सावन में नमाज पर प्रतिबंध की मांग, 24जुलाई को जुलूस निकालकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे...

वाराणसी. सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम समुदाय द्वारा नमाज अदा करने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर शिवसेना के राज्य उपप्रमुख एवं मंडल प्रभारी वाराणसी अजय चौबे ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में भगवान श्री आदिविशेश्वरनाथ महादेव विराजमान हैं और सावन के पूरे महीने परिसर में नमाज पर रोक लगाई जानी चाहिए।
शिवसेना नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को शिवसैनिक महावीर मंदिर व्यायामशाला से जुलूस निकालकर मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपेंगे।
शिव सेना की क्या मांग है
अजय चौबे ने कहा - जिस प्रकार सनातन हिंदू समाज को माता श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन, आरती, पूजन और भोग जैसी धार्मिक परंपराओं पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है, उसी प्रकार प्रशासन को समानता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता श्रृंगार गौरी के दर्शन की अनुमति वर्ष में केवल नवरात्र के दौरान एक निर्धारित अवसर पर ही मिलती है, जबकि नियमित पूजा-अर्चना की परंपरा बाधित है।
उन्होंने यह भी कहा कि सावन के प्रथम सोमवार को यादव समाज के श्रद्धालु वर्षों से बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में जलाभिषेक करते आए हैं, लेकिन अब इस पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उनके अनुसार यह परंपरा गोस्वामी तुलसीदास के समय से चली आ रही है और इसे रोका जाना धार्मिक परंपराओं के विपरीत है।
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अजय चौबे ने आरोप लगाया कि जब हिंदू समाज की पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों पर भीड़ प्रबंधन का हवाला देकर रोक लगाई जा रही है, तो ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर भी समान रूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि सावन के दौरान जब कांवरिये और शिवभक्त दर्शन के लिए कतार में खड़े रहते हैं, तब ज्ञानवापी परिसर जाने वाले कुछ लोगों के व्यवहार से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।



