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वाराणसी में देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन यात्री जलयान सेवा शुरू, सर्बानंद सोनोवाल ने दिखाई हरी झंडी

वाराणसी में देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन यात्री जलयान सेवा शुरू, सर्बानंद सोनोवाल ने दिखाई हरी झंडी
Dec 12, 2025, 03:29 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : भारत ने अपने हरित समुद्री अभियान में एक बड़ा कदम उठाया है, क्योंकि पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आज यहां नमो घाट पर देश के पहले पूरी तरह से स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन चालित यात्री यात्री जलयान वाणिज्यिक संचालन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

यह जलयान भारत में समुद्री परिवेश में हाइड्रोजन ईंधन सेल प्रणोदन का प्रदर्शन करने वाला पहला जलयान है और इसमें पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह एक निम्न तापमान प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन ईंधन सेल प्रणाली पर संचालित होता है जो संग्रहित हाइड्रोजन को बिजली में परिवर्तित करता है और उप-उत्पाद के रूप में केवल पानी उत्सर्जित करता है.

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर परिवहन प्रणालियों की ओर एक परिवर्तनकारी बदलाव देख रहा है। हमारे पहले स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन चालित जलयान का शुभारंभ प्रधानमंत्री जी के इस दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.

यह उपलब्धि प्रधानमंत्री की 'मेक इन इंडिया' की प्रतिबद्धता और सभी क्षेत्रों में हरित परिवहन की ओर बदलाव को दर्शाती है। यह उपलब्धि हमारी पवित्र गंगा के पुनरुद्धार और संरक्षण के व्यापक मिशन को भी मजबूत करती है। जलमार्गों पर स्वच्छ तकनीकों को बढ़ावा देते हुए, हम न केवल नवाचार को प्रोत्साहित कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास पर्यावरण के प्रति हमारे दायित्व के साथ-साथ चले। आज की यह उपलब्धि हमारे राष्ट्र के लिए एक हरित और समृद्ध समुद्री भविष्य के निर्माण के प्रति प्रधानमंत्री के अटूट संकल्प को दर्शाती है.

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के स्वामित्व वाला यह जलयान कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित किया गया है। परीक्षण संचालन पूर्ण होने के बाद जलयान सेवा में प्रवेश करेगा। यह पहल 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है और भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों में स्वच्छ, टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के प्रयासों का समर्थन करती है.

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हाइड्रोजन ईंधन चालित जलयान की वाणिज्यिक सेवा की शुरुआत स्वच्छ और अधिक टिकाऊ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में भारत के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री सोनोवाल के नेतृत्व में, आईडब्ल्यूएआई मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मेरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के अंतर्गत उन्नत हरित प्रौद्योगिकियों और वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने को बढ़ावा दे रहा है.

सर्बानंद सोनोवाल ने आगे कहा, "हाइड्रोजन ईंधन चालित इस जलयान की सफल तैनाती स्वच्छ और टिकाऊ जलमार्गों की दिशा में भारत के परिवर्तन को गति देने के लिए हमारे मंत्रालय की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मैं इस अग्रणी जलयान को उपलब्ध कराने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और विभिन्न परीक्षणों के बाद इसे वाणिज्यिक सेवा में शामिल करने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को बधाई देता हूं। यह उपलब्धि 2070 तक भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को पूरा करने और अंतर्देशीय जल परिवहन क्षेत्र में अत्याधुनिक हरित प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करने के हमारे संकल्प का प्रमाण है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के परिवर्तनकारी मेरीटाइम इंडिया विजन (एमआईवी) 2030 और मेरीटाइम अमृत काल विजन (एमएकेवी) 2047 के दीर्घकालिक रोडमैप के मार्गदर्शन में, हम देश के लिए एक आधुनिक, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर आकार दे रहे हैं.

शहरी परिवहन के लिए डिज़ाइन की गई 24 मीटर लंबा यह कैटामरान वातानुकूलित केबिन में 50 यात्रियों को ले जा सकती है और 6.5 समुद्री मील की गति से चलती है। इसकी हाइब्रिड ऊर्जा प्रणाली में हाइड्रोजन ईंधन सेल, बैटरी और सौर ऊर्जा का संयोजन है, जिससे एक बार हाइड्रोजन भरने पर यह आठ घंटे तक चल है. यह जलयान इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग द्वारा प्रमाणित है.


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पायलट जलयान एफसीवी पायलट-01 को चालू करने के लिए, आईडब्ल्यूएआई, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और इनलैंड एंड कोस्टल शिपिंग लिमिटेड ने तकनीकी सहायता, संचालन और निगरानी को रेखांकित करते हुए एक त्रिपक्षीय समझौता किया है। इस समझौते में वित्तीय शर्तें, सुरक्षा प्रक्रियाएं, निगरानी तंत्र और पायलट चरण के दौरान आवधिक निरीक्षण के प्रावधान शामिल हैं.

