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विवादित कब्रिस्तान की जमीन से पुलिस ने हटवाए जानवर, अगले ही दिन फिर जुटे कारोबारी

विवादित कब्रिस्तान की जमीन से पुलिस ने हटवाए जानवर, अगले ही दिन फिर जुटे कारोबारी
May 22, 2026, 01:14 PM
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Posted By Preeti Kumari

Police removed animals from disputed cemetery land, traders gathered again the next day


वाराणसी: जैतपुरा थाना क्षेत्र के लाट सरैया स्थित विवादित कब्रिस्तान की जमीन पर कुर्बानी के लिए लाए गए जानवरों की खरीद-बिक्री को लेकर इलाके में तनाव गहराता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से कुछ कथित लोगों ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के यहां जानवरों का अस्थायी मेला लगवा दिया है. जिस जमीन पर यह गतिविधियां हो रही हैं, उसे लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है.


मोहल्ले के लोगों के अनुसार दो दिन पहले जैतपुरा थाना क्षेत्र के कमलगढ़हा इलाके के कुछ युवक बड़ी संख्या में जानवर लेकर पहुंचे और विवादित जमीन पर उन्हें बांध दिया. इसके बाद कुर्बानी के जानवरों के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को बुलाकर खरीद-बिक्री शुरू करा दी गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन अथवा किसी अन्य विभाग से इस संबंध में कोई अनुमति नहीं ली गई, इसके बावजूद खुलेआम मेला संचालित किया जा रहा है.


चर्चा है कि गुरुवार देर रात शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां बंधे जानवरों को कब्जे में लेते हुए चार से पांच लोगों को हिरासत में लेकर सरैया पुलिस चौकी ले गई. पूछताछ और सख्त चेतावनी के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. हालांकि शुक्रवार को फिर वही लोग विवादित स्थल पर पहुंच गए और दोबारा जानवरों की खरीद-बिक्री शुरू होने लगी. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है. उनका कहना है कि संवेदनशील और विवादित जमीन पर इस तरह की गतिविधियां माहौल बिगाड़ सकती हैं. लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मेला बंद कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

