अजय राय की टिप्पणी पर भड़की भाजपा, आक्रोश सभा ने उठाई कार्रवाई की मांग

वाराणसी: पीएम पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की टिप्पणी से सियासी गर्मी तेज हो गई. इसी क्रम में बुधवार को जिला मुख्यालय पर आक्रोश सभा का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों की ओर से न केवल अजय राय का विरोध किया गया बल्कि कार्रवाई की मांग भी की गई. इस दौरान भाजपा की ओर से नेता और कार्यकर्ता मंच पर विरोध करने पहुंचे और आवाज बुलंद की. भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर पीएम के विरोध में आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया. वाराणसी महानगर और वाराणसी जिला भाजपा संगठन की ओर से आयोजित ‘आक्रोश सभा’ में 8 विधानसभा से कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे.

भाजपा के मंत्री, विधायक, एमएलसी समेत तमाम जनप्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज कराया. सभा में भाजपा के मंत्री, विधायक, एमएलसी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने अजय राय के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक बताया. इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जिन्होंने अजय राय के बयान की निंदा की और कांग्रेस के खिलाफ कड़े शब्दों में अपनी बात रखी.

भाजपा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अजय राय के खिलाफ नारेबाजी की और कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए. भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया देश की राजनीति के लिए उचित नहीं है और उन्होंने मांग की कि अजय राय अपने शब्दों के लिए माफी मांगें. इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए एकजुटता दिखाई.

क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी की, जो असहनीय है. राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत गाली गलौज उनकी गलत मानसिकता को दर्शाता है. आज मुख्यालय पर काशी के आमजन का आक्रोश जुटा है. सीएम से मांग करते हैं कि अजय राय के खिलाफ दर्ज मुकदमों की फाइल फिर खोली जाए, इनकी संपत्ति की जांच कराई जाए और पुलिस विधिक कार्रवाई अमल में लाए. जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर जांच तथा उचित कार्रवाई की मांग की. सभा में मंत्री रवींद्र जायसवाल, मंंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालू, मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, विधायक निलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह समेत कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे.

इस विरोध प्रदर्शन ने वाराणसी में सियासी माहौल को और गरमा दिया है, जिससे आगामी चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच की प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र हो गई है. वहीं कांग्रेस की ओर से भी काउंटर की तैयारी की जा रही है. बीते दिनों कांग्रेस की ओर से वाराणसी के भाजपा पदाधिकारियों पर भी टिप्प्णी कर उनके बारे में साक्ष्य जारी करने की बात कही थी.
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