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सीएम योगी आज काशी दौरे पर: दालमंडी, गंजारी स्टेडियम और नगर निगम परियोजनाओं पर खास फोकस...

सीएम योगी आज काशी दौरे पर: दालमंडी, गंजारी स्टेडियम और नगर निगम परियोजनाओं पर खास फोकस...
May 06, 2026, 04:44 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: आज (बुधवार) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वपूर्ण दौरा प्रस्तावित है. उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में है, जबकि सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं. मुख्यमंत्री पुलिस लाइन से सीधे कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचेंगे, जहां वे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में शहर के कई प्रमुख विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी.

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री खास तौर पर वाराणसी रोपवे परियोजना, दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण, गंजारी में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम और नगर निगम के नए सदन भवन की प्रगति रिपोर्ट पर फोकस करेंगे. माना जा रहा है कि दालमंडी में लंबे समय से अटके सड़क चौड़ीकरण कार्य को इस बैठक के बाद नई गति मिल सकती है, जिससे पुराने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है. इसके अलावा रोपवे परियोजना को शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.


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बैठक में कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है, जिसमें आगामी आयोजनों और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाएगा. समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी जाएंगे, जहां वे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन करेंगे.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा पहले मंगलवार को प्रस्तावित था, लेकिन गोरखपुर में शिक्षामित्रों को चेक वितरण कार्यक्रम के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था. अब इस दौरे को काशी के विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है.

काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन
काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन
वाराणसी : हाल के वर्षों में वाराणसी देश के एक सशक्त एवं विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरा है तथा इसमें एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित होने की अपार संभावनाएँ हैं. यहां की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, जीवन परंपराएँ, ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित स्मारक, घाट, समृद्ध खान-पान की परंपरा तथा विविध अनुभवात्मक पर्यटन इसकी विशिष्ट पहचान हैं. बुनियादी ढाँचे, पर्यटक सुविधाओं, कनेक्टिविटी, ब्रांडिंग एवं प्रचार-प्रसार तथा गुणवत्तापूर्ण पर्यटन उत्पादों के विकास पर निरंतर ध्यान देकर काशी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने वाले एक वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सकता है.यद्यपि वाराणसी में पर्यटन अवसंरचना एवं पर्यटक सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, तथापि गंतव्य विकास के अगले चरण में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी तथा क्षमता निर्माण पर अधिक बल दिए जाने की आवश्यकता है. होटल व्यवसायियों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटन हितधारकों, पर्यटन सुविधादाताओं, पर्यटक गाइडों तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े अन्य हितधारकों एवं स्थानीय समुदाय की पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने तथा पर्यटन के लाभों को स्थानीय स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है.इसके लिए पर्यटन शिक्षा, कौशल विकास, सेवा गुणवत्ता, डिजिटल साक्षरता तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग से संबंधित लक्षित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आवश्यक हैं, ताकि स्थानीय पर्यटन हितधारक पर्यटकों की बढ़ती अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर सकें. इन क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने से वाराणसी में एक समावेशी, प्रभावी, प्रौद्योगिकी-सक्षम एवं सुदृढ़ पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सकेगा, जिससे पर्यटकों के अनुभव तथा स्थानीय आजीविका—दोनों में सुधार होगा.इसी क्रम में पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, वाराणसी कार्यालय, इंटैक वाराणसी चैप्टर, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन (TGA) एवं संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में 22 सितंबर 2026 को संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी, होलापुर, वाराणसी में युवा टूरिज्म क्लब के सदस्यों एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए ‘संत परंपरा’ विषय पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात वक्ता व्योमेश शुक्ला द्वारा गोस्वामी तुलसीदास की संत परंपरा एवं साहित्यिक विरासत तथा उमेश कबीर द्वारा संत कबीरदास की विचारधारा, जीवन-दर्शन एवं शिक्षाओं पर आधारित रोचक एवं प्रेरणादायक स्टोरीटेलिंग सत्र प्रस्तुत किया. इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को काशी की समृद्ध संत परंपरा, आध्यात्मिक विरासत एवं सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया गया.ALSO READ: खुद का गोली मारने वाले व्‍यवसायी की 12 दिन बाद मौत, सुसाइड नोट में बदनामी का जिक्रकार्यक्रम में संयुक्त महानिदेशक एवं क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की. इस अवसर पर अशोक कपूर, संयोजक, इंटैक वाराणसी चैप्टर, सुश्री दिव्या सिंह, निदेशक, प्रधानाचार्य, संत अतुलानंद रेजिडेंशियल अकादमी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया.इस स्टोरीटेलिंग सत्र का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसायियों एवं सेवा प्रदाताओं में पर्यटन संबंधी जागरूकता एवं सेवा मानकों को सुदृढ़ करना तथा गंतव्य पर पर्यटकों को बेहतर गुणवत्ता की सेवाएँ एवं समग्र रूप से बेहतर पर्यटन अनुभव प्रदान करने के लिए क्षमता निर्माण करना था. साथ ही, काशी की समृद्ध संत परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य था.
खुद का गोली मारने वाले व्‍यवसायी की 12 दिन बाद मौत, सुसाइड नोट में बदनामी का जिक्र
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वाराणसी : पांडेयपुर चौराहे के पास रहने वाले साड़ी और आभूषण कारोबारी विजेंद्र सोनी (50) को आखिर कार बचाया नहीं जा सका. उनकी मंगलवार रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई. उन्होंने 10 सितंबर की सुबह करीब पांच बजे खुद को गोली मार ली थी. इसके बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है.विजेंद्र ने अपने घर से लगभग 30 मीटर दूर छोटे भाई जितेंद्र सोनी की दुकान के पास सीढ़ी की आड़ में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारी थी. परिवार के लोग उन्हें गंभीर हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गए थे, जहां 12 दिन तक उनका इलाज चला. मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. कैंट पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान वीरेंद्र की डायरी के एक पन्ने पर सुसाइड नोट मिला था.ALSO READ: सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचानपुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उन्होंने खुद को बदनाम किए जाने और मजबूरी का जिक्र किया था. साथ ही बेटी की शादी और बेटे का ध्यान रखने की बात भी लिखी थी. पुलिस सुसाइड नोट और घटना के कारणों की जांच कर रही है. मौत की सूचना से परिवार और इलाके के व्यापारियों में दुख है. घटना को लेकर तरह तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है.
सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचान
सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचान
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) द्वारा संचालित सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए विद्यालय की यूनिफॉर्म में बदलाव किया गया है। स्कूल बोर्ड की ओर से नई यूनिफॉर्म को स्वीकृति दे दी गई है। नई यूनिफॉर्म में नीले रंग का जैकेट, ट्राउजर और नीले चेक वाला कुर्ता शामिल किया गया है।विद्यालय की ओर से खेलकूद के लिए भी चार हाउस के अनुसार अलग-अलग रंगों की यूनिफॉर्म को मंजूरी दी गई है। वर्तमान में छात्राओं के लिए सफेद रंग की यूनिफॉर्म लागू है। सफेद यूनिफॉर्म से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए छात्राओं की ओर से लंबे समय से यूनिफॉर्म में बदलाव की मांग की जा रही थी।नई यूनिफॉर्म के लिए नवप्रवेशित छात्राओं को 30 सितंबर तक का समयविद्यालय की कक्षा 6, 8 और 11 में नवप्रवेशित छात्राओं को नई यूनिफॉर्म बनवाने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। वहीं, विद्यालय में पहले से अध्ययनरत छात्राओं के लिए फिलहाल नई यूनिफॉर्म लेना अनिवार्य नहीं किया गया है। वे अपनी सुविधा के अनुसार नई यूनिफॉर्म अपना सकती हैं या वर्तमान सफेद यूनिफॉर्म में ही पढ़ाई जारी रख सकती हैं।विद्यालय की सभी छात्राओं के लिए अप्रैल 2028 से नई यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी जाएगी।छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया निर्णयस्कूल बोर्ड की उपाध्यक्ष प्रो. नंदिता घोषाल ने बताया कि यूनिफॉर्म में बदलाव का निर्णय कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि नई यूनिफॉर्म को लेकर छात्राओं में काफी उत्साह है।ALSO READ: जिला स्तरीय चयन में पहलवानों ने दिखाया दमखमविद्यालय की प्रधानाचार्या प्रो. मधु कुशवाहा ने कहा कि यूनिफॉर्म डिजाइन समिति ने बालिका विद्यार्थियों के सरोकारों और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई यूनिफॉर्म तैयार की है। नई यूनिफॉर्म को स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालय में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।