़ा यह अत्यंत संवेदनशील विषय है. यदि जांच में सीवर व्यवस्था को जानबूझकर बाधित कर जलभराव अथवा अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास प्रमाणित होता है, तो इसके पीछे शामिल व्यक्तियों एवं किसी संभावित षड्यंत्र का पर्दाफाश कर उनके विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि काशीवासियों के हित और शहर की सुरक्षा को देखते हुए पूरे मामले की तह तक जाना अत्यंत आवश्यक है.