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गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, सिगरा पुलिस ने दबोचा, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, सिगरा पुलिस ने दबोचा, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
Sep 14, 2026, 10:19 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में वादी मुकदमा की गला दबाकर हत्या करने का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने विजय कुमार सिंह की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। शोरगुल सुनकर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया।

पुलिस के अनुसार, मामले में मु0अ0सं0 0393/2026 के तहत धारा 109(1), 352 और 351(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। कार्रवाई के तहत सिगरा पुलिस ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को माधोपुर स्थित डी 59/129 एम-1 से आरोपी आदित्य पाण्डेय पुत्र मनोज कुमार पाण्डेय, उम्र करीब 22 वर्ष को गिरफ्तार किया।

बताया गया कि आरोपी ने वादी मुकदमा/पीड़ित विजय कुमार सिंह पुत्र स्व. मुरारी लाल की गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर पीड़ित को बचाया।


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आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदित्य पाण्डेय का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2021 से 2026 तक कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, चोरी का माल रखने, धोखाधड़ी, कूटरचना, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमे शामिल हैं। इनमें चौक, कपसेठी, सिगरा और कैंट थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्र, उपनिरीक्षक शिवम् और उपनिरीक्षक श्याम मोहन गुप्ता शामिल रहे।

किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 17 वर्षीय पीड़िता बरामद
किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, 17 वर्षीय पीड़िता बरामद
वाराणसी: लोहता थाना पुलिस ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मुकदमे से संबंधित 17 वर्षीय किशोरी को भी बरामद कर लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अर्जुन यादव (23) पुत्र राजेन्द्र यादव, निवासी ग्राम भट्ठी, थाना लोहता, वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 13 सितंबर 2026 की शाम करीब 5:35 बजे मुढैला तिराहा के पास से गिरफ्तार किया।पुलिस के मुताबिक, किशोरी की मां ने 18 जुलाई 2026 को लोहता थाने में प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। विवेचना उपनिरीक्षक नत्थू प्रसाद द्वारा की जा रही थी।ALSO READ:गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, सिगरा पुलिस ने दबोचा, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमेजांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए किशोरी को बरामद कर लिया। मामले में मुकदमा अपराध संख्या 0220/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 87, 64(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 में कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस टीम गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अभिजीत सिंह, उपनिरीक्षक नत्थू प्रसाद, उपनिरीक्षक मो. आरिफ और महिला कांस्टेबल पिंकी यादव शामिल रहे।
गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, सिगरा पुलिस ने दबोचा, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
गला दबाकर हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, सिगरा पुलिस ने दबोचा, आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में वादी मुकदमा की गला दबाकर हत्या करने का प्रयास करने के मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने विजय कुमार सिंह की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। शोरगुल सुनकर आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया।पुलिस के अनुसार, मामले में मु0अ0सं0 0393/2026 के तहत धारा 109(1), 352 और 351(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। कार्रवाई के तहत सिगरा पुलिस ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को माधोपुर स्थित डी 59/129 एम-1 से आरोपी आदित्य पाण्डेय पुत्र मनोज कुमार पाण्डेय, उम्र करीब 22 वर्ष को गिरफ्तार किया।बताया गया कि आरोपी ने वादी मुकदमा/पीड़ित विजय कुमार सिंह पुत्र स्व. मुरारी लाल की गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर पीड़ित को बचाया।ALSO READ : आठ साल पहले आज ही गैंगवार में ढेर हुआ था रईस बनारसी, वाराणसी से कानपुर तक रहा आतंक का पर्यायआरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं मुकदमेपुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदित्य पाण्डेय का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2021 से 2026 तक कुल नौ मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, चोरी का माल रखने, धोखाधड़ी, कूटरचना, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमे शामिल हैं। इनमें चौक, कपसेठी, सिगरा और कैंट थानों में दर्ज मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।गिरफ्तारी करने वाली टीम कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त मिश्र, उपनिरीक्षक शिवम् और उपनिरीक्षक श्याम मोहन गुप्ता शामिल रहे।
