IMS-BHU में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया, वृद्धाश्रम में 22 बुजुर्ग महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण.

वाराणसी : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र (National Centre of Ageing-NCA), चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS), काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की थीम “The Age of Longevity: Rethinking Systems for Longer Lives” यानी “दीर्घायु का युग: लंबी आयु के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार” रही।
राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र के नोडल अधिकारी प्रो. अनूप सिंह के नेतृत्व में NPHCE के विद्यार्थियों और स्टाफ ने OPD में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था, बीमारियों की रोकथाम, कार्यात्मक स्वतंत्रता तथा बुजुर्गों को सम्मानजनक और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराने की जरूरत को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।
इसके बाद एक वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शिविर में वहां रह रहीं 22 महिला वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच की गई। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आवश्यकतानुसार उपचार और चिकित्सकीय परामर्श दिया। शिविर में रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच के साथ फिजियोथेरेपी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
लंबी उम्र के साथ स्वस्थ जीवन भी जरूरी
कार्यक्रम में बताया गया कि दुनिया में लोग पहले की तुलना में अधिक लंबा जीवन जी रहे हैं, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मांसपेशियों की कमजोरी, गिरने का जोखिम, स्मृति संबंधी समस्याएं और कार्यात्मक अक्षमता जैसी स्वास्थ्य चुनौतियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में केवल जीवन की अवधि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बुजुर्गों को स्वस्थ, सक्रिय, स्वतंत्र और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र को विकसित किया जा रहा है। केंद्र के माध्यम से वृद्धजनों के लिए समग्र जेरियाट्रिक स्वास्थ्य सेवाओं, पुनर्वास, प्रशिक्षण और अनुसंधान के साथ स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
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कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि “दीर्घायु का युग” केवल अधिक वर्षों तक जीवन जीने तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के अतिरिक्त वर्षों को स्वस्थ, सक्रिय, स्वतंत्र, सम्मानजनक और सार्थक बनाने से जुड़ा है। राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य केंद्र इसी दिशा में वृद्धजन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की पहल के रूप में कार्य कर रहा है।



