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‘समर्थ’ पोर्टल पर हिंदी व संस्कृत की मांग, शिक्षकों ने दिया धरना.

‘समर्थ’ पोर्टल पर हिंदी व संस्कृत की मांग, शिक्षकों ने दिया धरना.
Aug 31, 2025, 10:46 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित परीक्षा भवन द्वार पर धरना देकर ‘समर्थ’ पोर्टल पर हिंदी और संस्कृत भाषा में विवरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई. शिक्षकों का कहना है कि पोर्टल पूरी तरह अंग्रेज़ी भाषा में है, जिसके कारण संस्कृत विषय से जुड़े शिक्षक शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं.



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विशेष दर्जे वाले विश्वविद्यालय पर सामान्य नियम थोपने का विरोध


संस्कृत विद्यालय शिक्षक समिति उत्तर प्रदेश से जुड़े शिक्षकों ने आपत्ति जताई कि जब विश्वविद्यालय को विशेष दर्जा प्राप्त है, तो उस पर सामान्य विश्वविद्यालयों जैसे नियम क्यों थोपे जा रहे हैं. उनका कहना है कि यह न केवल अनुचित है बल्कि संस्कृत शिक्षा की गरिमा को भी आघात पहुंचाता है.



शिक्षकों की प्रमुख आपत्तियां और मांगें


पोर्टल पर हिंदी और संस्कृत में विकल्प जोड़े जाएं. छात्रों से पंजीकरण शुल्क दो बार लेना अनुचित है. मामूली छात्रवृत्ति के लिए आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और रक्त समूह जैसी शर्तों का कोई औचित्य नहीं है. तृतीय और चतुर्थ पत्र के छात्रों को अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. नई शिक्षा नीति के तहत शास्त्री पाठ्यक्रम (तीन अथवा चार वर्ष) का स्पष्ट विकल्प उपलब्ध कराया जाए. दो चरणों में फार्म भरवाने की प्रक्रिया समाप्त की जाए.


मूल्यांकन का बहिष्कार और भुगतान की समस्या


शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन का बहिष्कार भी किया. उनका कहना था कि परीक्षा केंद्रों का भुगतान तो समय पर हो जाता है, किंतु महाविद्यालयों के भुगतान में हमेशा धनाभाव दिखाया जाता है. उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन का पारिश्रमिक कई वर्षों से लंबित है.




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कुलपति का आश्वासन


शिक्षक समिति के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. पवन कुमार शुक्ल ने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का गौरवपूर्ण इतिहास सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर है. ऐसे में समर्थ पोर्टल पर मातृभाषा विकल्प का न होना खेदजनक है. उन्होंने कुलपति से मुलाकात कर इस विषय को शासन तक पहुँचाने का आग्रह किया.

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि आने वाले दो से तीन दिनों में इस विषय पर सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा.


सभा में शिक्षकों ने रखे विचार


धरना सभा की अध्यक्षता पूर्व शिक्षक विधायक डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने की. इस दौरान डॉ. सुरेश उपाध्याय, डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. पवन शुक्ल, डॉ. अशोक पाण्डेय, डॉ. गोबिंद मिश्र, डॉ. प्रशांत मौर्य, डॉ. उमेश चंद्र तिवारी, डॉ. शशिशेखर चतुर्वेदी, डॉ. जनकनंदिनी शरण और डॉ. ध्रुव सापकोटा सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे और विश्वविद्यालय प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की माँग की.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।