वाराणसी में शुरू हाइड्रोजन ईंधन चालित जलयान शहरी जल परिवहन को कई महत्वपूर्ण लाभ पहुंचाता है, जिनमें यात्रियों और तीर्थयात्रियों के लिए शोर-मुक्त यात्रा, केवल जल उत्सर्जन धुआं मुक्त, प्रदूषण मुक्त, और जलमार्गों के माध्यम से तेज आवागमन से सड़क पर भीड़भाड़ में कमी शामिल है। इससे स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है, साथ ही वाराणसी हाइड्रोजन-संचालित यात्री परिवहन को अपनाने वाले विश्व के पहले शहरों में से एक बन जाएगा। तकनीकी रूप से, पूरी तरह से वातानुकूलित 50 सीटों वाला यह जलयान संग्रहित हाइड्रोजन पर आठ घंटे तक चल सकता है, 7 से 9 समुद्री मील की गति से चलता है, और पूरी तरह से स्वदेशी, पर्यावरण के अनुकूल तकनीक द्वारा संचालित है जो सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित करता है।

नमो घाट से ललिता घाट तक पांच किलोमीटर की यात्रा पर पहली बार चलने वाले इस जलयान में मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य लोगों के एक दल को ले जाया, जो गंगा नदी पर हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाले यात्री जलयान के वाणिज्यिक संचालन का संकेत था (राष्ट्रीय जलमार्ग 1).

केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल के साथ, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दया शंकर मिश्रा 'दयालू' सहित कई प्रतिष्ठित नेता उपस्थित थे. कई विधायक - अवधेश सिंह, नीलकंठ तिवारी, डॉ. सुनील पटेल, सौरभ श्रीवास्तव, अनिल राजभर, नील रतन सिंह और त्रिभुवन राम - और वाराणसी नगर निगम के महापौर अशोक कुमार तिवारी भी मौजूद थे. इसके अलावा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव श्री विजय कुमार, आईडब्ल्यूएआई अध्यक्ष श्री सुनील पालीवाल और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे.

हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामारन की शुरुआत के बाद, हाइड्रोजन ईंधन चालित जलयान की तैनाती देश के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के आधुनिकीकरण और डीकार्बोनाइजेशन के लिए आईडब्ल्यूएआई की दीर्घकालिक योजना को मजबूती प्रदान करती है.

