वाराणसी में स्वर्णकार समाज के हितों की रक्षा के लिए अनशन, उपेक्षा का विरोध

वाराणसी : स्वर्णकार समाज की उपेक्षा और उनके आराध्य देव के सम्मान की मांग को लेकर मंगलवार को शास्त्री घाट पर युवा नेता शुभम सेठ ‘गोलू’ के नेतृत्व में अन्न-जल त्याग कर एक दिवसीय अनशन किया गया. बीते एक माह से अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे शुभम सेठ ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए अनशन का मार्ग अपनाया. धरने के माध्यम से प्रशासन के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी गईं.

पहली मांग स्वर्णकार समाज के कुलदेवता एवं महान संत महाराज नरहरी दास जी की भव्य मूर्ति स्थापना की है. दूसरी मांग चौक नीचीबाग क्षेत्र में ‘महाराज नरहरी दास स्मृति द्वार’ के निर्माण की है, ताकि समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को उचित सम्मान मिल सके. धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शुभम सेठ ‘गोलू’ ने कहा कि पिछले एक महीने से वे लगातार ज्ञापन और अनुरोध के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज का काशी के इतिहास और विकास में अहम योगदान रहा है, बावजूद इसके समाज को अपने आराध्य देव के सम्मान के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है.
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उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा. इस अनशन के दौरान स्वर्णकार समाज के विभिन्न संगठनों और युवाओं ने शास्त्री घाट पहुंचकर शुभम सेठ को अपना समर्थन दिया.



