वाराणसी आ रहा गंगा विलास क्रूज पटना से वापस लौटा, यह बताई जा रही वजह

वाराणसी : गंगा में पर्यटन की हवा निकल जा रही है. इसका जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सबसे लंबी नदी यात्रा पर निकला गंगा विलास क्रूज वाराणसी नहीं आ सका. गंगा का जलस्तर कम होने से यह क्रूज पटना से ही 30 विदेशी पर्यटकों को छोड़कर कोलकाता लौट गया. उन 30 पर्यटकों को सड़क मार्ग से वाराणसी लाया गया. पर्यटक यहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन, सारनाथ भ्रमण और गंगा आरती देखेंगे. इसके बाद 25 पर्यटक वापस अपने देश लौटेंगे और पांच कुछ दिन काशी में बिताएंगे.

गंगा बिलास क्रूज कोलकाता से वाराणसी के लिए 12 नवंबर को रवाना हुआ. अमेरिका, जर्मनी और स्विट्जरलैंड के 30 पर्यटक इस क्रूज में सफर कर रहे थे. जनवरी 2023 और अक्टूबर 2024 के बाद यह जलयान तीसरी बार वाराणसी आ रहा था. गंगा के रास्ते में इस क्रूज ने पर्यटकों को 15 स्थलों के धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक स्थलों तथा शहरों के विशेष स्थानों का भ्रमण कराया.
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इन ठहराव स्थलों पर पर्यटकों ने धार्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के साथ साथ स्थानीय विशेष स्थानों का भ्रमण किया. पटना से वाराणसी के लिए आगे बढने पर गंगा का जलस्तर कम होने की वजह से क्रूज को रोक दिया गया. इसके बाद पर्यटकों को सडक मार्ग से वाराणसी लाया गया. जहां वे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे, गंगा आरती देखेंगे और सारनाथ के पर्यटन स्थलों पर भी जाएंगे.



