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BHU के कुलसचिव पर नियमों की अनदेखी कर लाभ लेने का आरोप, उठी जांच की मांग

BHU के कुलसचिव पर नियमों की अनदेखी कर लाभ लेने का आरोप, उठी जांच की मांग
Jun 01, 2026, 12:04 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलसचिव प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह पर सेवा संबंधी नियमों के उल्लंघन तथा पेंशन एवं अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस संबंध में वाराणसी निवासी अंजनी कुमार शुक्ला ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) के अध्यक्ष एवं सदस्यों को शिकायत पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.


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शिकायतकर्ता का आरोप


इस मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने अपने पद के प्रभाव का उपयोग करते हुए पूर्व सेवाओं को जोड़कर पेंशन तथा अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त किए, जबकि इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तथा संबंधित मंत्रालयों के नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया, शिकायत पत्र में ये भी कहा गया है कि डीओपीटी के वर्ष 2005 एवं 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुरानी पेंशन योजना का लाभ तभी दिया जा सकता है, जब पूर्व सेवा नियमानुसार जोड़ने योग्य हो तथा उससे संबंधित जीपीएफ खाता एवं प्रो-राटा पेंशन की प्रक्रिया पूरी की गई हो.


जिसके चलते शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रो. सिंह की नियुक्ति के वर्षों बाद तक उनका जीपीएफ खाता नहीं खोला गया, जिससे उनकी पात्रता पर सवाल खड़े होते हैं. यह भी आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2016 में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तैयार किए गए वित्तीय प्रस्तावों और गणना पत्रों में बाद में बदलाव किए गए, आरोप है कि पूर्व नियोक्ता से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए बिना ही उनकी पूर्व सेवाओं को पेंशन गणना में शामिल कर लिया गया, जो प्रचलित नियमों के विपरीत है.


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आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी


अंजनी कुमार शुक्ला ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि प्रो. सिंह की पूर्व सेवाओं, विशेष रूप से व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) में किए गए कार्यकाल को शिक्षण अनुभव में शामिल कर लाभ दिया गया, शिकायतकर्ता के अनुसार यह प्रक्रिया यूजीसी के मानकों और नियमों के अनुरूप नहीं प्रतीत होती. शिकायतकर्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह देश के प्रतिष्ठित आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक बीएचयू की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है, उन्होंने सभी अभिलेखों और तथ्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बीएचयू प्रशासन अथवा कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी. आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है तथा जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।