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आचार्य (संस्कृत) डिग्रीधारक प्रवक्ता पद के लिए कर सकेंगे आवेदन, शासन ने दूर किया भ्रम

आचार्य (संस्कृत) डिग्रीधारक प्रवक्ता पद के लिए कर सकेंगे आवेदन, शासन ने दूर किया भ्रम
Oct 07, 2026, 03:02 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य (संस्कृत) की उपाधि प्राप्त अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश शासन के माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-5 ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय से प्रदान की जाने वाली आचार्य (संस्कृत) उपाधि स्नातकोत्तर उपाधि है। ऐसे अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 06/2026 के तहत प्रवक्ता (संस्कृत) पद के लिए आवेदन कर सकेंगे।


प्रवक्ता (संस्कृत) के पद पर आवेदन के लिए शैक्षिक अर्हता को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी थी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा ने विद्यार्थियों के शैक्षिक हित और रोजगार के अवसरों को देखते हुए यह मामला उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से भी संवाद कर पूरे मामले से अवगत कराया।


शासन ने आयोग को पत्र भेजकर स्थिति की स्पष्ट


कुलपति के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा अनुभाग-5 ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की। शासन ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से निर्गत आचार्य (संस्कृत) विषय की उपाधि स्नातकोत्तर उपाधि है और इस योग्यता वाले अभ्यर्थियों को प्रवक्ता (संस्कृत) पद के लिए आवेदन करने में कोई कठिनाई नहीं है।


कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि विज्ञापन को लेकर उत्पन्न स्थिति किसी नीतिगत निर्णय या संस्कृत विषय की उपेक्षा का परिणाम नहीं थी, बल्कि भाषा, शब्दावली अथवा कार्यालयीय स्तर पर उत्पन्न भ्रम के कारण असमंजस की स्थिति बनी थी। शासन की ओर से स्पष्टीकरण जारी होने के बाद अब आचार्य उपाधिधारकों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है।


‘अभ्यर्थी भ्रम में न रहें’


कुलपति ने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य (संस्कृत) की उपाधि प्राप्त सभी अभ्यर्थियों से अपील की कि शासन के स्पष्टीकरण के बाद वे किसी प्रकार के भ्रम में न रहें। यदि वे विज्ञापन में निर्धारित अन्य आवश्यक शर्तों को पूरा करते हैं तो प्रवक्ता (संस्कृत) पद के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।


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उन्होंने कहा कि शासन का यह स्पष्टीकरण वर्तमान भर्ती प्रक्रिया के साथ-साथ आचार्य (संस्कृत) उपाधि के स्नातकोत्तर स्वरूप की आधिकारिक स्थिति को भी स्पष्ट करता है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की शैक्षिक योग्यता, रोजगार के अवसर और भविष्य की संभावनाओं के प्रति लगातार सक्रिय रहेगा।


प्रो. शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और ज्ञान-परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सकारात्मक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के आचार्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और संस्कृत जगत से जुड़े लोगों से शासन के इस स्पष्टीकरण की जानकारी पात्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि कोई अभ्यर्थी भ्रम के कारण आवेदन के अवसर से वंचित न रह जाए।

खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला से उकेरा दीप...
खिलाड़ियों और विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला से उकेरा दीप...
वाराणसी:खेल के मैदान पर जब खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और अनुशासन का अनूठा प्रदर्शन किया तो नजारा देखने लायक बन गया। शुक्रवार को परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में खेल गतिविधियों की जगह एक अनोखा आयोजन हुआ। यहां 410 बालक-बालिकाओं ने एक साथ बैठकर अपने शरीर की आकृति से विशाल दीप का स्वरूप तैयार किया। विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की इस अनूठी पहल ने भारतीय परंपरा, एकता और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।आमतौर पर मिनी स्टेडियम में खिलाड़ियों की दौड़, अभ्यास और विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार मैदान में खेल से इतर रचनात्मकता का अनूठा संगम नजर आया। निर्धारित स्थान पर छात्र-छात्राओं ने अनुशासित ढंग से बैठकर दीप की आकर्षक आकृति बनाई। ऊपर से देखने पर खिलाड़ियों और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किया गया यह स्वरूप बेहद मनमोहक दिखाई दे रहा था।AlSO READ: काशी के सर्राफा बाजार में छूट दे रही चुनौती, 0% मेकिंग चार्ज का दावा, कारोबारियों में मची होड़...कार्यक्रम के संयोजक डॉ. एके सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य 410 बालक-बालिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों को अपनी भारतीय परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का छोटा सा प्रयास करना है। खेल और शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का जुड़ाव भी जरूरी है।
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वाराणसी : काशी के सर्राफा बाजार में इन दिनों ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए व्‍यवसायियों के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिल रही है. सोने की कीमतों के बीच ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए मेकिंग चार्ज में भारी छूट के ऑफर दिए जा रहे हैं. कुछ प्रमोशनल ऑफर्स में तो सीधे 0 प्रतिशत मेकिंग चार्ज तक का दावा किया जा रहा है.बाजार में बढ़ती इस प्रतिस्पर्धा ने सर्राफा कारोबार के पारंपरिक गणित बहस छेड दी है. एक ओर ग्राहक अलग-अलग शोरूम की पेशकश की तुलना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कारोबारियों के सामने ग्राहकों को बनाए रखने और प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने की चुनौती बढ़ रही है. जेवरों की खरीदारी में मेकिंग चार्ज, डिजाइन, कारीगरी और निर्माण लागत से जुड़ा होता है. ऐसे में जब कोई शोरूम शून्य मेकिंग चार्ज का दावा करता है, तो ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि छूट किन डिजाइनों पर लागू है और अंतिम बिल में कितनी वास्तविक बचत हो रही है.ALSO READ: महिला संग लूट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, डालर समेत 46 हजार नकद बरामद...बड़े ब्रांड भी दे रहे हैं आकर्षक छूटदेशभर में धनतेरस और दीपावली के अवसर पर बड़े ज्वैलरी ब्रांडों ने भी मेकिंग चार्ज में भारी छूट का प्रस्‍ताव दिया है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ ब्रांड 25 से 50 प्रतिशत तक की छूट दे रहे हैं. ज्वैलरी ब्रांडों के विस्तार और आकर्षक ऑफर्स के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हुई है. ज्वैलरी उद्योग से जुड़े कुछ अनाम कारोबारी सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आ रही है कि प्रतिस्पर्धा के दबाव में कुछ दुकानदार बेहद कम मार्जिन पर कारोबार करने को मजबूर हैं.
महिला संग लूट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, डालर समेत 46 हजार नकद बरामद...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में अमेरिकी डॉलर दिखाकर धोखाधड़ी और लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ऐढ़े अंडरपास के नीचे घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दो मोटरसाइकिलों के साथ दबोच लिया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 4 नवंबर को खजुरी रोड पर एक महिला से 1.20 लाख रुपये लूटे थे. गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 46,005 रुपये नकद, 60 अमेरिकी डॉलर, दो मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद हुए हैं.पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ एक अहम सफलता माना जा रहा है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेख रफीक, प्रमोद कुमार और मोहम्मद इब्राहिम के रूप में हुई है. इनमें शेख रफीक गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र का रहने वाला है. वहीं, प्रमोद कुमार और मोहम्मद इब्राहिम उत्तर-पूर्वी दिल्ली के निवासी बताए गए हैं.पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त शेख रफीक का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है. उसके खिलाफ रामपुर जनपद के कोतवाली थाने में डकैती और आर्म्स एक्ट से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं. वहीं, वर्तमान मामले में लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा संख्या 358/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है.ALSO READ: BHU में दस दिन बाद छात्रसंघ बहाली का धरना समाप्त, कुलपति ने कमेटी की रिपोर्ट के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का दिया भरोसाइस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया. पुलिस टीम में पुलिस टीम में उपनिरीक्षक दिनेश सिंह, प्रद्युम्न राय, श्याम नारायण यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें जेल भेज दिया है. फिलहाल, वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.