आठ साल पहले आज ही गैंगवार में ढेर हुआ था रईस बनारसी, वाराणसी से कानपुर तक रहा आतंक का पर्याय
आठ साल पहले आज ही गैंगवार में ढेर हुआ था रईस बनारसी, वाराणसी से कानपुर तक रहा आतंक का पर्याय
वाराणसी : पूर्वांचल से लेकर कानपुर तक आतंक का पर्याय रहा कुख्‍यात बदमाश रईस अहमद उर्फ रईस सिद्दीकी उर्फ रईस बनारसी 14 सितंबर 2018 को वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के पातालेश्वर मुहल्ले में हुए गैंगवार में ढेर हुआ था. उसी गोलीबारी में कभी उसके गिरोह का सदस्‍य रहा राकेश अग्रहरि भी मारा गया था. दोनों कभी जिगरी दोस्त थे, लेकिन रंगदारी, जमीन की दलाली और वर्चस्व की लड़ाई ने उन्हें एक-दूसरे के खून के प्यासे बना दिया.रईस का जन्म कानपुर के अनवरगंज इलाके के हीरामन का पुरवा में हुआ था. पिता इश्तियाक राजमिस्त्री थे. आठ भाई-बहनों में सातवें नंबर का रईस सामान्य परिवार से था, लेकिन अपने भाई नौशाद की हत्या ने उसके जीवन की दिशा बदल दी. बदला लेने की कसम खाकर वह वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र स्थित खालिसपुरा में अपनी ननिहाल में आ गया. यहीं से रईस अहमद ‘रईस बनारसी’ बन गया. यहां उसने राकेश अग्रहरि, राजकुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा, बच्चा यादव, अवधेश सिंह, बाले पटेल, पंकज उर्फ नाटे और जावेद खां जैसे साथियों के साथ अपना गिरोह खड़ा किया. मुन्ना बजरंगी से भी उसका संबंध रहा.2011 में कानपुर में दिनदहाड़े शानू ओलंगा (भाई के कथित हत्यारे) की हत्या कर उसने बदला पूरा किया. इसके बाद लूट, हत्या, रंगदारी और बिहार के मुंगेर से असलहों की तस्करी उसका मुख्य धंधा बन गया. 2007 में पुलिस वर्दी पहनकर वाराणसी के हथुआ मार्केट में बैंक के बाहर पेट्रोल पंप संचालक शम्भूनाथ लाहिड़ी की हत्या जैसे दुर्दांत अपराध में भी उसका नाम दर्ज था. नवंबर, 2015 में रईस का नाम भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या में भी सामने आया था. मुखबिरी की शक में दशाश्वमेध क्षेत्र में साथी दीपू वर्मा की हत्या में भी शामिल रहा.वाराणसी और कानपुर में उसके खिलाफ हत्या, लूट और रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज थे. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था. जब वह पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आया तो उसके पास से पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई थी. उसकी पत्‍नी कानपुर की रहने वाली थी. अपनी पत्‍नी के साथ मिलकर उसने एक गंभीर साजिश रची थी. अक्टूबर 2015 में वाराणसी जिला जेल से बरेली शिफ्ट किए जाते समय शाहजहांपुर के पास वह अपनी पत्‍नी की मदद से पुलिस वैन से कूदकर वह फरार हो गया और तीन साल तक पुलिस को चकमा देता रहा. शहर में छिपकर बिल्डरों, डॉक्टरों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलता रहा. मोबाइल से परहेज और सतर्कता उसकी खासियत थी.ALSO READ: चौबेपुर में 2 अज्ञात शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी14 सितंबर 2018 की शाम को प्रभु साहनी की हत्या में राकेश की भूमिका का शक और आपसी विवाद के चलते रईस अपने साथी के साथ राकेश को मारने पहुंचा. क्रॉस फायरिंग में दोनों घायल हुए. रईस को साथी बाइक पर लेकर भाग निकले, लेकिन नई सड़क की लंगड़ा हाफिज मस्जिद के पास वह गिर पड़ा और मस्जिद में ही घायल अवस्था मे घंटो बैठा रहा और लोगो से एक पार्षद को बुलाने की मांग करता रहा. उधर राकेश भी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया.नई सड़क से काफी देर बाद जब इसको मंडलीय अस्पताल ले जाया गया जहां इसको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पहले तो काफी देर तक समझ ही नहीं आया कि मरने वाला कुख्यात बदमाश रईस बनारसी है, बाद में स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की तब स्प्ष्ट हुआ की रईस बनारसी का अंत हो चुका है. रईस बनारसी की कहानी अपराध की दुनिया की उस सच्चाई को दर्शाती है जहां दोस्ती दुश्मनी में बदल जाती है और गोली का जवाब गोली से मिलता है. बनारस से कानपुर तक फैला उसका आतंक गैंगवार में समाप्त हो गया, लेकिन उसकी आपराधिक विरासत पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड की यादों में दर्ज रह गई.