विवादित कब्रिस्तान की जमीन से पुलिस ने हटवाए जानवर, अगले ही दिन फिर जुटे कारोबारी
विवादित कब्रिस्तान की जमीन से पुलिस ने हटवाए जानवर, अगले ही दिन फिर जुटे कारोबारी
Police removed animals from disputed cemetery land, traders gathered again the next dayवाराणसी: जैतपुरा थाना क्षेत्र के लाट सरैया स्थित विवादित कब्रिस्तान की जमीन पर कुर्बानी के लिए लाए गए जानवरों की खरीद-बिक्री को लेकर इलाके में तनाव गहराता जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से कुछ कथित लोगों ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के यहां जानवरों का अस्थायी मेला लगवा दिया है. जिस जमीन पर यह गतिविधियां हो रही हैं, उसे लेकर शिया और सुन्नी समुदाय के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है.मोहल्ले के लोगों के अनुसार दो दिन पहले जैतपुरा थाना क्षेत्र के कमलगढ़हा इलाके के कुछ युवक बड़ी संख्या में जानवर लेकर पहुंचे और विवादित जमीन पर उन्हें बांध दिया. इसके बाद कुर्बानी के जानवरों के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को बुलाकर खरीद-बिक्री शुरू करा दी गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन अथवा किसी अन्य विभाग से इस संबंध में कोई अनुमति नहीं ली गई, इसके बावजूद खुलेआम मेला संचालित किया जा रहा है.चर्चा है कि गुरुवार देर रात शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वहां बंधे जानवरों को कब्जे में लेते हुए चार से पांच लोगों को हिरासत में लेकर सरैया पुलिस चौकी ले गई. पूछताछ और सख्त चेतावनी के बाद उन्हें छोड़ दिया गया. हालांकि शुक्रवार को फिर वही लोग विवादित स्थल पर पहुंच गए और दोबारा जानवरों की खरीद-बिक्री शुरू होने लगी. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है. उनका कहना है कि संवेदनशील और विवादित जमीन पर इस तरह की गतिविधियां माहौल बिगाड़ सकती हैं. लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मेला बंद कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
कुर्बानी के लिए सज गई बकरों की मंडी, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान
कुर्बानी के लिए सज गई बकरों की मंडी, कीमत जानकर हो जाएंगे हैरान
Goat market set up for sacrifice, you will be surprised to know the priceवाराणसी: बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा. इसके लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही है. तीन दिनों तक होने वाली कुर्बानी को लेकर पशुओं की खरीद-फरोख्त तेज हो गई है. शहर की सबसे बड़ी बेनिया बकरा मंडी में इन दिनों सुबह से देर रात तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. यहां 10 हजार से लेकर 1.50 लाख रुपये तक के बकरे बिक रहे हैं. मंडी में तोतापरी, बरबरी, जमुनापारी, अजमेरी समेत देसी नस्ल के बकरे पसंद किए जा रहे हैं. इसके अलावा चार दुम्बे भी बिक्री के लिए लाए गए हैं. बकरीद नजदीक आते ही लोग कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी में जुट गए हैं.आसपास जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदारीबेनिया मंडी में वाराणसी के साथ आसपास जिलों से भी बड़ी संख्या में खरीदार पहुंच रहे हैं. लोग अपनी पसंद के अनुसार मोलभाव कर बकरे खरीद रहे हैं. शुक्रवार को भी दिनभर मंडी में खरीदारी के लिए रौनक बनी रही. आजमगढ़ के व्यापारी बिस्मिल्लाह जमुनापारी नस्ल के बकरे लेकर आए हैं, जिनकी कीमत एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक बताई जा रही है. हालांकि ग्राहकों की ओर से 70 हजार से एक लाख रुपये तक के भाव लगाए जा रहे हैं. वहीं, चंदौली के एक व्यापारी 1.20 लाख रुपये कीमत वाला अजमेरी बकरा बेच रहे हैं, जिस पर अब तक 80 हजार रुपये तक की बोली लग चुकी है.दो-तीन दिनों में संख्या और बढ़ने की उम्मीद मंडी संचालक शाजिद ने बताया कि फिलहाल करीब दो हजार बकरे मंडी में आए हैं और अगले दो-तीन दिनों में संख्या और बढ़ने की उम्मीद है. आजमगढ़, इटावा, कानपुर, गोरखपुर, चंदौली और भदोही समेत कई जिलों के व्यापारी यहां बकरे लेकर पहुंचे हैं. शहर के जल्लालीपुरा, सरैया, बकरियाकुंड, बड़ी बाजार, बजरडीहा और लोहता समेत कई इलाकों में भी छोटी-छोटी मंडियां सजने लगी हैं, जहां बकरों के साथ भैंसे और दुम्बा की भी बिक्री हो रही है.यह भी पढ़ें: HPV संक्रमण से बचाव के लिए कराएं टीकाकरण, जिलाधिकारी ने की अपीलजरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का संदेश : इस्लाम में बकरीद (ईद-उल-अजहा) त्याग, समर्पण और इंसानियत का पर्व माना जाता है. यह त्योहार हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की उस कुर्बानी की याद में मनाया जाता है, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपनी सबसे प्रिय चीज कुर्बान करने की तैयारी दिखाई थी. कुर्बानी केवल रस्म नहीं, बल्कि त्याग, जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे का संदेश है. बकरीद का असली उद्देश्य दिखावा नहीं, बल्कि इंसानियत, साझेदारी और अल्लाह की रजा हासिल करना है.
HPV संक्रमण से बचाव के लिए कराएं टीकाकरण, जिलाधिकारी ने की अपील
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Get vaccinated to prevent HPV infection, appeals District Magistrateवाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण हेतु शासन द्वारा जनपद में एचपीवी (Human Papilloma virus) टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है. एचपीवी संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) का प्रमुख कारण माना जाता है. समय पर टीकाकरण इस गंभीर बीमारी से बचाव का प्रभावी एवं सुरक्षित माध्यम है. यह टीका पूर्णतः सुरक्षित, गुणवत्तापरक एवं चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित आयु वर्ग (14 से 15 वर्ष) की बालिकाओं को निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.सम्पूर्ण विश्व के राष्ट्रों में उक्त टीके का प्रयोगजिलाधिकारी ने बताया कि आँकड़े बताते हैं कि सम्पूर्ण विश्व के 100 से अधिक राष्ट्रों में उक्त टीके का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं तथा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित किया गया है कि टीके को लगाने से किसी भी प्रकार की कमजोरी, शारीरिक दुष्प्रभाव नहीं है. बाजार में टीके का मूल्य अत्यधिक है. भारत सरकार तथा राज्य सरकार के तत्वाधान में देश की प्रत्येक बेटी को सुरक्षा प्रदान करने हेतु उक्त टीकाकरण पूर्णतयः निशुल्क किया जा रहा है, जो जनपद की बेटियों को मजबूत और स्वस्थ बनाने का सर्वोत्तम अवसर है.टीकाकरण- सभी ब्लॉक मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (CHC)/ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में टीकाकरण हेतु विशेष सत्र सोमवार से शनिवार प्रातः 10 बजे अपराह्न 03.00 बजे तक चल रहे हैं. टीका लगवाने हेतु बेटी का आधार कार्ड/जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाणित करने वाले दस्तावेज तथा संबंधित का मोबाइल फोन (ओटीपी उपलब्ध कराने हेतु) साथ मे ले जाना होगा.यह भी पढ़ें: विश्वनाथ मंदिर से हुआ हाउस लिस्टिंग का आगाज, प्रगणक करेंगे घरों का डिजिटल सर्वेजिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करके पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराएं.टीकाकरण के संदर्भ में किसी भी प्रकार की भ्रांतियों अथवा अफवाहों पर ध्यान न देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का पालन करें एवं अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें. उन्होंने आशान्वित होते हुए कहा है कि जनपदवासियों के सक्रिय सहभागिता से जनपद में टीकाकरण अभियान पूर्ण सफलता को प्राप्त करेगा, जिसके फलस्वरूप जनपद की बेटियां स्वस्थ एवं सुरक्षित होंगी.