बिजली उपकेंद्र बना ‘बाटी-चोखा सेंटर’! ट्रांसफार्मर के पास आग जलाकर खाना बनाते दिखे विद्युत कर्मी

A power substation has become a "baati-chokha center!" Electrical workers were seen cooking near a transformer.
वाराणसी: भीषण गर्मी और बढ़ते विद्युत लोड के बीच जहां बिजली विभाग ट्रांसफार्मरों और पैनलों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम कर रहा है, वहीं वाराणसी के बसंता कॉलेज विद्युत उपकेंद्र से सामने आए एक वीडियो ने विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 33/11 केवी वसंता कॉलेज विद्युत उपकेंद्र परिसर के भीतर पावर ट्रांसफार्मर के बेहद करीब आग जलाकर बाटी-चोखा बनाते हुए विद्युत कर्मी दिखाई दे रहे हैं.

इनकमिंग पैनल स्थापित
बताया जा रहा है कि यह उपकेंद्र विद्युत वितरण खंड अष्टम के अंतर्गत आता है. वीडियो में एक युवक उपली जलाकर आलू और टमाटर भूनता नजर आ रहा है, जबकि पास के कमरे में दो अन्य कर्मचारी आटा सानते दिखाई दे रहे हैं. सबसे गंभीर बात यह है कि जहां आग जलाई गई, उसके नजदीक ही 33/11 केवी का पावर ट्रांसफार्मर और इनकमिंग पैनल स्थापित है. वीडियो में उपली से उठती तेज लपटें भी स्पष्ट दिखाई दे रही हैं.

बिजली उपकरणों पर दबाव
गौरतलब है कि भीषण गर्मी में बिजली उपकरणों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है. कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कूलर और पंखों का सहारा लिया जा रहा है. ऐसे समय में उपकेंद्र परिसर के भीतर, वह भी पावर ट्रांसफार्मर के समीप आग जलाना सुरक्षा मानकों और विभागीय जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है.

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बसंता कॉलेज उपकेंद्र से राजघाट, प्रह्लाद घाट, मुकिमगंज, अंसाराबाद, सेवई मंडी और गंगा नगर कॉलोनी समेत 24 से अधिक मोहल्लों में बिजली आपूर्ति होती है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में रोजाना 5 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होती है और छोटे-छोटे लोकल फॉल्ट ठीक करने में भी घंटों लग जाते हैं. लोगों का कहना है कि जहां उपभोक्ता बिजली संकट से परेशान हैं, वहीं उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी ड्यूटी के दौरान खाना बनाने में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं



