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वाराणसी में तरना फ्लाईओवर के नीचे गेमिंग और वेंडिंग जोन, मिलेगा रोजगार का अवसर

वाराणसी में तरना फ्लाईओवर के नीचे गेमिंग और वेंडिंग जोन, मिलेगा रोजगार का अवसर
Apr 16, 2026, 09:21 AM
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Posted By Preeti Kumari

Gaming and vending zone under Tarna flyover in Varanasi, will provide employment opportunities


वाराणसी: शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए यूपी की योगी सरकार ने फ्लाईओवर के नीचे के अनुपयोगी स्थानों को उपयोगी और आकर्षक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना की एक बड़ी तैयारी की है. इसी सिलसिले में एयरपोर्ट रोड स्थित तरना क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे आधुनिक गेमिंग और वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा. सरकार की इस पहल से शहरवासियों को जहां मनोरंजन की नई सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर जबरदस्त भी बढ़ेंगे.


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खेलकूद का मिलेगा अवसर


स्मार्ट सिटी परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी का कहना है कि, प्रस्तावित गेमिंग जोन में इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, पिकल बॉल और स्केटिंग जैसे कई इंडोर खेलों की व्यवस्था होगी. इससे युवाओं-बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में खेलकूद का अवसर मिलेगा. ताकि हर किसी को अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने का एक अच्छा मौका मिलेगा. इतना ही नहीं, लोगों को इन खेलों के प्रति रूचि भी बढ़ेगी.


महाप्रबंधक अमरेंद्र ने कहीं बड़ी बात


इसी के आगे स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र का ये भी कहना है कि, इस परियोजना के जरिए फ्लाईओवर के नीचे वेंडिंग जोन भी स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से दुकानें लगाने की सुविधा दी जाएगी. ताकि छोटे-मोटे व्यापारियों को रोजगार का अवसर मिलेगा और यहां आने वाले सभी पर्यटक कई प्रकार के व्यंजनों का आनंद भी उठा सकेंगे. सीधे तौर पर देखा जाए तो सरकार के इस योजना से हर किसी को फायदा ही फायदा मिलने वाला है. खास बात तो यह है कि, इन व्यापारियों को स्थायी आजीविका का अवसर भी मिलेगा, जो उनके लिए एक बड़ी खुशी की बात है. ये व्यापारी हर रोज अपनी रोजी-रोटी के लिए आसानी से यहां से कमा सकेंगे.


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यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल शहरी संसाधनों के बेहतर उपयोग का नायाब उदाहरण होगी. साथ ही समावेशी विकास, रोजगार सृजन और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक कदम होगा. फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिलेगी.


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ताकि जाम की समस्या ना हो और यहां आने जाने वाले लोगों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े. क्योंकि, अक्सर फ्लाईओवर के नीचे के स्थान उपेक्षित और अनुपयोगी बने रहते हैं, लेकिन इस योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा.


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एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
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वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की शोध टीम ने दूध प्रोटीन और एलोवेरा से तैयार नवीन मिश्रित एंटासिड टैबलेट के लिए भारतीय पेटेंट हासिल किया है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इस आविष्कार को पेटेंट संख्या 597350 प्रदान किया है। इसका आवेदन संख्या 202311057324 है।यह शोध बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी विभाग में किया गया। आविष्कारक टीम में प्रो. दिनेश चन्द्र राय, प्रो. राज कुमार दुआरी, डॉ. अरविंद, डॉ. रुचि चावला, रिधि पांडे और कृष्ण कुमार शामिल हैं।शोध टीम के नेतृत्वकर्ता प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने इस उपलब्धि को प्राकृतिक पाचन स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पेटेंट डेयरी फार्म और शोध प्रयोगशाला से निकलकर समाज के दैनिक जीवन तक पहुंचने वाले नवाचार का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि पेटेंट मिलने के बाद इस तकनीक के क्लिनिकल परीक्षण, उत्पादन विस्तार और व्यावसायीकरण की संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही, अम्लता की समस्या के दैनिक प्रबंधन के लिए प्रोटीन युक्त विकल्प विकसित करने की दिशा में भी यह शोध उपयोगी हो सकता है।ALSO READ : बीएचयू में 7वें बाल चिकित्सा डायलिसिस एवं चिकित्सीय एफेरेसिस मॉड्यूल का शुभारंभप्रो. राय के अनुसार, यह उपलब्धि स्वदेशी नवाचार, डेयरी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और साक्ष्य आधारित पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।इस उपलब्धि पर दोनों विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक समुदाय और पूर्ववर्ती छात्र संघों ने शोध टीम को बधाई दी तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में टीम के योगदान की सराहना की।