UPSC परीक्षा को लेकर वाराणसी में हाई अलर्ट...
UPSC परीक्षा को लेकर वाराणसी में हाई अलर्ट...
वाराणसी : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) प्रारम्भिक परीक्षा-2026 को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आई. अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा ने संबंधित थाना प्रभारियों, यातायात पुलिस और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों एवं संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया.आज 24 मई 2026 को आयोजित UPSC प्रारम्भिक परीक्षा दो पालियों में सम्पन्न हो रही है. पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जा रही है. कमिश्नरेट वाराणसी क्षेत्र में कुल 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 16,121 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.पुलिस अधिकारियों ने राजकीय विद्यालय मलदहिया-सिगरा, ए.ओ. मुस्लिम कॉलेज लल्लापुरा, जेपी मेहता इंटर कॉलेज कैंट और कटिंग मेमोरियल इंटर कॉलेज नदेसर समेत कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. इस दौरान प्रवेश एवं निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था, कतार प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन जांच की गई.अपर पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़, अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की स्थिति न बनने दी जाए. साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए.पुलिस प्रशासन ने परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों के साथ सौम्य और सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं. परीक्षा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है.ALSO READ:पॉक्सो समेत महिला अपराध मामले ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, सिर्फ 33 का निस्तारणकमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि परीक्षा अवधि के दौरान यातायात नियमों का पालन करें, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में सम्पन्न कराई जा सके.
पॉक्सो समेत महिला अपराध मामले ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, सिर्फ 33 का निस्तारण
पॉक्सो समेत महिला अपराध मामले ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, सिर्फ 33 का निस्तारण
Women crime cases, including POCSO cases, approached the court, but only 33 were resolved.Varanasi News: यूपी में हर दिन अपराध बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में हाल ही में जारी हुए एनसीआरबी रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश महिला अपराध के मामलों में राष्ट्रीय औसत से सबसे बेहतर स्थिति में रहा है. हालांकि, महिलाओं से जुड़े मामलों में न्याय मिलने की प्रक्रिया अब भी धीमी बनी हुई है. वाराणसी में एक साल के दौरान पॉक्सो समेत महिला अपराध के 480 से अधिक मामले कोर्ट पहुंचे।”. “एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार, महिला अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा, इसके बावजूद महिलाओं से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की रफ्तार भी धीमी हो गई है. वाराणसी में बीते एक साल में पॉक्सो समेत महिला अपराध के 480 से ज्यादा मामले अदालत में दर्ज हुए”.480 से ज्यादा अपराधिक मामला बता दें, वाराणसी में पिछले एक साल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 480 से ज्यादा मामलों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इनमें पॉक्सो, दुष्कर्म, छेड़खानी और साइबर उत्पीड़न जैसे मामले शामिल हैं. हैरानी इस बात की है कि, विशेष पॉक्सो अदालतों में करीब 3000 केस अभी भी लंबित हैं.जिनमें से निस्तारण की दर सिर्फ 33 फीसदी रही है. इसका कारण जांच में देरी, फॉरेंसिक रिपोर्ट समय पर न मिलना और गवाहों के अदालत में पेश न होने से सुनवाई प्रभावित हो रही है. हालांकि, कुछ मामलों में अदालत ने तेजी से फैसला सुनाते हुए दोषियों को सजा भी दी है.पॉक्सो मामलों में ठोस पैरवीसच तो यह है कि, वाराणसी में पॉक्सो मामलों की सुनवाई धीमी चल रही है , इसकी मुख्य वजह पुलिस की जांच में देरी है, फॉरेंसिक रिपोर्ट समय पर न मिलना और गवाहों का अदालत में पेश न होना बताया गया है. सबसे ज्यादा शिकायतें शहर के सिगरा, लंका, कैंट, भेलूपुर और शिवपुर थाना क्षेत्रों से आई हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में रोहनिया, चोलापुर और बड़ागांव में बच्चियों से जुड़े अपराध बढ़े हैं.Also Read: नमो घाट पर पर्यटकों की पिटाई, पुलिस हिरासत में चार गार्डइससे भी बड़ी बात तो यह है कि वाराणसी की विशेष पॉक्सो अदालतों में करीब 3000 मामले पेंडिंग हैं,.इनमें कई केस दो से तीन साल पुराने भी हैं. इन मामलों में दोष साबित होने की दर लगभग 28 से 30 प्रतिशत बताई गई है. पॉक्सो के मामलों में ठोस पैरवी की जा रही है। कुछ मामलों में अदालत ने रिकॉर्ड समय में फैसला सुनाया है. इसी के साथ ही पुलिस भी मामलों की जांच में जुटी हुई है.
मातम में बदली अपार्टमेंट की पार्टी, जांच में जुटी पुलिस
मातम में बदली अपार्टमेंट की पार्टी, जांच में जुटी पुलिस
Apartment party turns into mourning, police investigateVaranasi News: वाराणसी के शिवपुर और सारनाथ थाना क्षेत्र में दो लोगों ने अपनी जान गंवा दी. जिसके चलते इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं, एक अपार्टमेंट में पार्टी के दौरान युवक की पिटाई और लगातार फायरिंग की गई. इस हमला मामले में दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, शिवपुर थाना क्षेत्र में हरिहरपुर रिंग रोड के पास बीते शुक्रवार को सड़क हादसे में पिकअप चालक की मौत हो गई. ये हादसा तब हुआ जब प्रतापगढ़ के कुंदनपुर गांव निवासी 25 साल के आशीष कुमार गौतम अपने गांव के ही वाहन मालिक अरुण कुमार के साथ चंदौली से लौट रहे थे. कि अचानक से रिंग रोड पर आगे चल रहे ट्रेलर की बैटरी अचानक डिस्चार्ज हो गई, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप बीच रास्ते में खड़ी ट्रेलर को जोरदार टक्कर मार दी. जिसके चलते एक बड़ा हादसा हो गया और पिकअप चला रहे आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन मालिक अरुण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया. इसी के साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.बंद कमरे से मिला शवथाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि, सड़क हादसे मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज कर ली गई है, सारनाथ थाना क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी फेज-2 में शनिवार को बंद मकान से कृष्ण कुमार वर्मा (40) का शव मिला, दुर्गंध उठने पर पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को संरक्षण में लिया और फॉरेंसिक टीम ने छानबीन की. पुलिस ने दो दिन पहले मौत की आशंका जताई है, पहाड़िया के अशोक विहार कॉलोनी फेज-2 के मकान नंबर एमएल-76 निवासी कृष्ण कुमार वर्मा रहते थे.परिजनों ने अपनी आपबीती बताते हुए पुलिस को बताया कि कृष्ण कुमार वर्मा दो दिन पहले अपने कमरे में गए थे और उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था. सुबह उनके कमरे से अचानक तेज दुर्गंध उठने लगी तो अनहोनी की आशंका हुई, भाई संतोष कुमार वर्मा ने इसकी सूचना सारनाथ पुलिस को दी.Also Read: 91 यूपी बटालियन NCC का प्रशिक्षण शिविर संपन्नथाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा. महमूरगंज में विजय अपार्टमेंट में पार्टी के दौरान युवक की पिटाई और पिस्टल के बट से सिर हमला किया गया है, इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ शनिवार को सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। दारानगर निवासी पीड़ित देव कमल ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात 10.30 बजे अपार्टमेंट में मित्रों के साथ पार्टी हो रही थी. इस बीच रिशू शर्मा निवासी खोजवा और निहाल यादव समेत दो अज्ञात ने मित्र मयंक जायसवाल को कॉल किया। जैसे ही अपार्टमेंट से बाहर निकला तो हमला कर दिया.