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आम लदे ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग कुम्‍हार की मौत, बेटा गंभीर, लोगों ने किया चक्काजाम...

आम लदे ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग कुम्‍हार की मौत, बेटा गंभीर, लोगों ने किया चक्काजाम...
Jun 29, 2026, 07:31 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में सुद्धिपुर बाईपास पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. बाबतपुर की ओर से आ रहे आम लदे डीसीएम ट्रक की चपेट में आने से 65 वर्षीय कुम्‍हार की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. इस दौरान कुछ दूर जाने के बाद ट्रक पलट गया और आम सडक पर बिखर गए. हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई.


जानकारी के अनुसार, हटिया निवासी छेदी प्रजापति (65) अपने छोटे बेटे काशी प्रजापति (30) के साथ सुबह करीब छह बजे कुल्हड़ की सप्लाई देने बाजार जा रहे थे. दोनों परिवार के भरण-पोषण के लिए कुल्हड़ बनाने और बेचने का काम करते थे. जब वे हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार से आ रहा आम से लदा डीसीएम ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया. पिता-पुत्र ने सड़क किनारे हटकर बचने की कोशिश की, लेकिन ट्रक की चपेट में आ गए. हादसे के बाद ट्रक कुछ दूरी पर पलट गया. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने छेदी प्रजापति को मृत घोषित कर दिया. वहीं, उनके बेटे काशी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है.


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एक करोड़ मुआवजा और नौकरी की मांग पर लोग


घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए. गुस्साए ग्रामीणों ने गिलट बाजार से बाबतपुर मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया. परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए. तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीएम नितिन सिंह, एसीपी अपूर्व पांडेय समेत जनपद के कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए. अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे हैं. एडीएम सिटी व एसडीएम नितिन सिंह ने परिजनों के साथ इंसाफ और जो सरकारी मुआवजे होते हैं, दिलवाने को कहकर जाम को पूरी तरह से समाप्त करवाया.सुबह करीब 9:30 बजे जाम समाप्त कराया गया. ऐसे में लगभग तीन घंटे पूरी तरह से रोड जाम रहा.


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तीन महीने पहले बड़े बेटे की भी हुई थी मौत


परिजनों ने बताया कि छेदी प्रजापति के बड़े बेटे बनारसी प्रजापति की करीब तीन महीने पहले ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी. उस हादसे के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में था. कुछ समय पहले ही परिवार ने फिर से कामकाज शुरू किया था और छेदी अपने छोटे बेटे के साथ रोजाना कुल्हड़ों की सप्लाई करने जाते थे. लगातार दूसरी पारिवारिक त्रासदी ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है.


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सड़क पर फैली मिट्टी बनी हादसे का कारण, CCTV में कैद हुई घटना


जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण सुद्धिपुर चौराहे के पास मकान के निर्माण के लिए मुख्य सड़क पर गिराई गई मिट्टी थी. तेज रफ्तार डीसीएम सड़क पर फैली मिट्टी पर चढ़कर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसकी चपेट में पिता-पुत्र आ गए. यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है.

मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.ALSO READ:समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाएतहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
समीक्षा बैठक : सीपी बोले - साइबर ठगों के केवल प्यादों तक सीमित न रहें, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए
वाराणसी : साइबर अपराध के नित-नए तरीकों और आधुनिक ठगी के तौर-तरीकों पर नकेल कसने के लिए वाराणसी कमिश्‍नरेट पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है. सोमवार की देर शाम कैम्प कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में पुलिस कमिश्‍नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों को दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि वाराणसी की पुलिसिंग में समयानुकूल बदलाव बेहद जरूरी है. साइबर ठगों के केवल प्यादों तक न सीमित रहकर, उनके पूरे नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त किया जाए. प्रत्येक जोन साइबर प्रभारी को 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए. पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल तकनीकी संसाधनों और इंटेलिजेंस को मजबूत करना ही काफी नहीं है, बल्कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और समयबद्ध निस्तारण से ही जनता का विश्वास और मजबूत होगा.पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध के इकोसिस्टम को तोड़ने के लिए निर्देश दिए. म्यूल एकाउंट खुलवाने और संचालित करने वालों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए. अवैध रूप से सिम जारी करने वाली एजेंसियों व डीलरों और फर्जी कॉल सेंटरों पर शिकंजा कसा जाए. एटीएम से पैसे निकालने वाले गिरोहों की पहचान कर वित्तीय फ्रॉड की रकम को तुरंत होल्ड कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. पुलिस आयुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों की सराहना करते हुए कार्रवाई को और परिणामपरक बनाने पर जोर दिया. समीक्षा बैठक में पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) नृपेन्द्र समेत सभी जोनों के साइबर प्रभारी और थानों के साइबर नोडल अधिकारी रहे.एक साल में साइबर पर ताबड़तोड़ प्रहारपुलिस आयुक्त ने मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक साल में साइबर अपराधियों पर लगातार वार किया गया. संगठित ठगी करने वाले 58 गिरोहों का भंडाफोड़ कर 277 अपराधियों को जेल भेजा गया. 'डिजिटल अरेस्ट' के 5 मामलों में 36 आरोपी गिरफ्तार किए गए. इनसे 1.20 करोड़ नकदी, वाहन और डिजिटल उपकरण बरामद हुए. फर्जी नौकरी, निवेश और विदेशी नागरिकों को ठगने वाले 15 अवैध कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर 175 आरोपी दबोचे गए. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल की लगभग 17 हजार शिकायतों का समाधान, पीड़ितों के 25 करोड़ खाते में होल्ड कराए गए और प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ पीड़ितों को वापस दिलवाए गए. ठगी में उपयोग 10 हजार से अधिक मोबाइल नंबर और 8262 आईएमईआई नंबरों को हमेशा के लिए ब्लॉक कराया गया.संगठित साइबर नेटवर्क चलाने वाले 21 मुख्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई. ठगों के झांसे व प्रलोभन में फंसे 550 नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया और 17 चार-पहिया वाहन जब्त किए गए. वहीं, स्कूल-कॉलेजों और चौराहों पर अभियान चलाकर 25 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय बताए गए.ALSO READ:मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
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वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.ALSO READ :ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस