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'फलों की तस्वीर लगाकर टेट्रा पैक में बेची जा रही शराब', SC ने केंद्र से मांगा जवाब

'फलों की तस्वीर लगाकर टेट्रा पैक में बेची जा रही शराब', SC ने केंद्र से मांगा जवाब
May 20, 2026, 09:08 AM
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Posted By Preeti Kumari

'Liquor being sold in tetra packs with pictures of fruits', SC seeks Centre's reply


सुप्रीम कोर्ट ने 'जूस की पैकिंग में वोदका मामले को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है. बीते बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से एक याचिका को लेकर जवाब मांगा है. जिसमें टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग संगठन द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई की. इसी सुनवाई में कोर्ट ने जवाब मांगने के साथ ही इस पर सुनवाई के लिए सहमति भी जताई है.


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जूस और शराब में भ्रम का आरोप


सुप्रीम कोर्ट ने ये जवाब टेट्रा पैक और सैशे में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की याचिका पर केंद्र सरकार से जल्द ही जवाब मांगा है. कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील विपिन नायर ने कहा कि, एक्साइज नियमों के तहत बोतल की परिभाषा अभी स्पष्ट नहीं है और इस संबंध में कुछ मानक तय होना चाहिए, उन्होंने कहा, "वे फलों के जूस और शराब में भ्रम पैदा कर रहे हैं, वे सेब की तस्वीर का इस्तेमाल करते हैं, जबकि पैक में वोका होती है" नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है.


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नीतियों में तुरंत संशोधन कर सकें


याचिका में केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होने वाली एक नीति बनाए और टेट्रा पैक और सैशे जैसी पैकेजिंग में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाए, इसमें केंद्र को राज्यों के संबंध में एक नीति बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि राज्य अपने-अपने एक्साइज कानूनों, नियमों और नीतियों में तुरंत संशोधन कर सकें और बॉटलिंग की एक समान परिभाषा अपना सकें, जो केवल कांच के कंटेनरों या अन्य स्पष्ट रूप से अलग दिखने वाले पात्रों तक ही सीमित हो.


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पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.
कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...
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वाराणसी : श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावे, चंदे और चरण पादुका चोरी के मामले को लेकर सियासी पारा चढा हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बुधवार को वाराणसी जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया. इस दौरान हंगामे की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई.कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रशासन के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह प्रशासन का दोहरा रवैया है. अभी कुछ दिन पहले इसी मुख्यालय पर भाजपा के लोगों ने आक्रोश सभा की थी और हमारे शीर्ष नेताओं की आलोचना की थी, तब उन्हें खुली छूट थी. आज जब हम गांधी के सिपाही शांतिपूर्ण तरीके से पत्रक देने आ रहे थे, तो गेट बंद कर दिया गया. हालांकि, हमारे अनुरोध पर बाद में एडीएम महोदय ने गेट खोलकर हमारा पत्रक स्वीकार किया." राघवेंद्र चौबे ने सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए जांच समिति में प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए. निष्पक्ष और निष्ठावान पत्रकारों को इसका हिस्सा बनाया जाए. विधि पेशे से जुड़े प्रतिष्ठित वकीलों को भी कमेटी में जगह मिले.चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं की तरह इस बार भी सरकार लिपापोती करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य होगी. कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सरकार और आरएसएस पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए. संजीव सिंह ने कहा, "यह सीधे तौर पर 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' और नेचुरल जस्टिस का कत्ल है. जिस व्यक्ति या तंत्र पर चोरी का आरोप है, वही इसकी जांच करा रहा है. एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारी खुद दागी हैं, जिनके कार्यकाल में पूर्व के आयोजनों में बड़ी खामियां सामने आई थीं."ALSO READ : बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...इन मुद्दों को भी उठायाकांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकाल) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में बड़े पैमाने पर जमीनों और संसाधनों की लूट चल रही है. कांग्रेस ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि आम जनमानस की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस महाघोटाले की जांच वर्तमान हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके. प्रदर्शन में राजश्‍वर पटेल, सतनाम सिंह तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे.
बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...
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वाराणसी : स्वच्छ एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीएचयू और वाराणसी स्मार्ट सिटी ने विश्वविद्यालय परिसर में एप-आधारित सार्वजनिक साइकिल एवं ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए साझेदारी की है. इस सेवा का संचालन प्रारम्भ होने पर उपयोगकर्ता मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जीपीएस-एनेबल्ड साइकिलों तथा उच्च क्षमता वाली ई-बाइक का उपयोग कर सकेंगे. इस एप्लिकेशन में उपयोगकर्ता-आधारित भुगतान व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से उपयोग शुल्क का सुविधाजनक भुगतान कर इन साइकिल औऱ ई-बाइक को इस्तेमाल किया जा सकेगा.अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावनायह प्रणाली विश्वविद्यालय परिसर में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ेगी. इस सुविधा के अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावना है. परियोजना के अंतर्गत बीएचयू परिसर के विभिन्न रणनीतिक एवं अधिक आवागमन वाले स्थानों पर डॉकिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. प्रारम्भिक चरण में ई-बाइक तथा पारंपरिक पैडल साइकिलों दोनों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उपयोगकर्ताओं को सुलभ एवं पर्यावरण-अनुकूल आवागमन के विकल्प उपलब्ध होंगे.सुरक्षा एवं कुशल संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी वाहनों को लाइव जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिसे शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा. यह पहल सतत् परिवहन को प्रोत्साहित करने, मोटर चालित वाहनों पर निर्भरता कम करने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और आगंतुकों के बीच स्वस्थ आवागमन की संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी.कुलपति ने कही ये बातसतत् विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक विकास और सामुदायिक कल्याण के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है. वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ यह साझेदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे सतत प्रयासों का एक महत्त्वपूर्ण विस्तार है. इस पहल को लागू करने के लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ सहयोग कर हमें अत्यंत प्रसन्नता है. इससे न केवल परिसर में आवागमन और अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा, बल्कि सतत् एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा.”ALSO READ : सीवर,सड़क,पानी की समस्या बन गई बजरंग नगर की पहचान, लोग घर छोड़ने को मजबूर...यह साझा शुरुआत ऐसे वक्त में की जा रही है, जब बीएचयू और वाराणसी नगर निगम के बीच हाल ही में एक व्यापक सहमति की गई है, जिसके अंतर्गत शहरी जीवन को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय समुदाय और वाराणसी के नागरिकों को लाभान्वित करने वाली विभिन्न पहलों का विकास किया जाएगा.