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BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोश

BJP कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का फूंका पुतला, जताया आक्रोश
May 25, 2026, 09:20 AM
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Posted By Preeti Kumari

BJP workers burnt effigies of Rahul Gandhi and state president Ajay Rai, expressing anger.


वाराणसी: पीएम पर अभद्र टिप्‍पणी का विरोध चरम पर है. इसको लेकर कांग्रेस और भाजपा में घमासान मचा हे. इसी क्रम में भाजपा महानगर और विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का प्रतीकात्मक पुतला फूंका. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अजय राय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आक्रोश जताया. वक्ताओं ने कहा कि अजय राय की पृष्ठभूमि अपराधिक रही है और वह आज भी अपराधी हैं. उन्होंने मांग की कि अजय राय पर लगे सभी 38 मुकदमों की तेजी से सुनवाई कर उन्हें दंडित किया जाए.


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कार्यकर्ताओं का कहना था कि अजय राय लगातार चुनाव हार रहे हैं, इसलिए इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. अजय राय के खिलाफ सिगरा, चेतगंज, कैंट, मुगलसराय, शिवपुर, फूलपुर, लंका आदि थानों में गंभीर अपराध के मुकदमे दर्ज हैं. वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से अजय राय की टिप्पणी सामने आई है, वह उनकी कांग्रेस की संगत का असर है. राहुल गांधी भी वही भाषा बोल रहे हैं. दोनों पहले से मुकदमे में आरोपित हैं और वहीं दूसरे पर अपशब्द कह रहे हैं. काशी की परंपरा और संस्कृत मर्यादा पूर्ण राजनीति को प्रदूषित कर रहे हैं.


इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा महानगर, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ आदि के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे. कार्यकर्ताओं ने अजय राय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपने अपराधों को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं.


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भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अजय राय की राजनीति केवल अपराध और विवादों के इर्द-गिर्द घूमती है. उन्होंने यह मांग की कि अजय राय को उनके अपराधों के लिए सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए. कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि काशी की संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए ऐसे नेताओं का विरोध करना आवश्यक है. इस प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास और सुशासन की राजनीति करती आई है, जबकि कांग्रेस पार्टी केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि अजय राय जैसे नेताओं का राजनीति में कोई स्थान नहीं है.


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भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अजय राय की बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और इसी कारण से वह इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से कानून और व्यवस्था के पक्ष में रही है और ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि वे काशी की संस्कृति और परंपरा की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि काशी की जनता को ऐसे नेताओं के खिलाफ एकजुट होना चाहिए जो समाज में अशांति और विवाद फैलाते हैं.

एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की शोध टीम ने दूध प्रोटीन और एलोवेरा से तैयार नवीन मिश्रित एंटासिड टैबलेट के लिए भारतीय पेटेंट हासिल किया है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इस आविष्कार को पेटेंट संख्या 597350 प्रदान किया है। इसका आवेदन संख्या 202311057324 है।यह शोध बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी विभाग में किया गया। आविष्कारक टीम में प्रो. दिनेश चन्द्र राय, प्रो. राज कुमार दुआरी, डॉ. अरविंद, डॉ. रुचि चावला, रिधि पांडे और कृष्ण कुमार शामिल हैं।शोध टीम के नेतृत्वकर्ता प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने इस उपलब्धि को प्राकृतिक पाचन स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पेटेंट डेयरी फार्म और शोध प्रयोगशाला से निकलकर समाज के दैनिक जीवन तक पहुंचने वाले नवाचार का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि पेटेंट मिलने के बाद इस तकनीक के क्लिनिकल परीक्षण, उत्पादन विस्तार और व्यावसायीकरण की संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही, अम्लता की समस्या के दैनिक प्रबंधन के लिए प्रोटीन युक्त विकल्प विकसित करने की दिशा में भी यह शोध उपयोगी हो सकता है।ALSO READ : बीएचयू में 7वें बाल चिकित्सा डायलिसिस एवं चिकित्सीय एफेरेसिस मॉड्यूल का शुभारंभप्रो. राय के अनुसार, यह उपलब्धि स्वदेशी नवाचार, डेयरी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और साक्ष्य आधारित पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।इस उपलब्धि पर दोनों विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक समुदाय और पूर्ववर्ती छात्र संघों ने शोध टीम को बधाई दी तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में टीम के योगदान की सराहना की।