174 जिंदगियां बचाने वाले कैप्टन स्मिट के सम्मान में BHU में निकला प्रार्थना मार्च, गूंजा ‘कैप्टन स्मिट जिंदाबाद’ का जयघोष

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में बुधवार को 174 जिंदगियों को बचाने वाले कैप्टन स्मिट के सम्मान और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना को लेकर प्रार्थना मार्च निकाला गया। विश्वनाथ मंदिर से शुरू हुआ मार्च MMV चौराहे तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान परिसर में कैप्टन स्मिट के सम्मान में जयघोष भी गूंजता रहा।
मार्च के माध्यम से विद्यार्थियों ने कठिन परिस्थितियों में कैप्टन स्मिट द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदना के प्रति सम्मान व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने बाबा विश्वनाथ से कैप्टन स्मिट के शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

शोध छात्र पल्लव सुमन ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में 174 लोगों की जान बचाने का साहस मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मिट का साहस युवाओं को मानव सेवा और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
विश्वविद्यालय के छात्र पुनीत मिश्रा ने कहा कि भारत के ऐसे वीर अपनी त्याग और समर्पण की संस्कृति का परिचय विश्व पटल पर देते हैं। ऐसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए हमेशा आदर्श बने रहते हैं।
विधि छात्र अनुराग ने कहा कि BHU के युवाओं को कैप्टन स्मिट पर गर्व है। उन्होंने कहा कि अपने बहते रक्त की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाना उनके कर्तव्य और मानवीय संवेदना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महामना की बगिया से बाबा विश्वनाथ को प्रणाम कर कैप्टन स्मिट के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई।
ALSO READ : BHU में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर, बालिकाओं को लगाया गया HPV टीका
प्रार्थना मार्च में दिव्यांश विश्वास, शिवम, मोहित, नम्रता, खुशी, स्वाति, गौरव समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे। मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने कैप्टन स्मिट के साहस को याद करते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।



